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राघव चड्ढा ने AAP के वोटर रजिस्ट्रेशन आरोपों को नकारा
Digital Desk
राघव चड्ढा ने दिल्ली में वोटर रजिस्ट्रेशन को लेकर AAP के आरोपों को खारिज किया। दिल्ली CEO ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया स्पष्ट की।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दिल्ली में अपने मतदाता पंजीकरण को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के आरोपों को खारिज कर दिया है। चड्ढा ने कहा कि उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के लागू दिशा-निर्देशों और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही अपने वोटर रजिस्ट्रेशन से जुड़े कदम उठाए हैं।
विवाद दिल्ली की राजिंदर नगर विधानसभा सीट (Assembly Constituency 39) की मतदाता सूची में चड्ढा का नाम सामने आने के बाद शुरू हुआ। AAP ने सवाल उठाया कि दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद उनका नाम किस प्रक्रिया के तहत सूची में शामिल हुआ।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने इस बीच स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या विवरण में बदलाव के लिए निर्धारित फॉर्म और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाता है।
AAP ने उठाए वोटर लिस्ट पर सवाल
AAP ने राजिंदर नगर की मतदाता सूची में राघव चड्ढा का नाम शामिल होने को लेकर सवाल उठाया है।
AAP दिल्ली के नेता सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि 31 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में संबंधित स्थान पर 746 मतदाता दर्ज थे। इसके बाद जारी सूची में चड्ढा का नाम 747वें मतदाता के रूप में दिखाई दिया।
AAP ने निर्वाचन आयोग से यह स्पष्ट करने की मांग की कि चड्ढा का नाम मतदाता सूची में कब और किस प्रक्रिया के तहत जोड़ा गया।
पार्टी ने इस मामले को पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूची में चड्ढा के नाम के “shifted” के रूप में चिह्नित होने से भी जोड़ा है। पंजाब में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के दौरान उनके नाम की स्थिति को लेकर भी राजनीतिक विवाद हुआ है।
चड्ढा ने आरोपों को बताया निराधार
AAP के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया है।
उन्होंने अपनी पूर्व पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि AAP पहले आरोप तय करती है और फिर उसे सही साबित करने के लिए तर्क तलाशती है। चड्ढा ने यह भी कहा कि पार्टी चुनावी मतदाता सूची और राजनीतिक सदस्यता से जुड़ी व्यवस्थाओं को आपस में मिला रही है।
BJP सांसद ने कहा कि उन्होंने चुनावी नियमों के तहत उपलब्ध कानूनी उपायों का इस्तेमाल किया है और उनका मतदाता पंजीकरण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हुआ है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब AAP छोड़कर BJP में शामिल होने के बाद चड्ढा और उनकी पूर्व पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ा है।
दिल्ली CEO ने समझाई प्रक्रिया
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने विवाद के बीच मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है।
CEO कार्यालय के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या किसी विवरण में बदलाव के लिए निर्धारित चुनावी फॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है।
Form 6 नए मतदाता का नाम शामिल करने के लिए इस्तेमाल होता है। Form 7 किसी नाम पर आपत्ति या उसे हटाने से संबंधित है, जबकि Form 8 पते में बदलाव, स्थानांतरण और मतदाता सूची में सुधार या संशोधन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
इन आवेदनों पर Electoral Registration Officers (EROs) संबंधित चुनावी कानूनों और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत कार्रवाई करते हैं।
पंजाब की वोटर लिस्ट पर विवाद
दिल्ली का यह विवाद पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूची में चड्ढा के नाम को “shifted” किए जाने के कुछ दिनों बाद सामने आया है।
चड्ढा ने इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया था। उन्होंने सवाल उठाया था कि मोहाली में उनके मतदाता पंजीकरण के बावजूद पंजाब की ड्राफ्ट सूची में उनका नाम shifted क्यों दिखाया गया।
AAP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि Special Intensive Revision निर्वाचन आयोग द्वारा कराई जा रही प्रक्रिया है और इसमें पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
AAP ने अलग से आरोप लगाया है कि चड्ढा ने दिल्ली में अपना मतदाता पंजीकरण कराने के लिए कथित तौर पर पिछली तारीख से जुड़ी प्रक्रिया का सहारा लिया। पार्टी ने किसी भी संभावित अनियमितता की जांच की मांग की है।
हालांकि, अभी तक इन आरोपों के आधार पर चड्ढा के खिलाफ किसी अनियमितता या गैरकानूनी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
SIR पर भी बढ़ी राजनीतिक बहस
यह पूरा विवाद देश में चल रही मतदाता सूची की Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के बीच सामने आया है।
SIR के दौरान मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने और सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच पहले से बहस चल रही है। चड्ढा का मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि पंजाब की ड्राफ्ट सूची में उनके नाम को shifted बताया गया और इसके बाद दिल्ली की मतदाता सूची में उनका नाम सामने आया।
दिल्ली CEO के स्पष्टीकरण से यह स्पष्ट होता है कि मतदाता सूची में बदलाव निर्धारित फॉर्म और वैधानिक प्रक्रिया के जरिए किए जाते हैं।
फिलहाल अनियमितता की पुष्टि नहीं
फिलहाल किसी आधिकारिक निष्कर्ष से यह स्थापित नहीं हुआ है कि राघव चड्ढा का दिल्ली में मतदाता पंजीकरण गैरकानूनी तरीके से किया गया।
AAP ने नाम जुड़ने के समय और प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि चड्ढा का कहना है कि उन्होंने चुनाव आयोग के नियमों का पालन किया। दिल्ली CEO कार्यालय ने मतदाता सूची में बदलाव के लिए लागू कानूनी प्रक्रिया भी स्पष्ट कर दी है।
Hindustan Times की रिपोर्ट के अनुसार, निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी चड्ढा का नाम दिल्ली की मतदाता सूची में किसी “back-channel” प्रक्रिया से शामिल किए जाने के सुझाव को खारिज किया है।
AAP-BJP टकराव और बढ़ा
मतदाता पंजीकरण का यह विवाद राघव चड्ढा और AAP के बीच राजनीतिक टकराव को एक नया आयाम देता है। AAP से अलग होने और BJP में शामिल होने के बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार सामने आते रहे हैं।
फिलहाल विवाद का मुख्य सवाल यही है कि राजिंदर नगर की मतदाता सूची में चड्ढा का नाम किस प्रक्रिया के तहत शामिल हुआ और क्या सभी आवश्यक चुनावी औपचारिकताएं पूरी की गईं।
चड्ढा का दावा है कि उन्होंने ECI के नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी की है। वहीं AAP नाम जुड़ने के समय और तरीके पर सवाल उठा रही है। दिल्ली CEO द्वारा निर्धारित फॉर्म और प्रक्रिया की जानकारी दिए जाने के बाद अब इन्हीं औपचारिकताओं के आधार पर दोनों पक्षों के दावों का आकलन किया जा सकता है।
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