सर्दियों का मौसम आंखों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो रोज़ाना कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करते हैं। आंखों में पानी की कमी और ठंडी हवा से सूखापन बढ़ जाता है, जिससे लेंस पहनना खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सावधानी न बरती जाए तो आंखों में जलन, इन्फेक्शन और विज़न संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
ठंड के मौसम में हवा में आर्द्रता कम हो जाती है। इस वजह से आंखों की प्राकृतिक नमी कम हो जाती है और लेंस पहनने पर आंखें और अधिक सूखी महसूस करने लगती हैं। इससे आंखों की सतह पर खरोंच, जलन और लालिमा जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर नजर रखने वाले, एयर कंडीशनिंग वाले कमरे में रहने वाले और उन लोगों को जो सूखी आंखों की समस्या से पहले से ग्रस्त हैं, सबसे ज्यादा खतरा होता है।
कैसे बचें इन खतरों से?
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लेंस का चयन सही करें: सर्दियों में नरम और हाइड्रेटिंग लेंस का उपयोग करें।
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आंखों की नमी बनाए रखें: आर्टिफिशियल आंसू की ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें।
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लेंस पहनने का समय सीमित करें: लंबे समय तक लेंस पहनने से बचें।
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हाइजीन का ध्यान रखें: हाथ धोकर ही लेंस छुएं और रात में लेंस हटाना न भूलें।
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धूप और हवा से सुरक्षा: ठंडी हवा से आंखों को बचाने के लिए चश्मे का इस्तेमाल करें।
"सर्दियों में आंखों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अगर लेंस पहनते समय आंखों में जलन या धुंधलापन महसूस हो, तो तुरंत लेंस निकाल दें और डॉक्टर से सलाह लें।"
यदि सावधानी न बरती गई तो सूखी आंखें गंभीर इन्फेक्शन का कारण बन सकती हैं। इसके साथ ही विज़न पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए सर्दियों में लेंस पहनने वालों को नियमित आंखों की जांच और उचित देखभाल पर ध्यान देना चाहिए।