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भारत-पाक तनाव के बीच एलआईसी ने की ₹1.78 लाख करोड़ की बंपर कमाई, जानिए कैसे हुआ ये मुमकिन
Business News
जब देश भारत-पाकिस्तान के बढ़ते तनाव की वजह से चिंतित था और शेयर बाजार भारी उतार-चढ़ाव से गुजर रहा था, तब देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने कमाल कर दिखाया।
महज 40 दिनों में एलआईसी को ₹1.78 लाख करोड़ का मार्केट-टू-मार्केट प्रॉफिट हुआ है, जो इस मुश्किल समय में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
शेयर बाजार में उछाल से मिला फायदा
7 अप्रैल 2025 को जब भारतीय शेयर बाजार अपने हाल के सबसे निचले स्तर पर था, तब एलआईसी के पास मौजूद 206 कंपनियों के शेयर पोर्टफोलियो की वैल्यू ₹13.65 लाख करोड़ थी। इसके बाद बाजार में तेजी देखने को मिली और 16 मई 2025 तक यह वैल्यू ₹15.43 लाख करोड़ तक पहुंच गई। इस तरह एलआईसी को कुल ₹1.78 ट्रिलियन (1.78 लाख करोड़) का मूल्यवृद्धि लाभ हुआ।
रिलायंस और आईटीसी ने निभाई अहम भूमिका
इस प्रॉफिट में सबसे बड़ा योगदान रिलायंस इंडस्ट्रीज का रहा, जिसके शेयर में 25% की उछाल के चलते एलआईसी को ₹26,515 करोड़ का लाभ हुआ। वहीं, ITC, जिसमें एलआईसी की 15.52% हिस्सेदारी है, ने भी ₹5,759 करोड़ की वैल्यू ग्रोथ दी।
अन्य प्रमुख कंपनियां जिन्होंने LIC के पोर्टफोलियो में वृद्धि की:
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महिंद्रा एंड महिंद्रा: ₹5,801 करोड़
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अडानी पोर्ट्स एंड SEZ: ₹5,192 करोड़
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टेक महिंद्रा: ₹3,267 करोड़
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जियो फाइनेंशियल सर्विसेज: ₹2,472 करोड़
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हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स: ₹2,036 करोड़
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टाटा मोटर्स: ₹1,750 करोड़
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भारत इलेक्ट्रॉनिक्स: ₹1,268 करोड़
इन सात कंपनियों से एलआईसी की कुल वैल्यू में 12% का योगदान आया है।
किन कारणों से मिली बढ़त?
एलआईसी की इस मजबूत कमाई के पीछे कुछ अहम ट्रिगर्स रहे:
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भारत-पाक सीमा पर तनाव में आंशिक कमी
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भारत-अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौता
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विदेशी निवेशकों (FIIs) की वापसी
जहां जनवरी से मार्च 2025 के बीच एफआईआईज़ ने भारी बिकवाली की थी, वहीं अप्रैल में ₹4,243 करोड़ और मई में अब तक ₹27,451 करोड़ की खरीदारी दर्ज की गई। इससे भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बना और एलआईसी जैसे संस्थानों को भारी लाभ हुआ।
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भारत-पाक तनाव के बीच एलआईसी ने की ₹1.78 लाख करोड़ की बंपर कमाई, जानिए कैसे हुआ ये मुमकिन
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महज 40 दिनों में एलआईसी को ₹1.78 लाख करोड़ का मार्केट-टू-मार्केट प्रॉफिट हुआ है, जो इस मुश्किल समय में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
शेयर बाजार में उछाल से मिला फायदा
7 अप्रैल 2025 को जब भारतीय शेयर बाजार अपने हाल के सबसे निचले स्तर पर था, तब एलआईसी के पास मौजूद 206 कंपनियों के शेयर पोर्टफोलियो की वैल्यू ₹13.65 लाख करोड़ थी। इसके बाद बाजार में तेजी देखने को मिली और 16 मई 2025 तक यह वैल्यू ₹15.43 लाख करोड़ तक पहुंच गई। इस तरह एलआईसी को कुल ₹1.78 ट्रिलियन (1.78 लाख करोड़) का मूल्यवृद्धि लाभ हुआ।
रिलायंस और आईटीसी ने निभाई अहम भूमिका
इस प्रॉफिट में सबसे बड़ा योगदान रिलायंस इंडस्ट्रीज का रहा, जिसके शेयर में 25% की उछाल के चलते एलआईसी को ₹26,515 करोड़ का लाभ हुआ। वहीं, ITC, जिसमें एलआईसी की 15.52% हिस्सेदारी है, ने भी ₹5,759 करोड़ की वैल्यू ग्रोथ दी।
अन्य प्रमुख कंपनियां जिन्होंने LIC के पोर्टफोलियो में वृद्धि की:
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महिंद्रा एंड महिंद्रा: ₹5,801 करोड़
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अडानी पोर्ट्स एंड SEZ: ₹5,192 करोड़
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टेक महिंद्रा: ₹3,267 करोड़
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जियो फाइनेंशियल सर्विसेज: ₹2,472 करोड़
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हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स: ₹2,036 करोड़
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टाटा मोटर्स: ₹1,750 करोड़
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भारत इलेक्ट्रॉनिक्स: ₹1,268 करोड़
इन सात कंपनियों से एलआईसी की कुल वैल्यू में 12% का योगदान आया है।
किन कारणों से मिली बढ़त?
एलआईसी की इस मजबूत कमाई के पीछे कुछ अहम ट्रिगर्स रहे:
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भारत-पाक सीमा पर तनाव में आंशिक कमी
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भारत-अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौता
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विदेशी निवेशकों (FIIs) की वापसी
जहां जनवरी से मार्च 2025 के बीच एफआईआईज़ ने भारी बिकवाली की थी, वहीं अप्रैल में ₹4,243 करोड़ और मई में अब तक ₹27,451 करोड़ की खरीदारी दर्ज की गई। इससे भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बना और एलआईसी जैसे संस्थानों को भारी लाभ हुआ।
