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आजादी केवल उत्सव नहीं, राष्ट्र के प्रति संकल्प का पर्व है : शांतनु शुक्ला
Digital desk
हर भारतीय तिरंगे की शान, देश की एकता और अखंडता के लिए अपना योगदान देने का संकल्प ले
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शांतनु शुक्ला ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 15 अगस्त केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं, बल्कि उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
शांतनु शुक्ला ने कहा कि तिरंगा हमारी आन, बान और शान है। इसके नीचे हम सभी की पहचान केवल भारतीय की है। जाति, पंथ, भाषा और क्षेत्र से ऊपर उठकर राष्ट्र की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देना ही सच्ची देशभक्ति है।
उन्होंने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति ने सदैव ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और मानव कल्याण का संदेश दिया है। आज आवश्यकता है कि हम राष्ट्र निर्माण को सेवा, संस्कार और सद्भाव से जोड़ें। युवा शक्ति अपने ज्ञान, परिश्रम और प्रतिभा का उपयोग देश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने में करे।
शांतनु शुक्ला ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में भगवान भोलेनाथ की आराधना के साथ राष्ट्र की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करना भी हमारी आध्यात्मिक परंपरा का हिस्सा है। सनातन का मूल संदेश ही लोककल्याण है और राष्ट्रसेवा भी उसी भावना का विस्तार है।
उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि इस स्वतंत्रता दिवस पर हम केवल तिरंगा फहराने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने कर्मों से भारत को मजबूत बनाने का संकल्प लें। सीमाओं पर सैनिक देश की रक्षा कर रहे हैं, तो नागरिकों का कर्तव्य है कि वे समाज में भाईचारा, सद्भाव, ईमानदारी और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करें।
शांतनु शुक्ला ने कहा, “आजादी हमारे पूर्वजों का अमूल्य उपहार है और आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी जिम्मेदारी। आइए, इस 15 अगस्त हम संकल्प लें कि भारत की एकता, अखंडता, संस्कृति और गौरव को सदैव सर्वोच्च रखेंगे। तिरंगा हमेशा ऊंचा रहे और भारत विश्व में शांति, संस्कृति और मानवता का मार्गदर्शक बने।”
जय हिंद। वंदे मातरम्।
आजादी केवल उत्सव नहीं, राष्ट्र के प्रति संकल्प का पर्व है : शांतनु शुक्ला
Digital desk
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शांतनु शुक्ला ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 15 अगस्त केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं, बल्कि उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
शांतनु शुक्ला ने कहा कि तिरंगा हमारी आन, बान और शान है। इसके नीचे हम सभी की पहचान केवल भारतीय की है। जाति, पंथ, भाषा और क्षेत्र से ऊपर उठकर राष्ट्र की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देना ही सच्ची देशभक्ति है।
उन्होंने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति ने सदैव ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और मानव कल्याण का संदेश दिया है। आज आवश्यकता है कि हम राष्ट्र निर्माण को सेवा, संस्कार और सद्भाव से जोड़ें। युवा शक्ति अपने ज्ञान, परिश्रम और प्रतिभा का उपयोग देश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने में करे।
शांतनु शुक्ला ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में भगवान भोलेनाथ की आराधना के साथ राष्ट्र की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करना भी हमारी आध्यात्मिक परंपरा का हिस्सा है। सनातन का मूल संदेश ही लोककल्याण है और राष्ट्रसेवा भी उसी भावना का विस्तार है।
उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि इस स्वतंत्रता दिवस पर हम केवल तिरंगा फहराने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने कर्मों से भारत को मजबूत बनाने का संकल्प लें। सीमाओं पर सैनिक देश की रक्षा कर रहे हैं, तो नागरिकों का कर्तव्य है कि वे समाज में भाईचारा, सद्भाव, ईमानदारी और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करें।
शांतनु शुक्ला ने कहा, “आजादी हमारे पूर्वजों का अमूल्य उपहार है और आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी जिम्मेदारी। आइए, इस 15 अगस्त हम संकल्प लें कि भारत की एकता, अखंडता, संस्कृति और गौरव को सदैव सर्वोच्च रखेंगे। तिरंगा हमेशा ऊंचा रहे और भारत विश्व में शांति, संस्कृति और मानवता का मार्गदर्शक बने।”
जय हिंद। वंदे मातरम्।
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