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कोटा में भजनलाल शर्मा का Triple-Engine दांव, BJP के लिए मांगे वोट
Digital Desk
राजस्थान CM भजनलाल शर्मा ने कोटा में BJP उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया और ट्रिपल-इंजन सरकार को तेज विकास का आधार बताया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को कोटा में BJP के लिए चुनाव प्रचार करते हुए मतदाताओं से स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राजस्थान में BJP सरकार के साथ नगर निकायों में भी पार्टी की सरकार बनने से विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
कोटा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शर्मा ने “ट्रिपल-इंजन सरकार” का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में BJP की सरकार को स्थानीय निकायों में भी मजबूत समर्थन मिलने से योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास परियोजनाओं में बेहतर समन्वय होगा।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और “तुष्टीकरण की राजनीति” के आरोप लगाए। उनका यह बयान राजस्थान में दो चरणों में हो रहे शहरी निकाय चुनाव के महत्वपूर्ण दौर में आया है।
ट्रिपल-इंजन पर BJP का जोर
भजनलाल शर्मा ने राजस्थान और केंद्र में BJP सरकार को “डबल-इंजन” सरकार बताया।
उनके अनुसार, नगर निकायों में BJP प्रतिनिधियों को चुनने से शासन का तीसरा स्तर भी पार्टी के साथ जुड़ जाएगा। इससे कोटा, राजस्थान और देश के विकास लक्ष्यों को गति देने में मदद मिलेगी।
BJP के चुनाव अभियान में स्थानीय निकायों में पार्टी की सरकार को राज्य और केंद्र के साथ जोड़कर विकास कार्यों में तेजी का तर्क प्रमुखता से सामने रखा जा रहा है।
शर्मा ने मतदाताओं से स्थानीय स्तर पर भी BJP को मजबूत करने की अपील की।
कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर उसके पिछले शासन के दौरान भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और खराब प्रशासन के आरोप लगाए।
उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सामने आए कथित परीक्षा पेपर लीक मामलों का भी जिक्र किया। शर्मा ने कहा कि ऐसे मामलों से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को निराशा हुई।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से BJP सरकार के प्रदर्शन को लेकर की गई आलोचना पर भी शर्मा ने प्रतिक्रिया दी।
कांग्रेस ने शर्मा के राजस्थान में व्यापक चुनाव प्रचार को लेकर भी सवाल उठाए हैं। विपक्ष का तर्क है कि यदि सरकार का प्रदर्शन मजबूत होता तो मुख्यमंत्री को निकाय चुनाव में इतनी व्यापक स्तर पर प्रचार की जरूरत नहीं पड़ती।
विकास परियोजनाओं पर जोर
भजनलाल शर्मा ने अपने करीब ढाई साल के कार्यकाल के दौरान सरकार द्वारा आगे बढ़ाई गई परियोजनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने Eastern Rajasthan Canal Project (ERCP), यमुना जल समझौते और नर्मदा परियोजना को राजस्थान की लंबे समय से चली आ रही जल जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
मुख्यमंत्री ने राज्य की बिजली व्यवस्था में सुधार का भी दावा किया।
उनके चुनावी भाषण के अनुसार, राजस्थान अब करीब 12,000 MW बिजली का उत्पादन कर रहा है और बिजली की कमी वाले राज्य से दूसरे राज्यों को बिजली उपलब्ध कराने की स्थिति में पहुंच गया है।
रोजगार और निवेश का मुद्दा
कोटा की रैली में रोजगार भी मुख्यमंत्री के भाषण का प्रमुख मुद्दा रहा।
शर्मा ने दावा किया कि BJP सरकार ने अपने पहले ढाई वर्षों में युवाओं को 1.89 लाख सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी जारी है।
मुख्यमंत्री ने Rising Rajasthan निवेश पहल का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इस पहल के तहत करीब 7,000 करोड़ रुपये के निवेश संबंधी समझौते लागू किए जा चुके हैं।
हालांकि, ये आंकड़े मुख्यमंत्री द्वारा चुनावी अभियान के दौरान किए गए सरकारी दावे हैं और इन्हें उन्होंने अपनी सरकार के प्रदर्शन के प्रमाण के तौर पर पेश किया।
निकाय चुनाव पर नजर
कोटा में मुख्यमंत्री की रैली राजस्थान के शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के बीच हुई है। चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं।
पहले चरण के लिए मतदान 9 सितंबर को और बाकी शहरी निकायों के लिए 11 सितंबर को मतदान निर्धारित है। दोनों चरणों की मतगणना 14 सितंबर को होगी।
राजस्थान के 309 शहरी स्थानीय निकायों में चुनाव हो रहे हैं। इसलिए यह चुनाव BJP सरकार और कांग्रेस दोनों के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है।
BJP के लिए नगर निकायों में जीत स्थानीय स्तर पर संगठन और राजनीतिक प्रभाव को मजबूत करेगी और मुख्यमंत्री के ट्रिपल-इंजन मॉडल को समर्थन देगी।
One State One Election
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में “One State, One Election” की अवधारणा का भी समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से समय और संसाधनों की खपत होती है। शर्मा ने उन कांग्रेस नेताओं पर भी सवाल उठाए, जिन्होंने पहले ऐसी व्यवस्था की व्यवहारिकता पर आपत्ति या संदेह जताया था।
BJP स्थानीय चुनावों में केंद्र, राज्य और स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय को लगातार एक प्रमुख राजनीतिक संदेश के रूप में इस्तेमाल करती रही है।
कोटा बना अहम मुकाबला
कोटा इस निकाय चुनाव में महत्वपूर्ण राजनीतिक मुकाबले के रूप में उभर रहा है। शहर में पानी, बिजली, सफाई, सीवरेज, ट्रैफिक और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे मतदाताओं के लिए अहम हो सकते हैं।
भजनलाल शर्मा की रैली का उद्देश्य निकाय चुनाव को राज्य सरकार के विकास रिकॉर्ड से जोड़ना और यह संदेश देना था कि स्थानीय स्तर पर BJP की जीत से विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आ सकती है।
दूसरी ओर, कांग्रेस स्थानीय प्रशासन और शासन से जुड़े मुद्दों पर BJP को चुनौती देने की कोशिश कर रही है।
अब जब पहले चरण का मतदान शुरू हो चुका है, चुनाव परिणाम यह संकेत देंगे कि BJP का “ट्रिपल-इंजन सरकार” का संदेश नगर निकाय स्तर पर मतदाताओं को कितना प्रभावित कर पाता है।
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