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ग्रेटर नोएडा में Western Sydney University कैंपस शुरू, भारत के 2035 के 50% उच्च शिक्षा लक्ष्य में मदद की उम्मीद
भारत
NSW के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने कैंपस लॉन्च के दौरान कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया के छात्रों के बीच शैक्षणिक जुड़ाव से दोनों देशों के रिश्तों को भी मजबूती मिलेगी
नई दिल्ली में सोमवार को Western Sydney University (WSU) के भारत परिसर की शुरुआत की गई। न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने कहा कि ग्रेटर नोएडा में खुल रहा यह कैंपस भारत के उस लक्ष्य में योगदान दे सकता है, जिसके तहत 2035 तक युवाओं की उच्च शिक्षा में भागीदारी को 50 प्रतिशत तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मिन्स ने कैंपस लॉन्च कार्यक्रम में भारत की उच्च शिक्षा क्षमता बढ़ाने के लक्ष्य को महत्वाकांक्षी बताते हुए कहा कि WSU इस दिशा में उपयोगी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने शिक्षा में शिक्षक और विद्यार्थी के प्रत्यक्ष संवाद को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि तकनीक के जरिए सीखने के बावजूद कक्षा में शिक्षक-विद्यार्थी का व्यक्तिगत संपर्क अपनी अलग भूमिका रखता है।
ग्रेटर नोएडा में WSU का परिसर भारत में किसी विदेशी विश्वविद्यालय का शाखा परिसर स्थापित करने की नीति के तहत आया है। विश्वविद्यालय को भारत में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में कैंपस स्थापित करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है।
इन विषयों से शुरू होगी पढ़ाई
WSU के भारत परिसर में शुरुआती चरण में बिजनेस एनालिटिक्स, बिजनेस मार्केटिंग, इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप और लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में कार्यक्रमों की योजना है। विश्वविद्यालय ने आगे चलकर डेटा साइंस, विज्ञान, स्थिरता और उभरती तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में भी विस्तार की योजना बताई है। कैंपस का उद्देश्य केवल डिग्री कार्यक्रम चलाना नहीं है। विश्वविद्यालय भारत में शोध, उद्योग और सरकारी संस्थानों के साथ सहयोग को भी बढ़ाना चाहता है। WSU के भारत से पहले से कृषि, जल प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में अकादमिक एवं शोध संबंध हैं।
भारत-ऑस्ट्रेलिया शिक्षा संबंधों को मिलेगी गति
मिन्स ने WSU के भारत परिसर को भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों के व्यापक संदर्भ से भी जोड़ा। उनका कहना है कि दोनों देशों के युवाओं के बीच शिक्षा के माध्यम से बढ़ते संपर्क भविष्य में पेशेवर और आर्थिक संबंधों को मजबूत कर सकते हैं। न्यू साउथ वेल्स में बड़ी भारतीय मूल की आबादी भी दोनों देशों के बीच संबंधों की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। न्यू साउथ वेल्स की अर्थव्यवस्था में कृषि, वित्त, तकनीक, खनन और शिक्षा जैसे क्षेत्र महत्वपूर्ण हैं। मिन्स ने भारत के साथ भविष्य में इन क्षेत्रों में सहयोग और आर्थिक अवसर बढ़ने की संभावना पर भी जोर दिया।
ग्रेटर नोएडा बन रहा विदेशी विश्वविद्यालयों का केंद्र
WSU का कैंपस ऐसे समय में शुरू हुआ है जब भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों की मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों को भारत में कैंपस स्थापित करने की अनुमति देने की व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण का हिस्सा है।
WSU के अलावा कई अन्य ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों को भी भारत में कैंपस स्थापित करने की दिशा में मंजूरी या आगे की प्रक्रिया के लिए अनुमति मिली है। इससे भारतीय छात्रों को देश में रहते हुए विदेशी विश्वविद्यालयों के कार्यक्रमों तक पहुंच मिलने की संभावना बढ़ रही है।
शोध और उद्योग से जोड़ने पर भी जोर
WSU का भारत में अकादमिक सहयोग पहले से कई भारतीय संस्थानों के साथ रहा है। विश्वविद्यालय की साझेदारियों में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), जल शक्ति मंत्रालय और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) से जुड़े शोध सहयोग शामिल हैं। इनमें खाद्य सुरक्षा, भूजल प्रबंधन, कृषि और उभरती तकनीकों जैसे क्षेत्र शामिल हैं। भारत में कैंपस स्थापित होने से इन सहयोगों को स्थानीय स्तर पर विस्तार देने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही विदेशी विश्वविद्यालयों और भारतीय संस्थानों के बीच संयुक्त शोध, कौशल विकास और उद्योग आधारित शिक्षा के नए मॉडल विकसित होने की संभावना है।
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