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सेंसेक्स 1187 अंक उछला, 73,134 पर बंद
बिजनेस न्यूज
निफ्टी में 348 अंकों की तेजी; बैंकिंग, मेटल और मीडिया शेयरों में जोरदार खरीदारी, ग्लोबल संकेतों से बाजार को सहारा
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 1 अप्रैल को जोरदार तेजी दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1,187 अंक (1.65%) बढ़कर 73,134 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 348 अंक (1.56%) चढ़कर 22,679 पर पहुंच गया। दिनभर के कारोबार में बैंकिंग, मीडिया और मेटल सेक्टर के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली।
बाजार में व्यापक तेजी
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 में बढ़त दर्ज की गई, जबकि केवल 5 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार में यह तेजी निवेशकों के सकारात्मक रुख और वैश्विक संकेतों के समर्थन से आई। विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों ने जोखिम लेने की क्षमता बढ़ाई, जिससे प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी तेज हुई।
तेजी के पीछे मुख्य कारण
बाजार में उछाल के दो प्रमुख कारण सामने आए। पहला, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कम होने के संकेत। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान के बाद निवेशकों में भरोसा बढ़ा कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है।
दूसरा, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत। एशियाई और अमेरिकी बाजारों में आई तेजी का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा। इससे निवेशकों का मनोबल मजबूत हुआ और घरेलू बाजार में खरीदारी बढ़ी।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का असर
एशिया के प्रमुख बाजारों में भी तेजी रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 8.44%, जापान का निक्केई 5.24%, हांगकांग का हैंगसेंग 2.04% और चीन का शंघाई कंपोजिट 1.46% बढ़कर बंद हुए।
इसके अलावा, 31 मार्च को अमेरिकी बाजार भी मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स 1,125 अंक, नैस्डैक 3.83% और S&P 500 इंडेक्स 2.91% चढ़ा। इन संकेतों ने भारतीय निवेशकों को उत्साहित किया।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
बाजार के लिए एक और राहत भरी खबर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल लगभग 1% घटकर 103 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। तेल की कीमतों में नरमी से आयात लागत और महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद है, जिससे बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला।
पिछली गिरावट से उबरता बाजार
गौरतलब है कि 30 मार्च को बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, जब सेंसेक्स 1,636 अंक गिरकर 71,948 पर बंद हुआ था। हालांकि, 31 मार्च को अवकाश के बाद खुले बाजार ने तेजी के साथ वापसी की, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
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सेंसेक्स 1187 अंक उछला, 73,134 पर बंद
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भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 1 अप्रैल को जोरदार तेजी दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1,187 अंक (1.65%) बढ़कर 73,134 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 348 अंक (1.56%) चढ़कर 22,679 पर पहुंच गया। दिनभर के कारोबार में बैंकिंग, मीडिया और मेटल सेक्टर के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली।
बाजार में व्यापक तेजी
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 में बढ़त दर्ज की गई, जबकि केवल 5 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार में यह तेजी निवेशकों के सकारात्मक रुख और वैश्विक संकेतों के समर्थन से आई। विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों ने जोखिम लेने की क्षमता बढ़ाई, जिससे प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी तेज हुई।
तेजी के पीछे मुख्य कारण
बाजार में उछाल के दो प्रमुख कारण सामने आए। पहला, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कम होने के संकेत। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान के बाद निवेशकों में भरोसा बढ़ा कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है।
दूसरा, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत। एशियाई और अमेरिकी बाजारों में आई तेजी का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा। इससे निवेशकों का मनोबल मजबूत हुआ और घरेलू बाजार में खरीदारी बढ़ी।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का असर
एशिया के प्रमुख बाजारों में भी तेजी रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 8.44%, जापान का निक्केई 5.24%, हांगकांग का हैंगसेंग 2.04% और चीन का शंघाई कंपोजिट 1.46% बढ़कर बंद हुए।
इसके अलावा, 31 मार्च को अमेरिकी बाजार भी मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स 1,125 अंक, नैस्डैक 3.83% और S&P 500 इंडेक्स 2.91% चढ़ा। इन संकेतों ने भारतीय निवेशकों को उत्साहित किया।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
बाजार के लिए एक और राहत भरी खबर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल लगभग 1% घटकर 103 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। तेल की कीमतों में नरमी से आयात लागत और महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद है, जिससे बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला।
पिछली गिरावट से उबरता बाजार
गौरतलब है कि 30 मार्च को बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, जब सेंसेक्स 1,636 अंक गिरकर 71,948 पर बंद हुआ था। हालांकि, 31 मार्च को अवकाश के बाद खुले बाजार ने तेजी के साथ वापसी की, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
