- Hindi News
- लाइफ स्टाइल
- नकली पनीर पड़ सकता है सेहत पर भारी, 4 आसान तरीकों से घर पर करें नकली पनीर की पहचान
नकली पनीर पड़ सकता है सेहत पर भारी, 4 आसान तरीकों से घर पर करें नकली पनीर की पहचान
Health News
लोग बड़े ही शौक से पनीर से तैयार तरह-तरह के डिशेज का मजा लेते हैं लेकिन पनीर के नकली होने पर टेस्ट से लेकर सेहत तक की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
आजकल मिलावट बड़ी समस्या है. खाने पीने के चीजों में मिलावट का असर सेहत पर पड़ सकता है जिसके कारण कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं. खासकर दूध और दूध से बनी चीजों में मिलावट की समस्या बहुत ज्यादा गंभीर है. दूध से तैयार पनीर का उपयोग खाने के लिए बहुत ज्यादा होता है लेकिन बाजार में नकली पनीर की भरमार होती है. लोग शौक से पनीर से तैयार तरह- तरह के डिशेज का मजा लेते हैं लेकिन पनीर के नकली होने पर टेस्ट से लेकर सेहत तक की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. हाल ही में सोशल मीडिया पर apolloapectrahospitals अकाउंट से नकली पनीर को टेस्ट करने के कुछ आसान उपाय शेयर किए गए है. आइए जानते हैं घर पर आसानी से कैसे नकली पनीर की पहचान जा सकती है और इससे होने वाले नुकसानों से बचा जा सकता है.
1. टच टेस्ट : नकली पनीर की पहचान के लिए सबसे पहला और आसान टेस्ट है टच टेस्ट. पनीर को छूकर देखें. अगर पनीर जरूर से ज्यादा हार्ड है या रबर की तरह खींच रहा है तो इसका मतलब है कि पनीर में मिलावट की गई है और यह पनीर नकली है.
2. हीट टेस्ट : नकली पनीर या पनीर में मिलावट की जांच का दूसरा आसान तरीका है हीट टेस्ट. पनीर को पैन में गर्म करें. अगर पनीर को गर्म करने से उसमें से ऑयल निकल रहा हो तो पनीर में ऑयल की मिलावट की गई है.
3. लेमन जूस टेस्ट : नकली पनीर या पनीर में मिलावट की जांच का तीसरा आसान तरीका है लेमन जूस टेस्ट. पनीर के टुकड़ों पर लेमन जूस डालें. अगर पनीर का रंग बदल जाता है या झाग बनने लगे तो इसका मतलब है पनीर में स्टार्च या चॉक की मिलावट की गई है.
4. मिलावटी पनीर का सेहत पर असर: नकली पनीर या मिलावटी पनीर खाने से पेट से जुड़ी परेशानियां जैसे डायरिया, वोमेटिंग, पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. नकली और मिलावटी पनीर किडनी से संबंधित समस्याओं का भी कारण बन सकता है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. Dainik jagran इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
नकली पनीर पड़ सकता है सेहत पर भारी, 4 आसान तरीकों से घर पर करें नकली पनीर की पहचान
Health News
आजकल मिलावट बड़ी समस्या है. खाने पीने के चीजों में मिलावट का असर सेहत पर पड़ सकता है जिसके कारण कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं. खासकर दूध और दूध से बनी चीजों में मिलावट की समस्या बहुत ज्यादा गंभीर है. दूध से तैयार पनीर का उपयोग खाने के लिए बहुत ज्यादा होता है लेकिन बाजार में नकली पनीर की भरमार होती है. लोग शौक से पनीर से तैयार तरह- तरह के डिशेज का मजा लेते हैं लेकिन पनीर के नकली होने पर टेस्ट से लेकर सेहत तक की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. हाल ही में सोशल मीडिया पर apolloapectrahospitals अकाउंट से नकली पनीर को टेस्ट करने के कुछ आसान उपाय शेयर किए गए है. आइए जानते हैं घर पर आसानी से कैसे नकली पनीर की पहचान जा सकती है और इससे होने वाले नुकसानों से बचा जा सकता है.
1. टच टेस्ट : नकली पनीर की पहचान के लिए सबसे पहला और आसान टेस्ट है टच टेस्ट. पनीर को छूकर देखें. अगर पनीर जरूर से ज्यादा हार्ड है या रबर की तरह खींच रहा है तो इसका मतलब है कि पनीर में मिलावट की गई है और यह पनीर नकली है.
2. हीट टेस्ट : नकली पनीर या पनीर में मिलावट की जांच का दूसरा आसान तरीका है हीट टेस्ट. पनीर को पैन में गर्म करें. अगर पनीर को गर्म करने से उसमें से ऑयल निकल रहा हो तो पनीर में ऑयल की मिलावट की गई है.
3. लेमन जूस टेस्ट : नकली पनीर या पनीर में मिलावट की जांच का तीसरा आसान तरीका है लेमन जूस टेस्ट. पनीर के टुकड़ों पर लेमन जूस डालें. अगर पनीर का रंग बदल जाता है या झाग बनने लगे तो इसका मतलब है पनीर में स्टार्च या चॉक की मिलावट की गई है.
4. मिलावटी पनीर का सेहत पर असर: नकली पनीर या मिलावटी पनीर खाने से पेट से जुड़ी परेशानियां जैसे डायरिया, वोमेटिंग, पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. नकली और मिलावटी पनीर किडनी से संबंधित समस्याओं का भी कारण बन सकता है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. Dainik jagran इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
