भुजंगासन (Bhujangasana)
मांसपेशियों को मजबूत करने के लिहाज से भुजंगासन काफी फायदेमंद होता है। दो शब्दों से मिलकर बने इसके नाम की ओर गौर करें, तो पाएंगे कि भुजंग यानी सांप और आसन मतलब मुद्रा। यही वजह है कि इस योगासन को करने के लिए आपको कोबरा की पोजीशन लेनी पड़ती है। इसे करने के लिए पेट के बल लेटना होता है और फिर दोनों हाथों को जमीन पर टिकाकर हथेलियों को कंधों के बराबर लाना होता है। इसके बाद छाती वाले हिस्से को ऊपर उठाकर सांप के फन की मुद्रा लेनी होती है। इस दौरान आप बीच-बीच में ब्रेक भी ले सकते हैं। बता दें, कि नसों को खोलने के लिए यह योगासन काफी मददगार है।
अधोमुख श्वान आसन (Downward Dog Pose)
दबी नसों को खोलने के लिए अधोमुख श्वान आसन भी काफी कारगर है। यह शरीर में ब्लड फ्लो को बढ़ाने के साथ-साथ मांसपेशियों को मजबूत भी बनाता है। अधोमुख का मतलब है मुंह को नीचे की ओर रखना और श्वान शब्द का मतलब है कुत्ता। इस योगासन को डाउनवर्ड फेसिंग डॉग पोज भी कहते हैं। इसका अभ्यास करने के लिए आपको सबसे पहले दोनों हाथों को ऊपर ले जाना है और फिर जमीन पर नीचे की ओर झुकना है। ध्यान रहे, कि इस दौरान आपके घुटने एकदम सीधे रहें और शरीर का आकार धनुष की तरह हो। ऐसे में, गहरी सांसे लेते हुए कूल्हों पर जोर डालें और हाथों को जमीन पर टिकाएं। ऐसा करते हुए आंखें पैरों की ओर होनी चाहिए और सिर जमीन की तरफ।
त्रिकोणासन (Trikonasana)
पैरों में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने के लिए त्रिकोणासन भी बेस्ट होता है। इसकी मदद से आप शरीर में दबी हुई नसों को खोल सकते हैं और मांसपेशियों में होने वाले तनाव से भी राहत पा सकते हैं। इसका अभ्यास करने के लिए आप दोनों पैरों के बीच थोड़ा फासला दें और सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद गहरी सांस लेते हुए दाईं ओर झुकें और नजरों को सामने की तरफ रखें। अब इस पोजीशन में बाएं हाथ की उंगलियों से बाएं पैर को छूने की कोशिश करें और फिर इसी क्रम को दाएं पैर पर भी दोहराएं।

