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तेलंगाना सरकार के 1,000 दिन पूरे, BJP ने घेरा; पूछा- छह गारंटियों और चुनावी वादों का क्या हुआ?
भारत
NV सुभाष ने रोजगार, महिला सहायता और किसान योजनाओं पर उठाए सवाल; कांग्रेस ने 70 हजार सरकारी नियुक्तियां, किसान कर्जमाफी और कल्याणकारी योजनाओं को उपलब्धि बताया
तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के 1,000 दिन पूरे होने के साथ ही राज्य की राजनीति में उपलब्धियों और चुनावी वादों को लेकर बहस तेज हो गई है। BJP ने सरकार के 1,000 दिन पूरे होने के मौके पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि 2023 विधानसभा चुनाव में किए गए वादों और छह गारंटियों में से कितने पूरी तरह लागू हुए हैं। तेलंगाना BJP के मुख्य प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी एनवी सुभाष ने सरकार के 1,000 दिन पूरे होने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोगों को जश्न के बजाय सरकार से अपने वादों पर जवाब चाहिए। यह BJP का राजनीतिक आरोप है; कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में कई कल्याणकारी और विकास योजनाओं को लागू करने का दावा किया है।
छह गारंटियों को लेकर BJP का सवाल
BJP ने कांग्रेस की छह चुनावी गारंटियों के क्रियान्वयन को अपने हमले का प्रमुख आधार बनाया है। पार्टी ने महिलाओं के लिए प्रस्तावित आर्थिक सहायता, किसानों से जुड़े वादों और रोजगार के मुद्दे पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। BJP ने खास तौर पर सरकारी नौकरियों के वादे का मुद्दा उठाया। कांग्रेस ने एक लाख सरकारी पद भरने का लक्ष्य रखा था, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि अब तक करीब 70 हजार सरकारी नियुक्तियां की जा चुकी हैं। हालांकि, एक लाख नौकरियों के वादे को लेकर विपक्ष सरकार के आंकड़ों पर सवाल उठाता रहा है। BRS नेता केटी रामाराव ने भी 70 हजार नियुक्तियों के सरकारी दावे को प्रमाणित करने की मांग की थी।
महिलाओं और किसानों के मुद्दे पर भी निशाना
BJP ने महिलाओं के लिए ₹2,500 मासिक सहायता के वादे को लेकर भी कांग्रेस सरकार को घेरा। पार्टी ने यह सवाल उठाया कि महिलाओं के लिए किए गए सभी चुनावी वादों का लाभ कितने पात्र लोगों तक पहुंचा है।
वहीं, तेलंगाना सरकार अपने किसान-केंद्रित कार्यक्रमों को प्रमुख उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, सरकार ने 25 लाख से अधिक किसानों के लिए ₹2 लाख तक की फसल ऋणमाफी की है और Rythu Bharosa के तहत भी किसानों को सहायता दी गई है। सरकार के मुताबिक, कृषि और किसान कल्याण पर पिछले करीब 30 महीनों में ₹1.75 लाख करोड़ खर्च किए गए हैं। कांग्रेस की ओर से इसे किसानों के लिए सरकार की प्राथमिकता के तौर पर बताया जा रहा है।
कांग्रेस ने गिनाईं ये उपलब्धियां
कांग्रेस सरकार ने BJP के आरोपों के जवाब में अपने 1,000 दिनों के कामकाज का अलग आकलन पेश किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कल्याण, सामाजिक न्याय, रोजगार, निवेश और बुनियादी ढांचे को सरकार के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में सामने रखा है।
तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने किसानों, महिलाओं, छात्रों, युवाओं और गरीब परिवारों से जुड़ी योजनाओं को सरकार की उपलब्धियों में शामिल किया। कांग्रेस के मुताबिक, Gruha Jyothi के तहत पात्र परिवारों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली और ₹500 में LPG सिलेंडर जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा है कि सरकार ने 16 लाख से ज्यादा नए राशन कार्ड जारी किए हैं और 70 हजार से अधिक सरकारी नियुक्तियां की हैं।
BRS भी सरकार को घेरने की तैयारी में
1,000 दिन पूरे होने का मौका केवल BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं है। मुख्य विपक्षी दल BRS ने भी सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान की घोषणा की है। BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कांग्रेस सरकार के कथित अधूरे वादों और नाकामियों को लेकर लोगों के बीच जाने को कहा है। पार्टी ने 2 सितंबर से सप्ताहभर के कार्यक्रम की योजना बनाई है।
विधानसभा सत्र से पहले बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
तेलंगाना विधानसभा का सत्र 7 सितंबर से शुरू होना है। ऐसे में सरकार के 1,000 दिन पूरे होने का मुद्दा विधानसभा में भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकता है। BJP और BRS दोनों ही सरकार के चुनावी वादों और उनके क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाने की तैयारी में हैं। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी विपक्ष पर पलटवार किया है। उन्होंने BRS प्रमुख और विपक्ष के नेता के. चंद्रशेखर राव को विधानसभा में दोनों सरकारों के कामकाज की तुलना पर बहस की चुनौती दी है।
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