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सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटा, मेटल और आईटी शेयरों में बिकवाली से बाजार दबाव में
Digital Desk
वेदांता के शेयर में 6% गिरावट और मेटल-आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली के बीच सेंसेक्स 76,550 और निफ्टी 23,900 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार के दौरान कमजोरी का माहौल देखने को मिला। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और चुनिंदा सेक्टरों में बिकवाली के दबाव के चलते बीएसई सेंसेक्स 500 अंक से अधिक टूटकर 76,550 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी करीब 180 अंक फिसलकर 23,900 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में सबसे अधिक दबाव मेटल और आईटी शेयरों पर रहा, जबकि वेदांता के शेयर में आई तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
कारोबार के शुरुआती घंटों से ही निवेशकों का रुख सतर्क नजर आया। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के साथ कई दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते रहे।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में आई तेजी के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली भी गिरावट का एक प्रमुख कारण रही। विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक बाजारों के संकेतों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है।
वेदांता में तेज गिरावट
कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा वेदांता के शेयरों की रही। ब्लॉक डील के जरिए प्रमोटर समूह द्वारा लगभग ₹2,149 करोड़ मूल्य की हिस्सेदारी बेचे जाने की खबर के बाद कंपनी का शेयर करीब 6 प्रतिशत तक टूट गया।
विश्लेषकों का कहना है कि बड़ी हिस्सेदारी की बिक्री से बाजार में सप्लाई बढ़ने की आशंका रहती है, जिससे अल्पकालिक दबाव बन सकता है। इसका असर मेटल सेक्टर के अन्य शेयरों पर भी देखा गया।
एशियाई बाजारों का असर
एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी मंगलवार को कमजोरी दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया, जापान और हांगकांग के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। वैश्विक निवेशकों के सतर्क रुख और आर्थिक चिंताओं का असर क्षेत्रीय बाजारों पर पड़ा।
दूसरी ओर, अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला था। डाउ जोंस बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डैक और एसएंडपी 500 में गिरावट दर्ज की गई। इसका प्रभाव भी भारतीय निवेशकों की धारणा पर पड़ा।
इसी बीच प्राथमिक बाजार में गतिविधियां जारी हैं। कॉर्डेलिया क्रूज ब्रांड संचालित करने वाली कंपनी वाटरवेज लीजर टूरिज्म का आईपीओ मंगलवार से निवेशकों के लिए खुल गया। कंपनी इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए ₹585 करोड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर आई है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की हालिया खरीदारी ने बाजार को कुछ समर्थन जरूर दिया है, लेकिन वैश्विक संकेतों और सेक्टर आधारित बिकवाली के कारण दबाव बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में निवेशकों की निगाहें वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कॉर्पोरेट अपडेट्स और विदेशी निवेश प्रवाह पर बनी रहेंगी।
फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है और निवेशक सतर्क रणनीति के साथ कारोबार कर रहे हैं। भारत समाचार अपडेट, बिजनेस न्यूज और ट्रेंडिंग न्यूज इंडिया में शेयर बाजार की यह गिरावट निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानी जा रही है।
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सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटा, मेटल और आईटी शेयरों में बिकवाली से बाजार दबाव में
Digital Desk
शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार के दौरान कमजोरी का माहौल देखने को मिला। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और चुनिंदा सेक्टरों में बिकवाली के दबाव के चलते बीएसई सेंसेक्स 500 अंक से अधिक टूटकर 76,550 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी करीब 180 अंक फिसलकर 23,900 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में सबसे अधिक दबाव मेटल और आईटी शेयरों पर रहा, जबकि वेदांता के शेयर में आई तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
कारोबार के शुरुआती घंटों से ही निवेशकों का रुख सतर्क नजर आया। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के साथ कई दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते रहे।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में आई तेजी के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली भी गिरावट का एक प्रमुख कारण रही। विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक बाजारों के संकेतों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है।
वेदांता में तेज गिरावट
कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा वेदांता के शेयरों की रही। ब्लॉक डील के जरिए प्रमोटर समूह द्वारा लगभग ₹2,149 करोड़ मूल्य की हिस्सेदारी बेचे जाने की खबर के बाद कंपनी का शेयर करीब 6 प्रतिशत तक टूट गया।
विश्लेषकों का कहना है कि बड़ी हिस्सेदारी की बिक्री से बाजार में सप्लाई बढ़ने की आशंका रहती है, जिससे अल्पकालिक दबाव बन सकता है। इसका असर मेटल सेक्टर के अन्य शेयरों पर भी देखा गया।
एशियाई बाजारों का असर
एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी मंगलवार को कमजोरी दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया, जापान और हांगकांग के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। वैश्विक निवेशकों के सतर्क रुख और आर्थिक चिंताओं का असर क्षेत्रीय बाजारों पर पड़ा।
दूसरी ओर, अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला था। डाउ जोंस बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डैक और एसएंडपी 500 में गिरावट दर्ज की गई। इसका प्रभाव भी भारतीय निवेशकों की धारणा पर पड़ा।
इसी बीच प्राथमिक बाजार में गतिविधियां जारी हैं। कॉर्डेलिया क्रूज ब्रांड संचालित करने वाली कंपनी वाटरवेज लीजर टूरिज्म का आईपीओ मंगलवार से निवेशकों के लिए खुल गया। कंपनी इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए ₹585 करोड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर आई है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की हालिया खरीदारी ने बाजार को कुछ समर्थन जरूर दिया है, लेकिन वैश्विक संकेतों और सेक्टर आधारित बिकवाली के कारण दबाव बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में निवेशकों की निगाहें वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कॉर्पोरेट अपडेट्स और विदेशी निवेश प्रवाह पर बनी रहेंगी।
फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है और निवेशक सतर्क रणनीति के साथ कारोबार कर रहे हैं। भारत समाचार अपडेट, बिजनेस न्यूज और ट्रेंडिंग न्यूज इंडिया में शेयर बाजार की यह गिरावट निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानी जा रही है।
