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International Yoga Day 2026: क्या है हॉट योगा, गर्मी में क्यों बढ़ जाता है खतरा? जानिए इसके फायदे और नुकसान
Lifestyle News
विशेषज्ञों का कहना है कि भीषण गर्मी या हीटवेव के दौरान इसे करने से पहले सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। कई लोग इसे सामान्य योग की तरह समझकर अपनाने लगते हैं, जबकि इसकी प्रकृति और प्रभाव पूरी तरह अलग होते हैं। खासकर गर्मियों के मौसम में बिना जानकारी के हॉट योगा करना स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है।
हॉट योगा दरअसल योग की ऐसी पद्धति है जिसमें नियंत्रित तरीके से गर्म वातावरण में अभ्यास कराया जाता है। आमतौर पर इसे 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले बंद कमरे में किया जाता है। इस दौरान शरीर से अधिक मात्रा में पसीना निकलता है और मांसपेशियों को अधिक लचीला बनाने की कोशिश की जाती है। फिटनेस ट्रेनर बताते हैं कि गर्म वातावरण में योग करने से कुछ लोगों को शरीर हल्का महसूस होता है और स्ट्रेचिंग बेहतर तरीके से हो पाती है। हालांकि हर व्यक्ति के शरीर की क्षमता अलग होती है, इसलिए यह सभी के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं माना जाता।
विशेषज्ञों के अनुसार समस्या तब बढ़ जाती है जब बाहर का तापमान पहले से ही बहुत अधिक हो और व्यक्ति उसी दौरान हॉट योगा का अभ्यास करे। गर्मियों में शरीर लगातार बाहरी गर्मी का सामना कर रहा होता है। ऐसे में अतिरिक्त गर्म वातावरण में योग करने से शरीर का आंतरिक तापमान तेजी से बढ़ सकता है। कई मामलों में लोगों को सिरदर्द, अत्यधिक थकान, कमजोरी और चक्कर आने जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर जब अपनी सामान्य तापमान सीमा से अधिक दबाव झेलने लगता है तो हीट स्ट्रेस जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
हॉट योगा का एक और बड़ा प्रभाव हृदय पर पड़ सकता है। जब शरीर को ठंडा रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है तो दिल की धड़कन सामान्य से तेज हो सकती है। कई लोगों में हार्ट रेट बढ़ने और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव की स्थिति देखने को मिल सकती है। जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर या लो ब्लड प्रेशर की समस्या है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना हॉट योगा नहीं करना चाहिए। फिटनेस विशेषज्ञ भी मानते हैं कि किसी भी तरह का तीव्र शारीरिक अभ्यास शुरू करने से पहले स्वास्थ्य स्थिति की जांच जरूरी है।
गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। हॉट योगा का उद्देश्य शरीर से अधिक पसीना निकालना होता है, लेकिन इसी वजह से शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी भी हो सकती है। यदि व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पी रहा है या शरीर को हाइड्रेट नहीं रख पा रहा है तो स्थिति गंभीर हो सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि केवल पानी ही नहीं बल्कि शरीर में सोडियम, पोटैशियम और अन्य खनिजों का संतुलन भी जरूरी होता है। इनकी कमी होने पर कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन और थकान जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
बताया जाता है कि कुछ लोगों को हॉट योगा के दौरान या उसके बाद चक्कर आने की शिकायत भी होती है। अत्यधिक पसीना निकलने के कारण शरीर में तरल पदार्थों की कमी हो सकती है। इसके कारण ब्लड प्रेशर अचानक नीचे जा सकता है और व्यक्ति असहज महसूस कर सकता है। कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि बेहोशी तक आ जाए। ऐसे मामलों में तुरंत आराम और चिकित्सकीय सहायता की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए शुरुआती लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हॉट योगा पूरी तरह नुकसानदायक है। प्रशिक्षित विशेषज्ञों की निगरानी में और नियंत्रित परिस्थितियों में किया जाए तो कुछ लोगों को इसके लाभ भी मिल सकते हैं। माना जाता है कि इससे शरीर की लचक बढ़ सकती है, कैलोरी बर्न होने में मदद मिल सकती है और कुछ लोगों को मानसिक रूप से भी अच्छा महसूस होता है। लेकिन लाभ तभी संभव हैं जब व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति इसके अनुकूल हो और अभ्यास सुरक्षित तरीके से किया जाए।
योग प्रशिक्षकों का कहना है कि गर्मियों में सामान्य योग, प्राणायाम और ध्यान जैसी गतिविधियां अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकती हैं। यदि कोई व्यक्ति हॉट योगा करना चाहता है तो उसे पर्याप्त पानी पीना चाहिए, खाली पेट या अत्यधिक थकान की स्थिति में अभ्यास नहीं करना चाहिए और शरीर में किसी तरह की असुविधा महसूस होते ही तुरंत रुक जाना चाहिए।
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International Yoga Day 2026: क्या है हॉट योगा, गर्मी में क्यों बढ़ जाता है खतरा? जानिए इसके फायदे और नुकसान
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हॉट योगा दरअसल योग की ऐसी पद्धति है जिसमें नियंत्रित तरीके से गर्म वातावरण में अभ्यास कराया जाता है। आमतौर पर इसे 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले बंद कमरे में किया जाता है। इस दौरान शरीर से अधिक मात्रा में पसीना निकलता है और मांसपेशियों को अधिक लचीला बनाने की कोशिश की जाती है। फिटनेस ट्रेनर बताते हैं कि गर्म वातावरण में योग करने से कुछ लोगों को शरीर हल्का महसूस होता है और स्ट्रेचिंग बेहतर तरीके से हो पाती है। हालांकि हर व्यक्ति के शरीर की क्षमता अलग होती है, इसलिए यह सभी के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं माना जाता।
विशेषज्ञों के अनुसार समस्या तब बढ़ जाती है जब बाहर का तापमान पहले से ही बहुत अधिक हो और व्यक्ति उसी दौरान हॉट योगा का अभ्यास करे। गर्मियों में शरीर लगातार बाहरी गर्मी का सामना कर रहा होता है। ऐसे में अतिरिक्त गर्म वातावरण में योग करने से शरीर का आंतरिक तापमान तेजी से बढ़ सकता है। कई मामलों में लोगों को सिरदर्द, अत्यधिक थकान, कमजोरी और चक्कर आने जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर जब अपनी सामान्य तापमान सीमा से अधिक दबाव झेलने लगता है तो हीट स्ट्रेस जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
हॉट योगा का एक और बड़ा प्रभाव हृदय पर पड़ सकता है। जब शरीर को ठंडा रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है तो दिल की धड़कन सामान्य से तेज हो सकती है। कई लोगों में हार्ट रेट बढ़ने और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव की स्थिति देखने को मिल सकती है। जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर या लो ब्लड प्रेशर की समस्या है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना हॉट योगा नहीं करना चाहिए। फिटनेस विशेषज्ञ भी मानते हैं कि किसी भी तरह का तीव्र शारीरिक अभ्यास शुरू करने से पहले स्वास्थ्य स्थिति की जांच जरूरी है।
गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। हॉट योगा का उद्देश्य शरीर से अधिक पसीना निकालना होता है, लेकिन इसी वजह से शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी भी हो सकती है। यदि व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पी रहा है या शरीर को हाइड्रेट नहीं रख पा रहा है तो स्थिति गंभीर हो सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि केवल पानी ही नहीं बल्कि शरीर में सोडियम, पोटैशियम और अन्य खनिजों का संतुलन भी जरूरी होता है। इनकी कमी होने पर कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन और थकान जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
बताया जाता है कि कुछ लोगों को हॉट योगा के दौरान या उसके बाद चक्कर आने की शिकायत भी होती है। अत्यधिक पसीना निकलने के कारण शरीर में तरल पदार्थों की कमी हो सकती है। इसके कारण ब्लड प्रेशर अचानक नीचे जा सकता है और व्यक्ति असहज महसूस कर सकता है। कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि बेहोशी तक आ जाए। ऐसे मामलों में तुरंत आराम और चिकित्सकीय सहायता की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए शुरुआती लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हॉट योगा पूरी तरह नुकसानदायक है। प्रशिक्षित विशेषज्ञों की निगरानी में और नियंत्रित परिस्थितियों में किया जाए तो कुछ लोगों को इसके लाभ भी मिल सकते हैं। माना जाता है कि इससे शरीर की लचक बढ़ सकती है, कैलोरी बर्न होने में मदद मिल सकती है और कुछ लोगों को मानसिक रूप से भी अच्छा महसूस होता है। लेकिन लाभ तभी संभव हैं जब व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति इसके अनुकूल हो और अभ्यास सुरक्षित तरीके से किया जाए।
योग प्रशिक्षकों का कहना है कि गर्मियों में सामान्य योग, प्राणायाम और ध्यान जैसी गतिविधियां अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकती हैं। यदि कोई व्यक्ति हॉट योगा करना चाहता है तो उसे पर्याप्त पानी पीना चाहिए, खाली पेट या अत्यधिक थकान की स्थिति में अभ्यास नहीं करना चाहिए और शरीर में किसी तरह की असुविधा महसूस होते ही तुरंत रुक जाना चाहिए।
