ट्रेडिशनल फूड vs मॉडर्न फूड: सेहत पर किसका असर ज्यादा?

लाइफस्टाइल डेस्क

On

बदलती जीवनशैली में थाली का स्वरूप बदल रहा है। पारंपरिक भोजन और आधुनिक फास्ट फूड के बीच यह फर्क अब सीधे लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है।

खानपान की आदतें समय के साथ बदली हैं। जहां एक ओर दाल, रोटी, सब्ज़ी और चावल जैसे पारंपरिक भारतीय भोजन पीढ़ियों से संतुलित आहार का आधार रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पिज़्ज़ा, बर्गर, इंस्टेंट नूडल्स और प्रोसेस्ड फूड आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा बनते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं, बल्कि शरीर और मन दोनों पर गहरा असर डाल रहा है।

पारंपरिक भोजन क्या देता है शरीर को
ट्रेडिशनल फूड आमतौर पर स्थानीय, मौसमी और ताज़ी सामग्री से तैयार होता है। इसमें दालें, अनाज, हरी सब्ज़ियां, दही और मसाले शामिल होते हैं, जो पोषण के साथ पाचन को भी बेहतर बनाते हैं। आयुर्वेद और पोषण विज्ञान दोनों मानते हैं कि यह भोजन शरीर की ज़रूरतों के अनुरूप संतुलन बनाए रखता है। नियमित रूप से ऐसा भोजन करने से इम्युनिटी मजबूत होती है और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम रहता है।

मॉडर्न फूड की बढ़ती पकड़
भागदौड़ भरी ज़िंदगी, काम का दबाव और आसानी से मिलने वाले विकल्पों ने मॉडर्न फूड को लोकप्रिय बना दिया है। हालांकि यह भोजन स्वाद और सुविधा देता है, लेकिन इसमें नमक, चीनी, ट्रांस फैट और प्रिज़र्वेटिव्स की मात्रा अधिक होती है। डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय तक इसका सेवन मोटापा, डायबिटीज़, हार्ट डिज़ीज़ और पाचन संबंधी समस्याओं को जन्म दे सकता है।

युवाओं और बच्चों पर असर
लाइफस्टाइल विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चों और युवाओं में फास्ट फूड की आदत तेजी से बढ़ रही है। इससे कम उम्र में ही थकान, एकाग्रता की कमी और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इसके विपरीत, पारंपरिक भोजन न सिर्फ शारीरिक विकास में मदद करता है, बल्कि मानसिक स्थिरता भी देता है।

क्या संतुलन संभव है?
विशेषज्ञों का मानना है कि समाधान किसी एक को पूरी तरह छोड़ना नहीं, बल्कि संतुलन बनाना है। सप्ताह में कभी-कभार मॉडर्न फूड लिया जा सकता है, लेकिन रोज़मर्रा की थाली का आधार पारंपरिक भोजन ही होना चाहिए। घर का बना सादा खाना, सही मात्रा और नियमित समय पर भोजन—ये तीन आदतें सेहत को लंबे समय तक सुरक्षित रखती हैं।

-------------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!



-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
23 Jan 2026 By Nitin Trivedi

ट्रेडिशनल फूड vs मॉडर्न फूड: सेहत पर किसका असर ज्यादा?

लाइफस्टाइल डेस्क

खानपान की आदतें समय के साथ बदली हैं। जहां एक ओर दाल, रोटी, सब्ज़ी और चावल जैसे पारंपरिक भारतीय भोजन पीढ़ियों से संतुलित आहार का आधार रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पिज़्ज़ा, बर्गर, इंस्टेंट नूडल्स और प्रोसेस्ड फूड आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा बनते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं, बल्कि शरीर और मन दोनों पर गहरा असर डाल रहा है।

पारंपरिक भोजन क्या देता है शरीर को
ट्रेडिशनल फूड आमतौर पर स्थानीय, मौसमी और ताज़ी सामग्री से तैयार होता है। इसमें दालें, अनाज, हरी सब्ज़ियां, दही और मसाले शामिल होते हैं, जो पोषण के साथ पाचन को भी बेहतर बनाते हैं। आयुर्वेद और पोषण विज्ञान दोनों मानते हैं कि यह भोजन शरीर की ज़रूरतों के अनुरूप संतुलन बनाए रखता है। नियमित रूप से ऐसा भोजन करने से इम्युनिटी मजबूत होती है और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम रहता है।

मॉडर्न फूड की बढ़ती पकड़
भागदौड़ भरी ज़िंदगी, काम का दबाव और आसानी से मिलने वाले विकल्पों ने मॉडर्न फूड को लोकप्रिय बना दिया है। हालांकि यह भोजन स्वाद और सुविधा देता है, लेकिन इसमें नमक, चीनी, ट्रांस फैट और प्रिज़र्वेटिव्स की मात्रा अधिक होती है। डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय तक इसका सेवन मोटापा, डायबिटीज़, हार्ट डिज़ीज़ और पाचन संबंधी समस्याओं को जन्म दे सकता है।

युवाओं और बच्चों पर असर
लाइफस्टाइल विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चों और युवाओं में फास्ट फूड की आदत तेजी से बढ़ रही है। इससे कम उम्र में ही थकान, एकाग्रता की कमी और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इसके विपरीत, पारंपरिक भोजन न सिर्फ शारीरिक विकास में मदद करता है, बल्कि मानसिक स्थिरता भी देता है।

क्या संतुलन संभव है?
विशेषज्ञों का मानना है कि समाधान किसी एक को पूरी तरह छोड़ना नहीं, बल्कि संतुलन बनाना है। सप्ताह में कभी-कभार मॉडर्न फूड लिया जा सकता है, लेकिन रोज़मर्रा की थाली का आधार पारंपरिक भोजन ही होना चाहिए। घर का बना सादा खाना, सही मात्रा और नियमित समय पर भोजन—ये तीन आदतें सेहत को लंबे समय तक सुरक्षित रखती हैं।

-------------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!



https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/6973519bc34a0/article-44122

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.