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सेंसेक्स 1636 अंक गिरकर 71,948 पर बंद, निफ्टी भी टूटा; बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली से बाजार में हड़कंप
बिजनेस न्यूज
वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी बाजारों की कमजोरी से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव
भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1636 अंक यानी 2.22% गिरकर 71,948 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 488 अंक यानी 2.14% टूटकर 22,331 पर आ गया। दिनभर के कारोबार में बिकवाली का दबाव हावी रहा, खासकर बैंकिंग, रियल्टी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में। “आज की ताज़ा ख़बरें” और “भारत समाचार अपडेट” में यह गिरावट प्रमुखता से देखी जा रही है।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जो बाजार की व्यापक कमजोरी को दर्शाता है। निवेशकों में सतर्कता और अनिश्चितता साफ दिखाई दी, जिसके चलते बाजार में लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण रहे। पहला, अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। दूसरा, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जो बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। तीसरा, अमेरिकी और एशियाई बाजारों में आई गिरावट का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है।
वैश्विक बाजारों का असर
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। जापान का निक्केई इंडेक्स 2.79% गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.97% नीचे बंद हुआ। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी गिरावट में रहा, हालांकि चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।
वहीं, अमेरिकी बाजारों में भी पिछली ट्रेडिंग सेशन में गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स 793 अंक गिरा, जबकि नैस्डैक और S&P 500 इंडेक्स भी कमजोरी के साथ बंद हुए।
विशेषज्ञ बताते हैं कि 28 फरवरी को ईरान से जुड़े तनाव शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। पहले यह करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी, जो अब 116 डॉलर तक पहुंच गई है। इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और शेयर बाजारों पर पड़ रहा है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा स्थिति में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। वैश्विक अनिश्चितता और महंगाई का दबाव बाजार में उतार-चढ़ाव बनाए रख सकता है।
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सेंसेक्स 1636 अंक गिरकर 71,948 पर बंद, निफ्टी भी टूटा; बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली से बाजार में हड़कंप
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भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1636 अंक यानी 2.22% गिरकर 71,948 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 488 अंक यानी 2.14% टूटकर 22,331 पर आ गया। दिनभर के कारोबार में बिकवाली का दबाव हावी रहा, खासकर बैंकिंग, रियल्टी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में। “आज की ताज़ा ख़बरें” और “भारत समाचार अपडेट” में यह गिरावट प्रमुखता से देखी जा रही है।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जो बाजार की व्यापक कमजोरी को दर्शाता है। निवेशकों में सतर्कता और अनिश्चितता साफ दिखाई दी, जिसके चलते बाजार में लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण रहे। पहला, अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। दूसरा, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जो बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। तीसरा, अमेरिकी और एशियाई बाजारों में आई गिरावट का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है।
वैश्विक बाजारों का असर
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। जापान का निक्केई इंडेक्स 2.79% गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.97% नीचे बंद हुआ। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी गिरावट में रहा, हालांकि चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।
वहीं, अमेरिकी बाजारों में भी पिछली ट्रेडिंग सेशन में गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स 793 अंक गिरा, जबकि नैस्डैक और S&P 500 इंडेक्स भी कमजोरी के साथ बंद हुए।
विशेषज्ञ बताते हैं कि 28 फरवरी को ईरान से जुड़े तनाव शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। पहले यह करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी, जो अब 116 डॉलर तक पहुंच गई है। इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और शेयर बाजारों पर पड़ रहा है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा स्थिति में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। वैश्विक अनिश्चितता और महंगाई का दबाव बाजार में उतार-चढ़ाव बनाए रख सकता है।
