क्या असल में शिलाजीत को खाने से बढ़ती है उम्र? क्या है इसके पीछे की सच्चाई

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शिलाजीत एक प्राकृतिक और गुणकारी औषधि है. आयुर्वेद में इसे अमृत माना जाता है. शिलाजीत का सेवन करने से कई लाभ मिल सकते हैं. लेकिन क्या इसके सेवन से उम्र बढ़ सकती है? चलिए जानते हैं इसकी सच्चाई

आयुर्वेद में शिलाजीत को एक अद्भुत औषधि माना गया है, जिसे हजारों सालों से शरीर को एनर्जी और लंबी उम्र पाने के लिए यूज किया जा रहा है. ये एक नेचुरल रेसीनेस सब्सटेंस है, जो हिमालय, काकेशस, तिब्बत और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की चट्टानों से निकाला जाता है. इसे आयुर्वेद में “शिलाजतु” कहा जाता है, जिसका अर्थ है “पहाड़ों को जीतने वाला और कमजोरी का नाश करने वाला”.

शिलाजीत का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या सच में इसका सेवन उम्र बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है? क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक तर्क है या ये सिर्फ एक मिथक है? आइए, जानते हैं शिलाजीत के फायदे और इससे जुड़ी सच्चाई.

शिलाजीत क्या है?

शिलाजीत एक प्राकृतिक रेजिन (गोंद) जैसा पदार्थ है, जो हिमालय, तिब्बत, और कुछ अन्य ऊंचे पहाड़ों की चट्टानों से निकलता है. इसमें करीब 85 से ज्यादा मिनरल्स, फुल्विक एसिड, ह्यूमिक एसिड, और कई आवश्यक पोषक तत्व होते हैं. ये काले या भूरे रंग का चिपचिपा पदार्थ होता है, जिसे आयुर्वेद में ‘रसायन’ Rejuvenator माना जाता है. इसके फुल्विक एसिड, डिबेंजो-α-पायरोन्स, ह्यूमिक एसिड, फैटी एसिड, ट्राइटरपीन्स, और विभिन्न खनिज तत्व शामिल हैं. इन सभी तत्वों के कारण शिलाजीत को एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और रिजुविनेटिंग फ्लूड माना जाता है, जो शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत में सहायक होता है.

क्या शिलाजीत आयुर्वेद का “अमृत” है?

आयुर्वेद में इसे “अमृत” माना जाता है. आयुर्वेदिक ग्रंथ बताया गया है कि “शिलाजीत से ऐसा कोई रोग नहीं जिसे ठीक नहीं किया जा सकता, अगर सही समय और विधि से सेवन किया जाए”. लेकिन आधुनिक विज्ञान को इसे पूरी तरह से स्वीकार करने में अभी समय लगेगा.

साइंस क्या कहता है?

आधुनिक शोध के अनुसार, शिलाजीत में मौजूद फुल्विक एसिड और ह्यूमिक एसिड कोशिकाओं में ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाते हैं और माइटोकॉन्ड्रियल फंक्शन को सुधारते हैं, जिससे शरीर का एनर्जी लेवन बना रहता है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी होती है. शोधकर्ताओं का मानना है कि शिलाजीत के एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-ऑक्सीडेंट और न्यूरोप्रोटेक्टिव गुण अल्जाइमर, हार्ट डिसीस और डायबटिज जैसी बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं.

शिलाजीत का ब्रेन पर क्या असर पड़ता है?

कई रिचर्स में ये पाया गया है कि शिलाजीत में मौजूद एक्टिव इंग्रीडियंट्स ब्रेन कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं और अल्जाइमर जैसी बीमारियों से बचाव कर सकते हैं. ये मेमोरी पावर को बढ़ाने, तनाव को कम करने और न्यूरोट्रांसमिशन को सुधारने में मदद करता है. इसके अलावा, शिलाजीत शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने, हड्डियों को सुदृढ़ बनाने और पुरुषों की फर्टिलिटी में सुधार करने के लिए भी जाना जाता है.

क्या शिलाजीत सच में लंबी उम्र देने वाली औषधि है?

शोध और पारंपरिक ज्ञान दोनों ही ये दर्शाते हैं कि शिलाजीत शरीर को मजबूत, ऊर्जावान और रोगमुक्त बनाए रखने में सहायक हो सकता है. हालांकि, इसके असर को फुली सर्टिवाइड करने के लिए अभी और साइंटफिक रिसर्च की जरूरत है. लेकिन ये साफ है कि शिलाजीत को सही तरीके से खाने से हेल्थ को कई फायदे मिलते हैं जिससे उम्र बढ़ने का प्रोसेस कुछ हद तक स्लो हो सकता है.

कैसे करें शिलाजीत का सेवन?

एक्सपर्ट के अनुसार, प्योर और प्योरिफिकेशन किया हुआ शिलाजीत ही सेवन करना चाहिए. आयुर्वेद में इसे दूध या गर्म पानी के साथ लेने की सलाह दी जाती है. हालांकि, इसे लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है, क्योंकि इसके ज्यादा सेवन करने से शरीर में कुछ साइड इफेक्ट हो सकते हैं.

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21 Feb 2025 By दैनिक जागरण

क्या असल में शिलाजीत को खाने से बढ़ती है उम्र? क्या है इसके पीछे की सच्चाई

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आयुर्वेद में शिलाजीत को एक अद्भुत औषधि माना गया है, जिसे हजारों सालों से शरीर को एनर्जी और लंबी उम्र पाने के लिए यूज किया जा रहा है. ये एक नेचुरल रेसीनेस सब्सटेंस है, जो हिमालय, काकेशस, तिब्बत और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की चट्टानों से निकाला जाता है. इसे आयुर्वेद में “शिलाजतु” कहा जाता है, जिसका अर्थ है “पहाड़ों को जीतने वाला और कमजोरी का नाश करने वाला”.

शिलाजीत का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या सच में इसका सेवन उम्र बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है? क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक तर्क है या ये सिर्फ एक मिथक है? आइए, जानते हैं शिलाजीत के फायदे और इससे जुड़ी सच्चाई.

शिलाजीत क्या है?

शिलाजीत एक प्राकृतिक रेजिन (गोंद) जैसा पदार्थ है, जो हिमालय, तिब्बत, और कुछ अन्य ऊंचे पहाड़ों की चट्टानों से निकलता है. इसमें करीब 85 से ज्यादा मिनरल्स, फुल्विक एसिड, ह्यूमिक एसिड, और कई आवश्यक पोषक तत्व होते हैं. ये काले या भूरे रंग का चिपचिपा पदार्थ होता है, जिसे आयुर्वेद में ‘रसायन’ Rejuvenator माना जाता है. इसके फुल्विक एसिड, डिबेंजो-α-पायरोन्स, ह्यूमिक एसिड, फैटी एसिड, ट्राइटरपीन्स, और विभिन्न खनिज तत्व शामिल हैं. इन सभी तत्वों के कारण शिलाजीत को एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और रिजुविनेटिंग फ्लूड माना जाता है, जो शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत में सहायक होता है.

क्या शिलाजीत आयुर्वेद का “अमृत” है?

आयुर्वेद में इसे “अमृत” माना जाता है. आयुर्वेदिक ग्रंथ बताया गया है कि “शिलाजीत से ऐसा कोई रोग नहीं जिसे ठीक नहीं किया जा सकता, अगर सही समय और विधि से सेवन किया जाए”. लेकिन आधुनिक विज्ञान को इसे पूरी तरह से स्वीकार करने में अभी समय लगेगा.

साइंस क्या कहता है?

आधुनिक शोध के अनुसार, शिलाजीत में मौजूद फुल्विक एसिड और ह्यूमिक एसिड कोशिकाओं में ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाते हैं और माइटोकॉन्ड्रियल फंक्शन को सुधारते हैं, जिससे शरीर का एनर्जी लेवन बना रहता है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी होती है. शोधकर्ताओं का मानना है कि शिलाजीत के एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-ऑक्सीडेंट और न्यूरोप्रोटेक्टिव गुण अल्जाइमर, हार्ट डिसीस और डायबटिज जैसी बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं.

शिलाजीत का ब्रेन पर क्या असर पड़ता है?

कई रिचर्स में ये पाया गया है कि शिलाजीत में मौजूद एक्टिव इंग्रीडियंट्स ब्रेन कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं और अल्जाइमर जैसी बीमारियों से बचाव कर सकते हैं. ये मेमोरी पावर को बढ़ाने, तनाव को कम करने और न्यूरोट्रांसमिशन को सुधारने में मदद करता है. इसके अलावा, शिलाजीत शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने, हड्डियों को सुदृढ़ बनाने और पुरुषों की फर्टिलिटी में सुधार करने के लिए भी जाना जाता है.

क्या शिलाजीत सच में लंबी उम्र देने वाली औषधि है?

शोध और पारंपरिक ज्ञान दोनों ही ये दर्शाते हैं कि शिलाजीत शरीर को मजबूत, ऊर्जावान और रोगमुक्त बनाए रखने में सहायक हो सकता है. हालांकि, इसके असर को फुली सर्टिवाइड करने के लिए अभी और साइंटफिक रिसर्च की जरूरत है. लेकिन ये साफ है कि शिलाजीत को सही तरीके से खाने से हेल्थ को कई फायदे मिलते हैं जिससे उम्र बढ़ने का प्रोसेस कुछ हद तक स्लो हो सकता है.

कैसे करें शिलाजीत का सेवन?

एक्सपर्ट के अनुसार, प्योर और प्योरिफिकेशन किया हुआ शिलाजीत ही सेवन करना चाहिए. आयुर्वेद में इसे दूध या गर्म पानी के साथ लेने की सलाह दी जाती है. हालांकि, इसे लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है, क्योंकि इसके ज्यादा सेवन करने से शरीर में कुछ साइड इफेक्ट हो सकते हैं.

https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/does-actually-increase-the-age-behind-it-what-is-the/article-11037

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