गांव, गाय और क्रांति से खड़ी हुई ये कंपनी, आज हर घर में सुबह-सुबह पहुंच जाता है इसका प्रोडक्ट

Business News

1970 में शुरू हुए 'ऑपरेशन फ्लड' ने AMUL की सफलता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया. यह दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी विकास कार्यक्रम था, जिसका उद्देश्य भारत को दूध के मामले में आत्मनिर्भर बनाना था.

भारत में दूध और डेयरी उत्पादों का नाम आते ही सबसे पहले जो ब्रांड दिमाग में आता है, वह है AMUL. यह न सिर्फ एक ब्रांड है, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता और सहकारिता की एक मिसाल है. AMUL, जिसका पूरा नाम 'आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड' है, ने न सिर्फ भारत को 'दूध की कमी' वाले देश से 'दूध का सबसे बड़ा उत्पादक' बनने की राह दिखाई, बल्कि लाखों किसानों की जिंदगी भी बदल दी. यह कहानी है AMUL की सफलता की, जो आज दुनिया भर में एक मॉडल के तौर पर पहचानी जाती है.

एक सपना और संघर्ष

AMUL की नींव 1946 में रखी गई थी, जब गुजरात के खेड़ा जिले के किसानों ने अन्यायपूर्ण व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई. उस समय ब्रिटिश शासन और बड़े डेयरी व्यवसायियों के चंगुल में फंसे किसानों को दूध के लिए उचित दाम नहीं मिलते थे. इस स्थिति से तंग आकर सरदार वल्लभभाई पटेल और मोरारजी देसाई के नेतृत्व में किसानों ने एक सहकारी समिति बनाई, जिसका नाम रखा गया 'खेड़ा डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड'. इसी संगठन ने आगे चलकर AMUL का रूप लिया.

डॉ. वर्गीज कुरियन, जिन्हें 'भारत की श्वेत क्रांति के जनक' के रूप में जाना जाता है, ने इस आंदोलन को नई दिशा दी. उनके नेतृत्व में AMUL ने न सिर्फ किसानों को उचित दाम दिलाए, बल्कि दूध के उत्पादन और वितरण में भी क्रांति ला दी.

दूध क्रांति की शुरुआत

1970 में शुरू हुए 'ऑपरेशन फ्लड' ने AMUL की सफलता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया. यह दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी विकास कार्यक्रम था, जिसका उद्देश्य भारत को दूध के मामले में आत्मनिर्भर बनाना था. इस कार्यक्रम के तहत AMUL ने गांव-गांव में डेयरी सहकारी समितियों का नेटवर्क बनाया. किसानों को प्रशिक्षण दिया गया, दूध की गुणवत्ता सुधारने के लिए तकनीकी सहायता मुहैया कराई गई और एक कुशल आपूर्ति श्रृंखला विकसित की गई.

ऑपरेशन फ्लड की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 1970 में भारत दूध की कमी वाला देश था, लेकिन 1998 तक यह दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बन गया. AMUL ने इस क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाई.

AMUL का बिजनेस मॉडल

AMUL की सफलता का राज इसके अनूठे बिजनेस मॉडल में छुपा है. यह मॉडल 'सहकारी समितियों' पर आधारित है, जिसमें किसान सीधे तौर पर जुड़े होते हैं. AMUL के पास आज 36 लाख से ज्यादा किसान सदस्य हैं, जो हर रोज करोड़ों लीटर दूध का उत्पादन करते हैं.

इस मॉडल की खास बात यह है कि इसमें किसानों को दूध का उचित दाम मिलता है और वे उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक की पूरी प्रक्रिया में शामिल होते हैं. AMUL ने डेयरी उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला विकसित की है, जिसमें दूध, दही, मक्खन, पनीर, आइसक्रीम और चॉकलेट जैसे उत्पाद शामिल हैं.

'द टेस्ट ऑफ इंडिया'

AMUL ने न सिर्फ उत्पादन में, बल्कि ब्रांडिंग और मार्केटिंग में भी नए मानदंड स्थापित किए हैं. AMUL का मशहूर नारा 'उत्तम दूध, उत्तम स्वास्थ्य' और 'द टेस्ट ऑफ इंडिया' ने इसे घर-घर में पहचान दिलाई. AMUL की मास्कट 'अमुल गर्ल' और उसके विज्ञापनों ने भारतीय जनमानस पर गहरी छाप छोड़ी है.

वैश्विक पहचान और भविष्य

आज AMUL न सिर्फ भारत, बल्कि दुनिया भर में एक विश्वसनीय ब्रांड है. इसने निर्यात के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है. AMUL की सफलता ने साबित किया है कि सहकारिता और सामूहिक प्रयास से किसानों की जिंदगी बदली जा सकती है. भविष्य में AMUL नई तकनीकों और इनोवेशन के जरिए अपने उत्पादों को और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और ई-कॉमर्स के जरिए AMUL ने अपनी पहुंच को और व्यापक बनाया है.

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
05 Mar 2025 By दैनिक जागरण

गांव, गाय और क्रांति से खड़ी हुई ये कंपनी, आज हर घर में सुबह-सुबह पहुंच जाता है इसका प्रोडक्ट

Business News

भारत में दूध और डेयरी उत्पादों का नाम आते ही सबसे पहले जो ब्रांड दिमाग में आता है, वह है AMUL. यह न सिर्फ एक ब्रांड है, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता और सहकारिता की एक मिसाल है. AMUL, जिसका पूरा नाम 'आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड' है, ने न सिर्फ भारत को 'दूध की कमी' वाले देश से 'दूध का सबसे बड़ा उत्पादक' बनने की राह दिखाई, बल्कि लाखों किसानों की जिंदगी भी बदल दी. यह कहानी है AMUL की सफलता की, जो आज दुनिया भर में एक मॉडल के तौर पर पहचानी जाती है.

एक सपना और संघर्ष

AMUL की नींव 1946 में रखी गई थी, जब गुजरात के खेड़ा जिले के किसानों ने अन्यायपूर्ण व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई. उस समय ब्रिटिश शासन और बड़े डेयरी व्यवसायियों के चंगुल में फंसे किसानों को दूध के लिए उचित दाम नहीं मिलते थे. इस स्थिति से तंग आकर सरदार वल्लभभाई पटेल और मोरारजी देसाई के नेतृत्व में किसानों ने एक सहकारी समिति बनाई, जिसका नाम रखा गया 'खेड़ा डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड'. इसी संगठन ने आगे चलकर AMUL का रूप लिया.

डॉ. वर्गीज कुरियन, जिन्हें 'भारत की श्वेत क्रांति के जनक' के रूप में जाना जाता है, ने इस आंदोलन को नई दिशा दी. उनके नेतृत्व में AMUL ने न सिर्फ किसानों को उचित दाम दिलाए, बल्कि दूध के उत्पादन और वितरण में भी क्रांति ला दी.

दूध क्रांति की शुरुआत

1970 में शुरू हुए 'ऑपरेशन फ्लड' ने AMUL की सफलता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया. यह दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी विकास कार्यक्रम था, जिसका उद्देश्य भारत को दूध के मामले में आत्मनिर्भर बनाना था. इस कार्यक्रम के तहत AMUL ने गांव-गांव में डेयरी सहकारी समितियों का नेटवर्क बनाया. किसानों को प्रशिक्षण दिया गया, दूध की गुणवत्ता सुधारने के लिए तकनीकी सहायता मुहैया कराई गई और एक कुशल आपूर्ति श्रृंखला विकसित की गई.

ऑपरेशन फ्लड की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 1970 में भारत दूध की कमी वाला देश था, लेकिन 1998 तक यह दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बन गया. AMUL ने इस क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाई.

AMUL का बिजनेस मॉडल

AMUL की सफलता का राज इसके अनूठे बिजनेस मॉडल में छुपा है. यह मॉडल 'सहकारी समितियों' पर आधारित है, जिसमें किसान सीधे तौर पर जुड़े होते हैं. AMUL के पास आज 36 लाख से ज्यादा किसान सदस्य हैं, जो हर रोज करोड़ों लीटर दूध का उत्पादन करते हैं.

इस मॉडल की खास बात यह है कि इसमें किसानों को दूध का उचित दाम मिलता है और वे उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक की पूरी प्रक्रिया में शामिल होते हैं. AMUL ने डेयरी उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला विकसित की है, जिसमें दूध, दही, मक्खन, पनीर, आइसक्रीम और चॉकलेट जैसे उत्पाद शामिल हैं.

'द टेस्ट ऑफ इंडिया'

AMUL ने न सिर्फ उत्पादन में, बल्कि ब्रांडिंग और मार्केटिंग में भी नए मानदंड स्थापित किए हैं. AMUL का मशहूर नारा 'उत्तम दूध, उत्तम स्वास्थ्य' और 'द टेस्ट ऑफ इंडिया' ने इसे घर-घर में पहचान दिलाई. AMUL की मास्कट 'अमुल गर्ल' और उसके विज्ञापनों ने भारतीय जनमानस पर गहरी छाप छोड़ी है.

वैश्विक पहचान और भविष्य

आज AMUL न सिर्फ भारत, बल्कि दुनिया भर में एक विश्वसनीय ब्रांड है. इसने निर्यात के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है. AMUL की सफलता ने साबित किया है कि सहकारिता और सामूहिक प्रयास से किसानों की जिंदगी बदली जा सकती है. भविष्य में AMUL नई तकनीकों और इनोवेशन के जरिए अपने उत्पादों को और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और ई-कॉमर्स के जरिए AMUL ने अपनी पहुंच को और व्यापक बनाया है.

https://www.dainikjagranmpcg.com/business/this-company-standing-from-village-cow-and-revolution-reaches-every/article-12715

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.