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NEET-PG 2026 परीक्षा संपन्न, 2.65 लाख से ज्यादा उम्मीदवार हुए शामिल; जयपुर में 2,445 अभ्यर्थियों का 5 सितंबर को री-एग्जाम
Digital Desk
देशभर के 1,111 केंद्रों पर हुई परीक्षा, जयपुर के दो केंद्रों पर बिजली आपूर्ति में तकनीकी दिक्कत के कारण परीक्षा पूरी नहीं कर सके अभ्यर्थी
NEET-PG 2026 की परीक्षा 30 अगस्त को देशभर में आयोजित की गई। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) के मुताबिक परीक्षा के लिए 2,73,096 उम्मीदवार पंजीकृत थे, जिनमें से 2,65,980 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 339 शहरों में बनाए गए 1,111 केंद्रों पर हुई। अधिकांश केंद्रों पर परीक्षा निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरी हुई। NBEMS के अनुसार करीब 2,63,535 उम्मीदवारों की परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी हुई, जबकि जयपुर के दो केंद्रों पर तकनीकी समस्या के कारण 2,445 अभ्यर्थी परीक्षा पूरी नहीं कर सके।
जयपुर के दो केंद्रों पर आई तकनीकी दिक्कत
जयपुर के iON Digital Zone iDZ Sitapura के दो परीक्षा केंद्रों, जिनके टेस्ट सेंटर नंबर 41682 और 41683 हैं, पर आंतरिक बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्या सामने आई। इसके कारण वहां परीक्षा पूरी नहीं हो सकी। NBEMS ने प्रभावित अभ्यर्थियों को हुई परेशानी पर खेद जताया है। परीक्षा में तकनीकी व्यवधान के बाद प्रभावित उम्मीदवारों को दोबारा मौका देने का फैसला किया गया है। NBEMS ने स्पष्ट किया है कि यह री-एग्जाम केवल उन 2,445 अभ्यर्थियों के लिए होगा जिनकी परीक्षा जयपुर के इन दोनों केंद्रों पर पूरी नहीं हो सकी थी।
5 सितंबर को होगा री-एग्जाम
जयपुर में प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए 5 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे दोबारा NEET-PG परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा जयपुर में ही होगी। केंद्र और अन्य जरूरी निर्देश संबंधित उम्मीदवारों को अलग से उपलब्ध कराए जाएंगे। NBEMS ने कहा है कि री-एग्जाम कराने का उद्देश्य प्रभावित उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल होने का निष्पक्ष और समान अवसर देना है। बोर्ड ने इस संबंध में संबंधित अभ्यर्थियों को आगे की जानकारी और निर्देशों पर नजर रखने को कहा है।
परीक्षा में सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम
NEET-PG 2026 के आयोजन के दौरान परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए कई स्तरों पर व्यवस्था की गई थी। NBEMS के मुताबिक 2,527 फैकल्टी सदस्यों को स्वतंत्र पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया था। इसके अलावा 700 से अधिक वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों को फ्लाइंग स्क्वॉड की जिम्मेदारी दी गई थी। देशभर में समन्वय और निगरानी के लिए 16 क्षेत्रीय कमांड सेंटर भी सक्रिय किए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर लाइव सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था थी, जिसकी मॉनिटरिंग NBEMS के द्वारका स्थित कमांड सेंटर से की जा रही थी।
जयपुर की घटना के बाद पेपर लीक की चर्चा भी
जयपुर में परीक्षा बाधित होने के बाद सोशल मीडिया पर पेपर लीक से जुड़े दावे भी सामने आए। हालांकि PIB फैक्ट चेक ने इन दावों को भ्रामक बताया और कहा कि जयपुर के केंद्रों पर परीक्षा में व्यवधान का कारण आंतरिक बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्या थी, न कि प्रश्नपत्र लीक होना। NBEMS ने प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए अलग से परीक्षा कराने का फैसला किया है। देशभर में आयोजित मुख्य परीक्षा बाकी उम्मीदवारों के लिए पूरी हो चुकी है।
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