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गॉल टेस्ट में भारत 116/1, राहुल-पडिक्कल ने संभाली पारी
स्पोर्ट्स डेस्क
श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत को शुरुआती झटका, रन आउट हुए यशस्वी जायसवाल; दूसरे सेशन में राहुल और पडिक्कल ने मोर्चा संभाला
श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट में भारतीय टीम ने बल्लेबाजी करते हुए अपनी स्थिति संभाल ली है। दूसरे सेशन के दौरान भारत का स्कोर एक विकेट पर 116 रन पहुंच गया है। यशस्वी जायसवाल के रन आउट होने के बाद कुछ देर के लिए भारतीय पारी पर दबाव आया, लेकिन केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल ने क्रीज पर टिककर पारी को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हो चुकी है। गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम की परिस्थितियों में श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ शुरुआत में भारतीय बल्लेबाजों को संभलकर खेलना पड़ा। पिच पर गेंद के टर्न होने की संभावना के बीच राहुल ने एक छोर संभालकर बल्लेबाजी की, जबकि पडिक्कल ने भी समय लेकर शॉट लगाए। भारत के लिए सबसे बड़ा झटका यशस्वी जायसवाल का विकेट रहा। उनका रन आउट कुछ हद तक अप्रत्याशित तरीके से हुआ। दोनों बल्लेबाजों के बीच तालमेल बिगड़ा और जायसवाल को अपना विकेट गंवाना पड़ा।
इस विकेट के बाद राहुल ने पारी को स्थिर करने की जिम्मेदारी संभाली। गॉल में खेले जा रहे इस मुकाबले को लेकर पहले से ही स्पिन गेंदबाजी की चर्चा थी और श्रीलंका ने भी परिस्थितियों को देखते हुए स्पिन विकल्पों पर भरोसा किया है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों के लिए विकेट बचाकर रन बनाना चुनौती बना हुआ है। राहुल और पडिक्कल की साझेदारी फिलहाल टीम के लिए अहम है। राहुल का अनुभव विदेशी परिस्थितियों में भारत के काम आता रहा है और यहां भी वह शुरुआत से ही धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते नजर आए। पडिक्कल के लिए भी यह पारी महत्वपूर्ण है, क्योंकि टेस्ट टीम में अपनी जगह मजबूत करने के लिए उन्हें मिले मौकों को बड़ी पारियों में बदलना होगा। शुरुआती विकेट गिरने के बाद दोनों ने जोखिम कम रखा और स्कोर को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया। भारत ने जब 100 रन का आंकड़ा पार किया तो पारी कुछ हद तक नियंत्रण में दिखाई देने लगी। हालांकि गॉल की पिच पर मैच आगे बढ़ने के साथ बल्लेबाजी आसान रहेगी या नहीं, यह देखने वाली बात होगी।
इस मुकाबले की एक खास बात यह भी है कि भारतीय टीम का यह 600वां टेस्ट मैच है। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और शुरुआती ओवरों में श्रीलंकाई गेंदबाजों ने भारतीय सलामी बल्लेबाजों को ज्यादा खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। यशस्वी के आउट होने के बाद राहुल और पडिक्कल ने रन बनाने के साथ विकेट बचाने पर ज्यादा ध्यान दिया। दोनों के बीच बनी अर्धशतकीय साझेदारी ने भारतीय पारी को फिर से पटरी पर ला दिया है। यशस्वी का रन आउट इस पारी की अब तक की सबसे चर्चित घटना रही। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल और जायसवाल के बीच रन लेने को लेकर गलतफहमी हुई और दोनों एक ही छोर पर पहुंच गए, जिसके बाद जायसवाल को वापस लौटना पड़ा। भारतीय टीम के लिए अब निगाहें राहुल और पडिक्कल पर हैं। अगर यह जोड़ी लंबी साझेदारी में बदलती है तो भारत मजबूत स्कोर की तरफ बढ़ सकता है।
दूसरी तरफ श्रीलंका के गेंदबाजों को जल्द विकेट निकालने की जरूरत होगी, क्योंकि गॉल में पहली पारी का स्कोर मैच की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। पडिक्कल की बल्लेबाजी भी इस समय ध्यान खींच रही है। वह इससे पहले टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए खेल चुके हैं और उनके अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर की शुरुआत 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ हुई थी। गॉल में श्रीलंका के स्पिनरों के सामने उनकी तकनीक की परीक्षा हो रही है। राहुल दूसरे छोर पर मौजूद हैं, इसलिए दोनों के बीच अनुभव और युवा बल्लेबाजी का संतुलन दिखाई दे रहा है। फिलहाल भारत 116 रन पर एक विकेट गंवा चुका है और दूसरे सेशन में खेल जारी है। श्रीलंका की टीम लगातार दबाव बनाने की कोशिश में है, जबकि भारतीय बल्लेबाज क्रीज पर समय बिताकर स्कोर को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
गॉल टेस्ट में भारत 116/1, राहुल-पडिक्कल ने संभाली पारी
स्पोर्ट्स डेस्क
श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट में भारतीय टीम ने बल्लेबाजी करते हुए अपनी स्थिति संभाल ली है। दूसरे सेशन के दौरान भारत का स्कोर एक विकेट पर 116 रन पहुंच गया है। यशस्वी जायसवाल के रन आउट होने के बाद कुछ देर के लिए भारतीय पारी पर दबाव आया, लेकिन केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल ने क्रीज पर टिककर पारी को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हो चुकी है। गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम की परिस्थितियों में श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ शुरुआत में भारतीय बल्लेबाजों को संभलकर खेलना पड़ा। पिच पर गेंद के टर्न होने की संभावना के बीच राहुल ने एक छोर संभालकर बल्लेबाजी की, जबकि पडिक्कल ने भी समय लेकर शॉट लगाए। भारत के लिए सबसे बड़ा झटका यशस्वी जायसवाल का विकेट रहा। उनका रन आउट कुछ हद तक अप्रत्याशित तरीके से हुआ। दोनों बल्लेबाजों के बीच तालमेल बिगड़ा और जायसवाल को अपना विकेट गंवाना पड़ा।
इस विकेट के बाद राहुल ने पारी को स्थिर करने की जिम्मेदारी संभाली। गॉल में खेले जा रहे इस मुकाबले को लेकर पहले से ही स्पिन गेंदबाजी की चर्चा थी और श्रीलंका ने भी परिस्थितियों को देखते हुए स्पिन विकल्पों पर भरोसा किया है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों के लिए विकेट बचाकर रन बनाना चुनौती बना हुआ है। राहुल और पडिक्कल की साझेदारी फिलहाल टीम के लिए अहम है। राहुल का अनुभव विदेशी परिस्थितियों में भारत के काम आता रहा है और यहां भी वह शुरुआत से ही धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते नजर आए। पडिक्कल के लिए भी यह पारी महत्वपूर्ण है, क्योंकि टेस्ट टीम में अपनी जगह मजबूत करने के लिए उन्हें मिले मौकों को बड़ी पारियों में बदलना होगा। शुरुआती विकेट गिरने के बाद दोनों ने जोखिम कम रखा और स्कोर को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया। भारत ने जब 100 रन का आंकड़ा पार किया तो पारी कुछ हद तक नियंत्रण में दिखाई देने लगी। हालांकि गॉल की पिच पर मैच आगे बढ़ने के साथ बल्लेबाजी आसान रहेगी या नहीं, यह देखने वाली बात होगी।
इस मुकाबले की एक खास बात यह भी है कि भारतीय टीम का यह 600वां टेस्ट मैच है। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और शुरुआती ओवरों में श्रीलंकाई गेंदबाजों ने भारतीय सलामी बल्लेबाजों को ज्यादा खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। यशस्वी के आउट होने के बाद राहुल और पडिक्कल ने रन बनाने के साथ विकेट बचाने पर ज्यादा ध्यान दिया। दोनों के बीच बनी अर्धशतकीय साझेदारी ने भारतीय पारी को फिर से पटरी पर ला दिया है। यशस्वी का रन आउट इस पारी की अब तक की सबसे चर्चित घटना रही। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल और जायसवाल के बीच रन लेने को लेकर गलतफहमी हुई और दोनों एक ही छोर पर पहुंच गए, जिसके बाद जायसवाल को वापस लौटना पड़ा। भारतीय टीम के लिए अब निगाहें राहुल और पडिक्कल पर हैं। अगर यह जोड़ी लंबी साझेदारी में बदलती है तो भारत मजबूत स्कोर की तरफ बढ़ सकता है।
दूसरी तरफ श्रीलंका के गेंदबाजों को जल्द विकेट निकालने की जरूरत होगी, क्योंकि गॉल में पहली पारी का स्कोर मैच की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। पडिक्कल की बल्लेबाजी भी इस समय ध्यान खींच रही है। वह इससे पहले टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए खेल चुके हैं और उनके अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर की शुरुआत 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ हुई थी। गॉल में श्रीलंका के स्पिनरों के सामने उनकी तकनीक की परीक्षा हो रही है। राहुल दूसरे छोर पर मौजूद हैं, इसलिए दोनों के बीच अनुभव और युवा बल्लेबाजी का संतुलन दिखाई दे रहा है। फिलहाल भारत 116 रन पर एक विकेट गंवा चुका है और दूसरे सेशन में खेल जारी है। श्रीलंका की टीम लगातार दबाव बनाने की कोशिश में है, जबकि भारतीय बल्लेबाज क्रीज पर समय बिताकर स्कोर को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
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