- Hindi News
- लाइफ स्टाइल
- भोपाल के टॉप 5 मानसून पिकनिक स्पॉट: जहां हरियाली भी मुस्कुराती है और मन भी खिल उठता है
भोपाल के टॉप 5 मानसून पिकनिक स्पॉट: जहां हरियाली भी मुस्कुराती है और मन भी खिल उठता है
Lifestyle
मानसून आते ही मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल अपनी नैसर्गिक खूबसूरती से जैसे खिल उठती है। जहां एक ओर हरियाली चारों ओर छा जाती है, वहीं दूसरी ओर शहर के आसपास मौजूद पिकनिक स्पॉट इस मौसम में जीवन के सबसे सुंदर लम्हों को जीने का मौका देते हैं।
अगर आप इस बरसात के मौसम में घूमने की योजना बना रहे हैं, तो भोपाल के ये 5 पिकनिक डेस्टिनेशन आपको जरूर अपनी ओर खींच लेंगे।
महादेव पानी झरना – प्रकृति की गोद में शिव का आशीर्वाद
भोपाल से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित महादेव पानी वॉटरफॉल मानसून में सबसे अधिक लोकप्रिय हो जाता है। घने जंगलों के बीच 100 फीट ऊंचाई से गिरता पानी, आसपास की हरियाली और भोलेनाथ का मंदिर – यह स्थान न केवल दर्शनीय है बल्कि आध्यात्मिक भी है। यहां ट्रेकिंग और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी भरपूर सामग्री है।
बड़ा तालाब (भोजताल) – भोपाल का नीला दिल
भोपाल का बड़ा तालाब यानी अपर लेक, मानसून में मानो शहर की आत्मा बन जाता है। बारिश के बाद जब बादल पानी की सतह पर झुकते हैं, तो नज़ारा किसी पेंटिंग से कम नहीं होता। यहां बोटिंग, शाम की चाय, और हल्की फुहारों के बीच समय बिताना हर दिल को सुकून देता है।
सांची – इतिहास और हरियाली का संगम
यूनESCO द्वारा विश्व धरोहर घोषित सांची स्तूप न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि मानसून में यह स्थल और भी मनोहारी हो जाता है। राजधानी से महज़ 46 किमी दूर स्थित सांची में हरियाली के बीच बौद्धकालीन शांति का अनुभव लेना हर यात्री के लिए एक यादगार पल बनता है।
उदयगिरी गुफाएं – पौराणिक गाथाओं की गूंज और हरे पर्वतों की पुकार
सांची से कुछ ही दूरी पर स्थित उदयगिरि की गुफाएं वास्तुकला, धर्म और इतिहास का अद्भुत संगम हैं। मानसून में यहां की चट्टानें और गुफाएं हरियाली से घिरी होती हैं, जो हर प्रकृति प्रेमी को आकर्षित करती हैं। यहाँ से दिखता दूर-दूर तक फैला हरा विस्तार आत्मा को शांति देता है।
भीम बैठका – इतिहास और मानसून का शानदार मेल
मान्यता है कि महाभारत काल में भीम यहां विश्राम के लिए रुके थे, इसी से इस स्थान का नाम भीम बैठका पड़ा। यह स्थल यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और यहां की रॉक पेंटिंग्स प्रागैतिहासिक काल की झलक दिखाती हैं। बारिश के मौसम में यह जगह ट्रेकिंग, फोटोग्राफी और इतिहास प्रेमियों के लिए स्वर्ग बन जाती है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
भोपाल के टॉप 5 मानसून पिकनिक स्पॉट: जहां हरियाली भी मुस्कुराती है और मन भी खिल उठता है
Lifestyle
अगर आप इस बरसात के मौसम में घूमने की योजना बना रहे हैं, तो भोपाल के ये 5 पिकनिक डेस्टिनेशन आपको जरूर अपनी ओर खींच लेंगे।
महादेव पानी झरना – प्रकृति की गोद में शिव का आशीर्वाद
भोपाल से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित महादेव पानी वॉटरफॉल मानसून में सबसे अधिक लोकप्रिय हो जाता है। घने जंगलों के बीच 100 फीट ऊंचाई से गिरता पानी, आसपास की हरियाली और भोलेनाथ का मंदिर – यह स्थान न केवल दर्शनीय है बल्कि आध्यात्मिक भी है। यहां ट्रेकिंग और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी भरपूर सामग्री है।
बड़ा तालाब (भोजताल) – भोपाल का नीला दिल
भोपाल का बड़ा तालाब यानी अपर लेक, मानसून में मानो शहर की आत्मा बन जाता है। बारिश के बाद जब बादल पानी की सतह पर झुकते हैं, तो नज़ारा किसी पेंटिंग से कम नहीं होता। यहां बोटिंग, शाम की चाय, और हल्की फुहारों के बीच समय बिताना हर दिल को सुकून देता है।
सांची – इतिहास और हरियाली का संगम
यूनESCO द्वारा विश्व धरोहर घोषित सांची स्तूप न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि मानसून में यह स्थल और भी मनोहारी हो जाता है। राजधानी से महज़ 46 किमी दूर स्थित सांची में हरियाली के बीच बौद्धकालीन शांति का अनुभव लेना हर यात्री के लिए एक यादगार पल बनता है।
उदयगिरी गुफाएं – पौराणिक गाथाओं की गूंज और हरे पर्वतों की पुकार
सांची से कुछ ही दूरी पर स्थित उदयगिरि की गुफाएं वास्तुकला, धर्म और इतिहास का अद्भुत संगम हैं। मानसून में यहां की चट्टानें और गुफाएं हरियाली से घिरी होती हैं, जो हर प्रकृति प्रेमी को आकर्षित करती हैं। यहाँ से दिखता दूर-दूर तक फैला हरा विस्तार आत्मा को शांति देता है।
भीम बैठका – इतिहास और मानसून का शानदार मेल
मान्यता है कि महाभारत काल में भीम यहां विश्राम के लिए रुके थे, इसी से इस स्थान का नाम भीम बैठका पड़ा। यह स्थल यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और यहां की रॉक पेंटिंग्स प्रागैतिहासिक काल की झलक दिखाती हैं। बारिश के मौसम में यह जगह ट्रेकिंग, फोटोग्राफी और इतिहास प्रेमियों के लिए स्वर्ग बन जाती है।
