- Hindi News
- बिजनेस
- सेट-टॉप बॉक्स के इस्तेमाल करने वालों की हो गई बल्ले-बल्ले, अब नहीं करना होगा ये काम
सेट-टॉप बॉक्स के इस्तेमाल करने वालों की हो गई बल्ले-बल्ले, अब नहीं करना होगा ये काम
Business News
ट्राई ने दूरसंचार अधिनियम-2023 के तहत प्रसारण सेवाओं के प्रावधान के लिए सेवा प्राधिकरणों के ढांचे पर अपनी सिफारिशें जारी कीं। इस अधिनियम ने टेलीग्राफ कानून, 1885 की जगह ली है।
देशभर में सेट-टॉप बॉक्स के इस्तेमाल करने वालों को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें सर्विस प्रोवाइडर बदलने पर अपना सेट-टॉप बॉक्स नहीं बदलना होगा। अब अगर वो टाटा स्काई से एयरटेल में शिफ्ट होते थे तो उन्हें अब अपना सेट-टॉप बॉक्स भी बदलना होता है। अब इससे आजादी मिल गई है। दरअसल, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने को विभिन्न प्रसारकों के बीच एक ही सेट-टॉप बॉक्स के इस्तेमाल और बुनियादी ढांचे को स्वैच्छिक रूप से साझा करने की सिफारिश की है। साथ ही ट्राई ने आईपीटीवी सेवा प्रदाताओं के लिए न्यूनतम कुल संपत्ति संबंधी आवश्यकता को कम करने की बात भी कही। इससे अब सेट-टॉप बॉक्स बदलने से आजादी मिलेगी।
सुगमता को बढ़ावा देना
ट्राई ने दूरसंचार अधिनियम-2023 के तहत प्रसारण सेवाओं के प्रावधान के लिए सेवा प्राधिकरणों के ढांचे पर अपनी सिफारिशें जारी कीं। इस अधिनियम ने टेलीग्राफ कानून, 1885 की जगह ली है। नियामक ने कहा कि सिफारिशों का मकसद प्रसारण क्षेत्र में वृद्धि को प्रोत्साहन देना और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देना है। नियामक ने प्रसारण सेवा प्रदाताओं के साथ ही दूरसंचार सेवा प्रदाताओं/ बुनियादी ढांचा सुविधा देने वालों के बीच स्वैच्छिक आधार पर बुनियादी ढांचे को साझा करने की सिफारिश की है। ट्राई ने कहा कि जहां भी तकनीकी और व्यावसायिक रूप से संभव हो, बुनियादी ढांचे को साझा करना चाहिए।
इलेक्ट्रॉनिक कचरे कम करने की कवायद
सिफारिशों में उपभोक्ता के लिए टेलीविजन चैनल वितरण सेवाओं के विकल्प बढ़ाने और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को कम करने के लिए विभिन्न सेवाप्रदाताओं के लिए एक ही सेट-टॉप बॉक्स के इस्तेमाल की बात कही गई है। इसके साथ ही ट्राई ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए आईपीटीवी सर्विस देने की न्यूनतम नेटवर्थ 100 करोड़ रुपये की शर्त को हटाने की भी सिफारिश की है। साथ ही रेडियो ब्रॉडकास्टिंग सेवाओं को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाने पर जोर दिया है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
सेट-टॉप बॉक्स के इस्तेमाल करने वालों की हो गई बल्ले-बल्ले, अब नहीं करना होगा ये काम
Business News
देशभर में सेट-टॉप बॉक्स के इस्तेमाल करने वालों को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें सर्विस प्रोवाइडर बदलने पर अपना सेट-टॉप बॉक्स नहीं बदलना होगा। अब अगर वो टाटा स्काई से एयरटेल में शिफ्ट होते थे तो उन्हें अब अपना सेट-टॉप बॉक्स भी बदलना होता है। अब इससे आजादी मिल गई है। दरअसल, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने को विभिन्न प्रसारकों के बीच एक ही सेट-टॉप बॉक्स के इस्तेमाल और बुनियादी ढांचे को स्वैच्छिक रूप से साझा करने की सिफारिश की है। साथ ही ट्राई ने आईपीटीवी सेवा प्रदाताओं के लिए न्यूनतम कुल संपत्ति संबंधी आवश्यकता को कम करने की बात भी कही। इससे अब सेट-टॉप बॉक्स बदलने से आजादी मिलेगी।
सुगमता को बढ़ावा देना
ट्राई ने दूरसंचार अधिनियम-2023 के तहत प्रसारण सेवाओं के प्रावधान के लिए सेवा प्राधिकरणों के ढांचे पर अपनी सिफारिशें जारी कीं। इस अधिनियम ने टेलीग्राफ कानून, 1885 की जगह ली है। नियामक ने कहा कि सिफारिशों का मकसद प्रसारण क्षेत्र में वृद्धि को प्रोत्साहन देना और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देना है। नियामक ने प्रसारण सेवा प्रदाताओं के साथ ही दूरसंचार सेवा प्रदाताओं/ बुनियादी ढांचा सुविधा देने वालों के बीच स्वैच्छिक आधार पर बुनियादी ढांचे को साझा करने की सिफारिश की है। ट्राई ने कहा कि जहां भी तकनीकी और व्यावसायिक रूप से संभव हो, बुनियादी ढांचे को साझा करना चाहिए।
इलेक्ट्रॉनिक कचरे कम करने की कवायद
सिफारिशों में उपभोक्ता के लिए टेलीविजन चैनल वितरण सेवाओं के विकल्प बढ़ाने और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को कम करने के लिए विभिन्न सेवाप्रदाताओं के लिए एक ही सेट-टॉप बॉक्स के इस्तेमाल की बात कही गई है। इसके साथ ही ट्राई ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए आईपीटीवी सर्विस देने की न्यूनतम नेटवर्थ 100 करोड़ रुपये की शर्त को हटाने की भी सिफारिश की है। साथ ही रेडियो ब्रॉडकास्टिंग सेवाओं को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाने पर जोर दिया है।
