खत्म होगा महंगाई का नामोनिशान, RBI ने बनाया Loan Emi कम करने का मास्टर प्लान!

Business News

आने वाले महीनों में आम लोगों को लोन ईएमआई से और भी ज्यादा राहत मिलने की उम्मीदें हैं. इस बात के संकेत आरबीआई और अधिकारियों के बयानों से निकलकर सामने आ रहे हैं. उनका कहना है कि महंगाई का डाटा जैसे-जैसे कम होगा, आम लोगों को ब्याज दरों से राहत मिलती रहेगी. जोकि देश की इकोनॉमी के लिए भी काफी जरूरी है.

करीब दो हफ्ते पहले भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग खत्म होने के बाद आम लोगों को बड़ी राहत दी थी. उन्होंने 5 साल के बाद आरबीआई रेपो रेट में कटौती की थी. ये कटौती 0.25 फीसदी की गई थी. इस कटौती के बाद आरबीआई की रेपो दरें 6.50 से घटकर 6.25 फीसदी हो गई थी. अब जो खबरें निकल सामने आई हैं, वो आम लोगों को और भी राहत की सांस दे सकती है. आरबीआई ने लोन आम लोगों की लोन ईएमआई करने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है. इस मास्टर प्लान के तहत मौजूदा साल में रे दरों को डेढ़ फीसदी तक कम की जा सकती है. इसका मतलब है कि दिसंबर महीने की मीटिंग तक लोन ईएमआई को 5 फीसदी तक कम किया जा सकता है. इसके बड़े संकेत खुद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दिए हैं.

वास्तव में महंगाई को लेकर फरवरी के महीने में बड़ा अपडेट सामने आया है. सरकारी रिपोर्ट के अनुसार जनवरी के महीने में रिटेल महंगाई की दरें 5 महीने के लोअर लेवल पर आ गई हैं. आरबीआई गवर्नर को भरोसा है कि आने वाले महीनों में महंगाई का नामोनिशान देश से खत्म होने वाला है. ऐसे में आम लोगों को राहत देने में कोई परेशानी नहीं होगी. लोन ईएमआई कम होगी तो आम लोगों को बचत होगी. जिससे घरेलू कंजंप्शन में इजाफा होगा और देश की इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा. मौजूदा समय में अमेरिका से लेकर यूरोप और दुनिया के कई देश महंगाई को कंट्रोल करने में जुटे हुए हैं. वहीं दूसरी ओर भारत इकोनॉमी को बूस्ट करने में जुट गया है. साथ ही आम लोगों की लोन ईएमआई को कम करने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है. आइए आपको भी आरबीआई के इस मास्टर प्लान के बारे विस्तार से समझाने की कोशिश करते हैं.

मॉनेटरी पॉलिसी का सामने आया ब्योरा

आरबीआई एमपीसी की हाल में हुई बैठक में सदस्यों की बातों का ब्योरा सामने आया है. जिसमें आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने अपने इस ब्योरे में कहा कि व्यापक आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए महंगाई के लक्ष्य के अनुरूप रहने की उम्मीद है, और यह मानते हुए कि मॉनेटरी पॉलिसी भविष्योन्मुखी है, मैं इस समय कम पॉलिसी रेट को अधिक सही मानता हूं. उन्होंने अपनी पहली एमपीसी बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वैश्विक वित्तीय बाजारों और ट्रेड पॉलिसी के मोर्चे पर बढ़ती अनिश्चितताओं के साथ ही मौसम की प्रतिकूल घटनाओं के कारण महंगाई और वृद्धि के लिहाज से जोखिम पैदा हो रहा है. केंद्रीय बैंक ने दर में कमी की है, हालांकि उसने मॉनेटरी पॉलिसी के तटस्थ रुख को जारी रखा है. मल्होत्रा ​​ने कहा कि इससे उभरते व्यापक आर्थिक माहौल पर प्रतिक्रिया करने के लिए लचीलापन मिलेगा. इस कदम से मॉनेटरी पॉलिसी अपने लक्ष्य को पूरा करने और भारतीय इकोनॉमी की सतत वृद्धि में अपनी भूमिका निभा सकेगी.

महंगाई में आई है कमी

महंगाई में अक्टूबर के बाद से नरमी आई है. जनवरी में यह पांच महीने के निचले स्तर 4.3 फीसदी पर थी. एमपीसी सदस्य और आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एम राजेश्वर राव ने कहा कि महंगाई के चार प्रतिशत के लक्ष्य की ओर बढ़ने के साथ ही रेपो दर में कमी से आर्थिक वृद्धि के बारे में चिंताओं को दूर करने में मदद मिलेगी. राव ने कहा कि बजट में घोषित राजकोषीय उपायों के साथ इस मौद्रिक नीति उपाय से ओवरऑल डिमांड की स्थिति को बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा, सरकार ने राजकोषीय मजबूती के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है, जिससे मध्यम अवधि में महंगाई को स्थिर करने में मदद मिलेगी. आरबीआई के कार्यकारी निदेशक और एमपीसी के सदस्य राजीव रंजन ने कहा कि फरवरी 2025 में नीतिगत दर में कटौती सबसे तर्कसंगत और उचित कदम है.

क्या है आरबीआई का प्लान?

जानकारों का अनुमान है कि जिस तरह से महंगाई को लेकर आरबीआई का रुख है और उम्मीद है कि आने वाले महीनों में महंगाई के आंकड़े 4 फीसदी से भी नीचे जा सकते हैं. उससे साफ लग रहा है कि आरबीआई मौजूदा साल में रेपो दरों में 1.5 फीसदी तक की कटौती कर सकता है. जिसमें से आरबीआई एक बार 0.25 फीसदी की कटौती कर सकता है. नाम ना प्रकाशित करने की शर्त एक एक्सपर्ट ने जानकारी देते हुए कहा कि दिसंबर तक आरबीआई 5 और मीटिंग होनी है. अप्रैल, जून, अगस्त, अक्टूबर और दिसंबर महीने की मॉनेटरी पॉलिसी में 25—25 बेसिस प्वाइंट की कटौती करने की प्लानिंग चल रही है. इसका मतलब है कैलेंडर ईयर के हिसाब से पूरे साल में 1.50 फीसदी तक की कटौती देखने को मिल सकती है और रेपो दरे 5 फीसदी तक आ जाएगी. इससे किसी भी मोर्चे पर बोझ नहीं पड़ेगा.

इकोनॉमी के मोर्चे पर भी फोकस

एक्सपर्ट के अनुसार आरबीआई का फोकस इकोनॉमी के मोर्चे पर भी है. ब्याज दरों में कटौती करने का असल मकसद इकोनॉमी को ऊपर उठाना है. आरबीआई ने मौजूदा वित्त वर्ष की जीडीपी का अनुमान 6.4 फीसदी रखा है. जबकि तीसरी तिमाही को लेकर यूनियन बैंक की ओर से जो अनुमान आया है वो 6 फीसदी से ज्यादा है. जो कि दूसरी तिमाही से बेहतर है. जोकि 5.4 फीसदी पर था. कुछ दिन पहले एसबीआई ने मौजूदा वित्त वर्ष के जीडीपी अनुमान 6.3 फीसदी रखा है. जबकि तीसरी तिमाही के अनुमान 6.2 से 6.3 फीसदी तक रखा गया है. एनएसओ की ओर से ग्रोथ अनुमान 6.4 फीसदी है. मतलब साफ है कि वित्त वर्ष 2025 में देश की जीडीपी स्लो देखने को मिल रही है. वहीं वित्त वर्ष 2026 के लिए आरबीआई का अनुमान 6.75 फीसदी तय किया है. लेकिन ग्रोथ के लिए आरबीआई को पाथ बना रहा है, अगर उस पर चलता है तो आरबीआई अपने अनुमान को 7 फीसदी या उससे ऊपर भी लेकर जा सकता है.

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
23 Feb 2025 By दैनिक जागरण

खत्म होगा महंगाई का नामोनिशान, RBI ने बनाया Loan Emi कम करने का मास्टर प्लान!

Business News

करीब दो हफ्ते पहले भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग खत्म होने के बाद आम लोगों को बड़ी राहत दी थी. उन्होंने 5 साल के बाद आरबीआई रेपो रेट में कटौती की थी. ये कटौती 0.25 फीसदी की गई थी. इस कटौती के बाद आरबीआई की रेपो दरें 6.50 से घटकर 6.25 फीसदी हो गई थी. अब जो खबरें निकल सामने आई हैं, वो आम लोगों को और भी राहत की सांस दे सकती है. आरबीआई ने लोन आम लोगों की लोन ईएमआई करने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है. इस मास्टर प्लान के तहत मौजूदा साल में रे दरों को डेढ़ फीसदी तक कम की जा सकती है. इसका मतलब है कि दिसंबर महीने की मीटिंग तक लोन ईएमआई को 5 फीसदी तक कम किया जा सकता है. इसके बड़े संकेत खुद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दिए हैं.

वास्तव में महंगाई को लेकर फरवरी के महीने में बड़ा अपडेट सामने आया है. सरकारी रिपोर्ट के अनुसार जनवरी के महीने में रिटेल महंगाई की दरें 5 महीने के लोअर लेवल पर आ गई हैं. आरबीआई गवर्नर को भरोसा है कि आने वाले महीनों में महंगाई का नामोनिशान देश से खत्म होने वाला है. ऐसे में आम लोगों को राहत देने में कोई परेशानी नहीं होगी. लोन ईएमआई कम होगी तो आम लोगों को बचत होगी. जिससे घरेलू कंजंप्शन में इजाफा होगा और देश की इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा. मौजूदा समय में अमेरिका से लेकर यूरोप और दुनिया के कई देश महंगाई को कंट्रोल करने में जुटे हुए हैं. वहीं दूसरी ओर भारत इकोनॉमी को बूस्ट करने में जुट गया है. साथ ही आम लोगों की लोन ईएमआई को कम करने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है. आइए आपको भी आरबीआई के इस मास्टर प्लान के बारे विस्तार से समझाने की कोशिश करते हैं.

मॉनेटरी पॉलिसी का सामने आया ब्योरा

आरबीआई एमपीसी की हाल में हुई बैठक में सदस्यों की बातों का ब्योरा सामने आया है. जिसमें आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने अपने इस ब्योरे में कहा कि व्यापक आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए महंगाई के लक्ष्य के अनुरूप रहने की उम्मीद है, और यह मानते हुए कि मॉनेटरी पॉलिसी भविष्योन्मुखी है, मैं इस समय कम पॉलिसी रेट को अधिक सही मानता हूं. उन्होंने अपनी पहली एमपीसी बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वैश्विक वित्तीय बाजारों और ट्रेड पॉलिसी के मोर्चे पर बढ़ती अनिश्चितताओं के साथ ही मौसम की प्रतिकूल घटनाओं के कारण महंगाई और वृद्धि के लिहाज से जोखिम पैदा हो रहा है. केंद्रीय बैंक ने दर में कमी की है, हालांकि उसने मॉनेटरी पॉलिसी के तटस्थ रुख को जारी रखा है. मल्होत्रा ​​ने कहा कि इससे उभरते व्यापक आर्थिक माहौल पर प्रतिक्रिया करने के लिए लचीलापन मिलेगा. इस कदम से मॉनेटरी पॉलिसी अपने लक्ष्य को पूरा करने और भारतीय इकोनॉमी की सतत वृद्धि में अपनी भूमिका निभा सकेगी.

महंगाई में आई है कमी

महंगाई में अक्टूबर के बाद से नरमी आई है. जनवरी में यह पांच महीने के निचले स्तर 4.3 फीसदी पर थी. एमपीसी सदस्य और आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एम राजेश्वर राव ने कहा कि महंगाई के चार प्रतिशत के लक्ष्य की ओर बढ़ने के साथ ही रेपो दर में कमी से आर्थिक वृद्धि के बारे में चिंताओं को दूर करने में मदद मिलेगी. राव ने कहा कि बजट में घोषित राजकोषीय उपायों के साथ इस मौद्रिक नीति उपाय से ओवरऑल डिमांड की स्थिति को बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा, सरकार ने राजकोषीय मजबूती के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है, जिससे मध्यम अवधि में महंगाई को स्थिर करने में मदद मिलेगी. आरबीआई के कार्यकारी निदेशक और एमपीसी के सदस्य राजीव रंजन ने कहा कि फरवरी 2025 में नीतिगत दर में कटौती सबसे तर्कसंगत और उचित कदम है.

क्या है आरबीआई का प्लान?

जानकारों का अनुमान है कि जिस तरह से महंगाई को लेकर आरबीआई का रुख है और उम्मीद है कि आने वाले महीनों में महंगाई के आंकड़े 4 फीसदी से भी नीचे जा सकते हैं. उससे साफ लग रहा है कि आरबीआई मौजूदा साल में रेपो दरों में 1.5 फीसदी तक की कटौती कर सकता है. जिसमें से आरबीआई एक बार 0.25 फीसदी की कटौती कर सकता है. नाम ना प्रकाशित करने की शर्त एक एक्सपर्ट ने जानकारी देते हुए कहा कि दिसंबर तक आरबीआई 5 और मीटिंग होनी है. अप्रैल, जून, अगस्त, अक्टूबर और दिसंबर महीने की मॉनेटरी पॉलिसी में 25—25 बेसिस प्वाइंट की कटौती करने की प्लानिंग चल रही है. इसका मतलब है कैलेंडर ईयर के हिसाब से पूरे साल में 1.50 फीसदी तक की कटौती देखने को मिल सकती है और रेपो दरे 5 फीसदी तक आ जाएगी. इससे किसी भी मोर्चे पर बोझ नहीं पड़ेगा.

इकोनॉमी के मोर्चे पर भी फोकस

एक्सपर्ट के अनुसार आरबीआई का फोकस इकोनॉमी के मोर्चे पर भी है. ब्याज दरों में कटौती करने का असल मकसद इकोनॉमी को ऊपर उठाना है. आरबीआई ने मौजूदा वित्त वर्ष की जीडीपी का अनुमान 6.4 फीसदी रखा है. जबकि तीसरी तिमाही को लेकर यूनियन बैंक की ओर से जो अनुमान आया है वो 6 फीसदी से ज्यादा है. जो कि दूसरी तिमाही से बेहतर है. जोकि 5.4 फीसदी पर था. कुछ दिन पहले एसबीआई ने मौजूदा वित्त वर्ष के जीडीपी अनुमान 6.3 फीसदी रखा है. जबकि तीसरी तिमाही के अनुमान 6.2 से 6.3 फीसदी तक रखा गया है. एनएसओ की ओर से ग्रोथ अनुमान 6.4 फीसदी है. मतलब साफ है कि वित्त वर्ष 2025 में देश की जीडीपी स्लो देखने को मिल रही है. वहीं वित्त वर्ष 2026 के लिए आरबीआई का अनुमान 6.75 फीसदी तय किया है. लेकिन ग्रोथ के लिए आरबीआई को पाथ बना रहा है, अगर उस पर चलता है तो आरबीआई अपने अनुमान को 7 फीसदी या उससे ऊपर भी लेकर जा सकता है.

https://www.dainikjagranmpcg.com/business/rbi-made-a-master-plan-to-reduce-loan-emi-of/article-11289

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.