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एकनाथ शिंदे ने UK निवेशकों को महाराष्ट्र में निवेश का दिया न्योता
Digital Desk
एकनाथ शिंदे ने लंदन में UK निवेशकों से महाराष्ट्र में निवेश की अपील की। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और कुशल श्रमशक्ति को राज्य की ताकत बताया।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ब्रिटेन के निवेशकों और उद्योगपतियों को महाराष्ट्र में कारोबार और निवेश के अवसर तलाशने का न्योता दिया है। लंदन की अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र तेजी से बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रहा है और राज्य में उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन तथा बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है।
उन्होंने ब्रिटेन में बसे उद्योगपतियों, उद्यमियों और अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों से महाराष्ट्र में निवेश बढ़ाने की अपील की। शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार नई कंपनियों को कारोबार शुरू करने और मौजूदा कंपनियों को विस्तार देने में हरसंभव सहयोग देगी।
यह पहल ऐसे समय में हुई है जब भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। दोनों देशों के बीच निवेश सहयोग को भी द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
लंदन में निवेशकों से अपील
लंदन में उद्योगपतियों और कारोबारी प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए शिंदे ने भारत-ब्रिटेन आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए महाराष्ट्र में निवेश करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और ब्रिटेन के संबंधों में नई गति आई है और इस साझेदारी को व्यापार तथा निवेश के जरिए आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
शिंदे ने महाराष्ट्र की मजबूत औद्योगिक मौजूदगी, बुनियादी ढांचे के विकास और कुशल श्रमशक्ति को विदेशी निवेशकों के लिए प्रमुख आकर्षण बताया।
बुनियादी ढांचे पर जोर
शिंदे ने महाराष्ट्र में चल रहे बड़े बुनियादी ढांचा विकास कार्यों को भी निवेशकों के सामने प्रमुखता से रखा।
राज्य में सड़क, रेल, बंदरगाह और हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम हुआ है। इनमें नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, महाराष्ट्र समृद्धि कॉरिडोर, मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक और मुंबई, पुणे तथा नागपुर में मेट्रो नेटवर्क जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से औद्योगिक इकाइयों, लॉजिस्टिक्स और वाणिज्यिक गतिविधियों को फायदा मिलेगा।
कुशल श्रमशक्ति बनी ताकत
निवेशकों से बातचीत के दौरान शिंदे ने महाराष्ट्र की कुशल श्रमशक्ति को भी राज्य की प्रमुख ताकत बताया।
महाराष्ट्र में विनिर्माण, सेवा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों का व्यापक औद्योगिक आधार मौजूद है। राज्य लंबे समय से देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल रहा है और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए विभिन्न नीतियों और प्रोत्साहनों का इस्तेमाल कर रहा है।
सरकार का लक्ष्य विदेशी पूंजी के साथ-साथ राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करना भी है।
निवेशकों से मिला सकारात्मक संकेत
शिंदे ने कहा कि लंदन में आयोजित निवेशक संवाद को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। उनके अनुसार, कई उद्यमियों ने महाराष्ट्र में निवेश की संभावनाओं में रुचि दिखाई और राज्य में निवेश पर विचार करने का भरोसा दिया।
उन्होंने संभावित निवेशकों को राज्य सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग का आश्वासन भी दिया।
महाराष्ट्र पहले से ही औद्योगिक नीतियों, निवेश प्रोत्साहन, भूमि उपलब्धता और सिंगल-विंडो क्लियरेंस जैसी व्यवस्थाओं के जरिए वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है।
भारत-ब्रिटेन संबंधों पर नजर
शिंदे का लंदन दौरा भारत और ब्रिटेन के बीच बढ़ते आर्थिक संपर्क के बीच हुआ है। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर बातचीत जारी है।
भारत और ब्रिटेन के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय निवेश संधि पर बातचीत को आगे बढ़ाने की संभावनाओं को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसा निवेश ढांचा दोनों देशों की कंपनियों को दीर्घकालिक निवेश के लिए अधिक स्पष्टता और भरोसा दे सकता है।
महाराष्ट्र के लिए ब्रिटिश निवेश राज्य में बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, तकनीक और सेवा क्षेत्रों में विदेशी पूंजी आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा बन सकता है।
ब्रिटिश सांसद से मुलाकात
लंदन यात्रा के दौरान शिंदे ने ब्रिटेन की संसद में कंजर्वेटिव सांसद टॉम टुगेंदहाट से भी मुलाकात की।
शिंदे के अनुसार, बातचीत में भारत-ब्रिटेन साझेदारी को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह साझेदारी दोनों समाजों के बीच भी मजबूत संपर्क का माध्यम है।
इस मुलाकात के दौरान राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा भी मौजूद रहे। शिंदे 9 से 11 सितंबर तक तीन दिवसीय लंदन दौरे पर हैं।
महाराष्ट्र की निवेश क्षमता
महाराष्ट्र भारत के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्रों में शामिल है। राज्य में बड़ा उपभोक्ता बाजार, विकसित औद्योगिक आधार और विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्रों का व्यापक नेटवर्क है।
राज्य की निवेश एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, प्रमुख बंदरगाहों, विस्तृत रेल नेटवर्क और राष्ट्रीय राजमार्गों को इसकी प्रमुख बुनियादी ताकतों में गिनाती हैं।
लंदन में शिंदे का निवेश अभियान इन्हीं क्षमताओं को वैश्विक निवेशकों के सामने रखने की कोशिश है। अब सरकार के सामने चुनौती निवेशकों की शुरुआती रुचि को ठोस निवेश प्रस्तावों, नई परियोजनाओं और रोजगार के अवसरों में बदलने की होगी।
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