पेटीएम के लिए क्यों चुनौती बन सकता है Mobikwik, पैसा लगाने से पहले समझ लें कारण

Business News

18 दिसंबर 2024 को वन मोबिक्विक सिस्टम्स का IPO बाजार में लिस्ट हुआ, जिसमें प्रति शेयर प्राइस बैंड ₹265-279 निर्धारित किया गया था. इसके शेयर 440 रुपए पर लिस्ट हुए, जो आईपीओ के इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 57.71 फीसदी अधिक है. चलिए समझते हैं कि पहले से बाजार में कारोबार कर रही पेटीएम और इसके शेयर में यूजर्स किसे चुनना पसंद कर सकते हैं.

भारतीय फिनटेक इंडस्ट्री में आज भी फोनपे, गुगल पे और पेटीएम का जलवा है. जुलाई 2024 में वॉल्यूम के हिसाब से फोनपे का मार्केट शेयर 48.3% और ट्रांजैक्शन वैल्यू के हिसाब से 49.8% था. गूगल पे वॉल्यूम के हिसाब से 37.3% और वैल्यू के हिसाब से 36% की बाजार हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है, जबकि वॉल्यूम के हिसाब से पेटीएम की बाजार हिस्सेदारी अगस्त में एक महीने पहले 7.8% से घटकर 7.2% रह गई. वैल्यू के हिसाब से, जुलाई में पेटीएम की बाजार हिस्सेदारी 5.9% से घटकर 5.5% रह गई.

अब यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि बाजार हिस्सेदारी के मामले में अभी हाल ही में लिस्ट हुई एक दूसरी यूपीआई कंपनी मोबिक्विक का टॉप-5 में भी नाम नहीं है. ऐसे में सवाल ये खड़ा हो रहा है कि इतना अधिक मार्केट शेयर लेने के बाद पेटीएम के शेयर में अभी भी लिस्टिंग के बाद से 35% का नुकसान है. तो क्या ऐसे में मोबिक्विक का शेयर बाजार में टिक पाएगा. चलिए एक नजर दोनों कंपनी के फाइनेंस और बिजनेस पर डालते हैं.

मोबिक्विक का IPO हुआ हिट

गुरुग्राम स्थित वन मोबिक्विक सिस्टम्स ने 18 दिसंबर 2024 में अपना IPO लॉन्च किया गया, जिसमें प्रति शेयर प्राइस बैंड ₹265-279 निर्धारित किया गया था. इसके शेयर 440 रुपए पर लिस्ट हुए. यह आईपीओ के इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 57.71 फीसदी अधिक है. यह IPO पूरी तरह से नए शेयरों का था, जिसका उद्देश्य फाइनेंस, पेमेंट सर्विस में वृद्धि, टेक्नोलॉजी को आसान बनाने और पेमेंट डिवाइस को और बेहतर करने के लिए धन जुटाना था. मोबिक्विक ने वित्त वर्ष 2023-24 में अपना पहला पूर्ण-वर्ष का प्रॉफिट दर्ज किया, जो कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. पेटीएम ऐसा अब तक नहीं कर पाई है.

कैसा रहा था पेटीएम का IPO

पेटीएम, जिसे वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड संचालित करती है, भारत का टॉप डिजिटल इकोसिस्टम है, जो उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों को पेमेंट सर्विसेज, कॉमर्स और क्लाउड सर्विस के साथ फाइनेंस सर्विस भी प्रदान करता है. पेटीएम ने 2021 में अपना IPO लॉन्च किया था और वर्तमान में इसका मूल्यांकन $7.60 बिलियन है. तब इसके आईपीओ प्राइस 2150 रुपए प्रति शेयर था, लेकिन लिस्टिंग पर ही इसने निवेशकों को भारी नुकसान कर दिया था. पेटीएम का आईपीओ 1955 रुपए पर लिस्ट हुआ था. हाल ही में, पेटीएम के शेयरों में शानदार वृद्धि देखी गई है, जो इसके मजबूत बिजनेस मॉडल और निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है.

फिनटेक सेक्टर का फ्यूचर

भारत का फिनटेक सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें सरकार की डिजिटल अर्थव्यवस्था की पहल और युवाओं का टेक्नोलॉजी के प्रति बढ़ता प्रेम का महत्वपूर्ण योगदान है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के नॉन-एग्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट के अनुसार, 2024 में फिनटेक सेक्टर का वैल्यूएशन 110 बिलियन डॉलर था, और यह 2029 तक $420 बिलियन तक पहुँचने की उम्मीद है, जो 31% की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) को दर्शाता है.

मोबिक्विक और पेटीएम कौन बेस्ट?

मोबिक्विक और पेटीएम दोनों ही उपभोक्ताओं और व्यापारियों के लिए पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विसेज प्रदान करते हैं. हालांकि, पेटीएम का बाजार में बड़ा हिस्सा है और यह अधिक डायवर्सिफाई सर्विसेज प्रदान करता है, जबकि मोबिक्विक ने हाल ही में प्रॉफिटिबिलिटी हासिल की है, जो निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकता है. दोनों कंपनियाँ अपने-अपने क्षेत्रों में इनोवेशन और विस्तार के माध्यम से प्रतिस्पर्धा कर रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएँ मिल रही हैं.

कैसे बनेगा पेटीएम के लिए चुनौती?

यहां अगर आप दोनों शेयर को एक छोटे निवेशक की नजर से देखते हैं तो मोबिक्विक का जो प्राइस रेंज है वह काफी कम है. कंपनी प्रॉफिट में भी रह चुकी है. कुछ दिन पहले एक प्रेस कांफ्रेंस में मोबिक्विक के सीईओ बिपिन प्रीत सिंह ने कहा था कि कंपनी को हमने पहले भी प्रॉफिट ईयर बनाया है. आगे भी हम ये करने जा रहे हैं. हमारी सर्विसेज ग्राहकों के लिए बेस्ट है तो हम इस टार्गेट को जल्द हासिल कर लेंगे. एक बात यहां और ध्यान देने वाली है कि पेटीएम की वॉलेट सर्विस बंद हो चुकी है, जबकि मोबिक्विक अभी ये सर्विस दे रहा है. जिसे वह जिप नाम से चला रहा है. यह एक तरह का इंस्टैंट लोन सर्विस है. इसके यूजर्स तेजी से बढ़ रहे हैं, जो पेटीएम के लिए चुनौती बन सकती है. क्योंकि अब पेटीएम ऐसी कोई सुविधा नही प्रोवाइड कर रहा है, जब से RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर बैन लगाया था.

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19 Dec 2024 By दैनिक जागरण

पेटीएम के लिए क्यों चुनौती बन सकता है Mobikwik, पैसा लगाने से पहले समझ लें कारण

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भारतीय फिनटेक इंडस्ट्री में आज भी फोनपे, गुगल पे और पेटीएम का जलवा है. जुलाई 2024 में वॉल्यूम के हिसाब से फोनपे का मार्केट शेयर 48.3% और ट्रांजैक्शन वैल्यू के हिसाब से 49.8% था. गूगल पे वॉल्यूम के हिसाब से 37.3% और वैल्यू के हिसाब से 36% की बाजार हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है, जबकि वॉल्यूम के हिसाब से पेटीएम की बाजार हिस्सेदारी अगस्त में एक महीने पहले 7.8% से घटकर 7.2% रह गई. वैल्यू के हिसाब से, जुलाई में पेटीएम की बाजार हिस्सेदारी 5.9% से घटकर 5.5% रह गई.

अब यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि बाजार हिस्सेदारी के मामले में अभी हाल ही में लिस्ट हुई एक दूसरी यूपीआई कंपनी मोबिक्विक का टॉप-5 में भी नाम नहीं है. ऐसे में सवाल ये खड़ा हो रहा है कि इतना अधिक मार्केट शेयर लेने के बाद पेटीएम के शेयर में अभी भी लिस्टिंग के बाद से 35% का नुकसान है. तो क्या ऐसे में मोबिक्विक का शेयर बाजार में टिक पाएगा. चलिए एक नजर दोनों कंपनी के फाइनेंस और बिजनेस पर डालते हैं.

मोबिक्विक का IPO हुआ हिट

गुरुग्राम स्थित वन मोबिक्विक सिस्टम्स ने 18 दिसंबर 2024 में अपना IPO लॉन्च किया गया, जिसमें प्रति शेयर प्राइस बैंड ₹265-279 निर्धारित किया गया था. इसके शेयर 440 रुपए पर लिस्ट हुए. यह आईपीओ के इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 57.71 फीसदी अधिक है. यह IPO पूरी तरह से नए शेयरों का था, जिसका उद्देश्य फाइनेंस, पेमेंट सर्विस में वृद्धि, टेक्नोलॉजी को आसान बनाने और पेमेंट डिवाइस को और बेहतर करने के लिए धन जुटाना था. मोबिक्विक ने वित्त वर्ष 2023-24 में अपना पहला पूर्ण-वर्ष का प्रॉफिट दर्ज किया, जो कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. पेटीएम ऐसा अब तक नहीं कर पाई है.

कैसा रहा था पेटीएम का IPO

पेटीएम, जिसे वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड संचालित करती है, भारत का टॉप डिजिटल इकोसिस्टम है, जो उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों को पेमेंट सर्विसेज, कॉमर्स और क्लाउड सर्विस के साथ फाइनेंस सर्विस भी प्रदान करता है. पेटीएम ने 2021 में अपना IPO लॉन्च किया था और वर्तमान में इसका मूल्यांकन $7.60 बिलियन है. तब इसके आईपीओ प्राइस 2150 रुपए प्रति शेयर था, लेकिन लिस्टिंग पर ही इसने निवेशकों को भारी नुकसान कर दिया था. पेटीएम का आईपीओ 1955 रुपए पर लिस्ट हुआ था. हाल ही में, पेटीएम के शेयरों में शानदार वृद्धि देखी गई है, जो इसके मजबूत बिजनेस मॉडल और निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है.

फिनटेक सेक्टर का फ्यूचर

भारत का फिनटेक सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें सरकार की डिजिटल अर्थव्यवस्था की पहल और युवाओं का टेक्नोलॉजी के प्रति बढ़ता प्रेम का महत्वपूर्ण योगदान है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के नॉन-एग्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट के अनुसार, 2024 में फिनटेक सेक्टर का वैल्यूएशन 110 बिलियन डॉलर था, और यह 2029 तक $420 बिलियन तक पहुँचने की उम्मीद है, जो 31% की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) को दर्शाता है.

मोबिक्विक और पेटीएम कौन बेस्ट?

मोबिक्विक और पेटीएम दोनों ही उपभोक्ताओं और व्यापारियों के लिए पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विसेज प्रदान करते हैं. हालांकि, पेटीएम का बाजार में बड़ा हिस्सा है और यह अधिक डायवर्सिफाई सर्विसेज प्रदान करता है, जबकि मोबिक्विक ने हाल ही में प्रॉफिटिबिलिटी हासिल की है, जो निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकता है. दोनों कंपनियाँ अपने-अपने क्षेत्रों में इनोवेशन और विस्तार के माध्यम से प्रतिस्पर्धा कर रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएँ मिल रही हैं.

कैसे बनेगा पेटीएम के लिए चुनौती?

यहां अगर आप दोनों शेयर को एक छोटे निवेशक की नजर से देखते हैं तो मोबिक्विक का जो प्राइस रेंज है वह काफी कम है. कंपनी प्रॉफिट में भी रह चुकी है. कुछ दिन पहले एक प्रेस कांफ्रेंस में मोबिक्विक के सीईओ बिपिन प्रीत सिंह ने कहा था कि कंपनी को हमने पहले भी प्रॉफिट ईयर बनाया है. आगे भी हम ये करने जा रहे हैं. हमारी सर्विसेज ग्राहकों के लिए बेस्ट है तो हम इस टार्गेट को जल्द हासिल कर लेंगे. एक बात यहां और ध्यान देने वाली है कि पेटीएम की वॉलेट सर्विस बंद हो चुकी है, जबकि मोबिक्विक अभी ये सर्विस दे रहा है. जिसे वह जिप नाम से चला रहा है. यह एक तरह का इंस्टैंट लोन सर्विस है. इसके यूजर्स तेजी से बढ़ रहे हैं, जो पेटीएम के लिए चुनौती बन सकती है. क्योंकि अब पेटीएम ऐसी कोई सुविधा नही प्रोवाइड कर रहा है, जब से RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर बैन लगाया था.

https://www.dainikjagranmpcg.com/business/why-mobikwik-can-become-a-challenge-for-paytm-understand-the/article-5762

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