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यूसीसी पर 90% से अधिक समर्थन का दावा, सीएम मोहन यादव बोले- जनता बदलाव के पक्ष में
Digital Desk
Uniform Civil Code को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने जनसुझाव अभियान चलाया, मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकांश नागरिकों ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावा किया है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code-UCC) के संबंध में राज्य सरकार को प्राप्त सुझावों में 90 प्रतिशत से अधिक नागरिकों ने इसका समर्थन किया है। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही है और इसके लिए जनभागीदारी आधारित परामर्श प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने यूसीसी के मसौदे और उसके संभावित स्वरूप पर आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विभिन्न धार्मिक समुदायों और विशेषज्ञों से राय मांगी थी। सरकार का कहना है कि प्राप्त प्रतिक्रियाओं में बड़ी संख्या में लोगों ने एक समान कानूनी व्यवस्था की आवश्यकता जताई है।
राज्य सरकार ने इससे पहले यूसीसी के अध्ययन और सुझावों के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। अधिकारियों के अनुसार, इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश कर रहे हैं और इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं। समिति ने राज्य के अलग-अलग जिलों में जाकर नागरिकों और हितधारकों से संवाद किया है।
जनसुझाव अभियान
सरकार ने यूसीसी पर सुझाव लेने के लिए एक समर्पित पोर्टल भी शुरू किया था, जिसके माध्यम से नागरिकों को अपनी राय दर्ज करने का अवसर दिया गया। मुख्यमंत्री ने पहले भी जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों को निर्देश दिए थे कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को इस प्रक्रिया में शामिल किया जाए ताकि अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सुझाव एकत्र करने की प्रक्रिया के दौरान स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं और पंचायत स्तर तक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। सरकार का उद्देश्य विभिन्न वर्गों की राय लेकर व्यापक सहमति तैयार करना बताया गया है।
यूसीसी पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार कह रहे हैं कि अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के बजाय एक समान नागरिक व्यवस्था समय की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा है कि उत्तराखंड, गुजरात और असम जैसे राज्यों के अनुभवों का अध्ययन किया जा रहा है और मध्य प्रदेश भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, समिति की अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य सरकार यूसीसी के मसौदे को अंतिम रूप दे सकती है। मुख्यमंत्री पहले संकेत दे चुके हैं कि आगामी विधानसभा सत्र में इस विषय से संबंधित विधायी पहल की जा सकती है।
आगे की राह
यूनिफॉर्म सिविल कोड देश में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। समर्थकों का मानना है कि इससे सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित होगी, जबकि विभिन्न समूह इसके सामाजिक और कानूनी प्रभावों पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता बताते रहे हैं।
फिलहाल मध्य प्रदेश सरकार जनसुझावों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यदि प्राप्त प्रतिक्रियाओं का रुझान इसी तरह बना रहता है तो Uniform Civil Code को लेकर राज्य में अगला कदम जल्द सामने आ सकता है। यह विषय आने वाले दिनों में भारत समाचार अपडेट, सरकारी अपडेट और राष्ट्रीय स्तर की पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में चर्चा में बना रह सकता है।
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यूसीसी पर 90% से अधिक समर्थन का दावा, सीएम मोहन यादव बोले- जनता बदलाव के पक्ष में
Digital Desk
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावा किया है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code-UCC) के संबंध में राज्य सरकार को प्राप्त सुझावों में 90 प्रतिशत से अधिक नागरिकों ने इसका समर्थन किया है। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही है और इसके लिए जनभागीदारी आधारित परामर्श प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने यूसीसी के मसौदे और उसके संभावित स्वरूप पर आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विभिन्न धार्मिक समुदायों और विशेषज्ञों से राय मांगी थी। सरकार का कहना है कि प्राप्त प्रतिक्रियाओं में बड़ी संख्या में लोगों ने एक समान कानूनी व्यवस्था की आवश्यकता जताई है।
राज्य सरकार ने इससे पहले यूसीसी के अध्ययन और सुझावों के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। अधिकारियों के अनुसार, इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश कर रहे हैं और इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं। समिति ने राज्य के अलग-अलग जिलों में जाकर नागरिकों और हितधारकों से संवाद किया है।
जनसुझाव अभियान
सरकार ने यूसीसी पर सुझाव लेने के लिए एक समर्पित पोर्टल भी शुरू किया था, जिसके माध्यम से नागरिकों को अपनी राय दर्ज करने का अवसर दिया गया। मुख्यमंत्री ने पहले भी जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों को निर्देश दिए थे कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को इस प्रक्रिया में शामिल किया जाए ताकि अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सुझाव एकत्र करने की प्रक्रिया के दौरान स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं और पंचायत स्तर तक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। सरकार का उद्देश्य विभिन्न वर्गों की राय लेकर व्यापक सहमति तैयार करना बताया गया है।
यूसीसी पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार कह रहे हैं कि अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के बजाय एक समान नागरिक व्यवस्था समय की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा है कि उत्तराखंड, गुजरात और असम जैसे राज्यों के अनुभवों का अध्ययन किया जा रहा है और मध्य प्रदेश भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, समिति की अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य सरकार यूसीसी के मसौदे को अंतिम रूप दे सकती है। मुख्यमंत्री पहले संकेत दे चुके हैं कि आगामी विधानसभा सत्र में इस विषय से संबंधित विधायी पहल की जा सकती है।
आगे की राह
यूनिफॉर्म सिविल कोड देश में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। समर्थकों का मानना है कि इससे सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित होगी, जबकि विभिन्न समूह इसके सामाजिक और कानूनी प्रभावों पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता बताते रहे हैं।
फिलहाल मध्य प्रदेश सरकार जनसुझावों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यदि प्राप्त प्रतिक्रियाओं का रुझान इसी तरह बना रहता है तो Uniform Civil Code को लेकर राज्य में अगला कदम जल्द सामने आ सकता है। यह विषय आने वाले दिनों में भारत समाचार अपडेट, सरकारी अपडेट और राष्ट्रीय स्तर की पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में चर्चा में बना रह सकता है।
