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यहां जानें - सूरज की किरणों से शरीर को विटामिन डी कैसे मिलता है
Health News
विटामिन डी शरीर के सही कार्य करने के लिए बहुत जरूरी होता है. इसकी कमी के कारण सेहत से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं. विटामिन डी का सबसे अच्छा सोर्स सूरज की किरणों को माना जाता है. लेकिन सूरज की किरणों से हमें विटामिन डी कैसे मिलता है आइए जानते हैं इसके बारे में
शरीर के सही तरह के कार्य करने के लिए सभी तरह के विटामिन जरूरी होते हैं. इसमें विटामिन डी भी शामिल है. विटामिन डी कैल्शियम और फास्फोरस के ऑब्जर्व करने में मदद करता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है. ये मूड को सुधारने और डिप्रेशन के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है. लेकिन अगर शरीर में इसकी कमी हो जाए तो इसके कारण सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
अगर शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाए तो इससे कमजोरी महसूस होना, जल्दी थकावट होना, मांसपेशियों में दर्द, डिप्रेशन या फिर मूड स्विंग्स जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इन समस्याओं से बचने के लिए शरीर में विटामिन डी की मात्रा सही होना बेहद जरूरी है. लेकिन आजकल ज्यादातर लोगों में विटामिन डी की कमी देखी जा रही है.
पहले के तुलना में आजकल लोग विटामिन डी की कमी को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं खासकर के कोविड के बाद तो बहुत से लोग अपनी हेल्थ को लेकर काफी सतर्क हो गए हैं. शरीर में विटामिन डी से जुड़ी लक्षण दिखाई देने पर लोग एक्सपर्ट से बात करे चेकअप करवाते हैं.
शरीर में विटामिन डी की कमी होने का सबसे बड़ा कारण धूम में कम निकलना है. खासतौर पर शहरी इलाकों में लोग सुबह से लेकर रात दिनभर ऑफिस में बैठकर काम करते रहते हैं. इसके अलावा खान-पान में विटामिन डी युक्त कम फूड्स का सेवन भई इसका एक कारण हैं. वहीं सूरज की किरणों को विटामिन डी का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है की धूप से हमें किस तरह विटामिन डी मिलता है? आइए जानते हैं इसके बारे में
जब सूरज की रोशनी में मौजूद यूवीबी किरणें स्किन के साथ संपर्क में आती हैं तब विटामिन डी प्रोड्यूस होने प्रोसेस चालू होता है. इस प्रक्रिया में स्किन में मौजूद 7-डीहाइड्रोकोलेस्ट्रॉल नाम के सब्सटांस के साथ संपर्क करती हैं, जो स्किन की बाहरी परत (एपिजिर्मिस ) में मौजूद होता है. फिर लीवर 7-डीहाइड्रोकोलेस्ट्रोल को विटामिन डी3 (कोलेकैल्सीफेरॉल) में परिवर्तित करता है और किडनी इसे कैल्सिट्रिऑल में प्रोसेस करती है. विटामिन डी का सक्रिय रूप जिससे आपके शरीर को जरूरत होती है.
लेकिन यूवीबी किरणें सेहत और स्किन के लिए नुकसानदायक भी हो सकती हैं. इसलिए कोशिश करें की सुबह 8 बजे से पहले या शाम 4 बजे के बाद ही 15 से 20 मिनट धूप में बैठें और सनस्क्रीन का उपयोग जरूर करें.
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यहां जानें - सूरज की किरणों से शरीर को विटामिन डी कैसे मिलता है
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शरीर के सही तरह के कार्य करने के लिए सभी तरह के विटामिन जरूरी होते हैं. इसमें विटामिन डी भी शामिल है. विटामिन डी कैल्शियम और फास्फोरस के ऑब्जर्व करने में मदद करता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है. ये मूड को सुधारने और डिप्रेशन के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है. लेकिन अगर शरीर में इसकी कमी हो जाए तो इसके कारण सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
अगर शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाए तो इससे कमजोरी महसूस होना, जल्दी थकावट होना, मांसपेशियों में दर्द, डिप्रेशन या फिर मूड स्विंग्स जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इन समस्याओं से बचने के लिए शरीर में विटामिन डी की मात्रा सही होना बेहद जरूरी है. लेकिन आजकल ज्यादातर लोगों में विटामिन डी की कमी देखी जा रही है.
पहले के तुलना में आजकल लोग विटामिन डी की कमी को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं खासकर के कोविड के बाद तो बहुत से लोग अपनी हेल्थ को लेकर काफी सतर्क हो गए हैं. शरीर में विटामिन डी से जुड़ी लक्षण दिखाई देने पर लोग एक्सपर्ट से बात करे चेकअप करवाते हैं.
शरीर में विटामिन डी की कमी होने का सबसे बड़ा कारण धूम में कम निकलना है. खासतौर पर शहरी इलाकों में लोग सुबह से लेकर रात दिनभर ऑफिस में बैठकर काम करते रहते हैं. इसके अलावा खान-पान में विटामिन डी युक्त कम फूड्स का सेवन भई इसका एक कारण हैं. वहीं सूरज की किरणों को विटामिन डी का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है की धूप से हमें किस तरह विटामिन डी मिलता है? आइए जानते हैं इसके बारे में
जब सूरज की रोशनी में मौजूद यूवीबी किरणें स्किन के साथ संपर्क में आती हैं तब विटामिन डी प्रोड्यूस होने प्रोसेस चालू होता है. इस प्रक्रिया में स्किन में मौजूद 7-डीहाइड्रोकोलेस्ट्रॉल नाम के सब्सटांस के साथ संपर्क करती हैं, जो स्किन की बाहरी परत (एपिजिर्मिस ) में मौजूद होता है. फिर लीवर 7-डीहाइड्रोकोलेस्ट्रोल को विटामिन डी3 (कोलेकैल्सीफेरॉल) में परिवर्तित करता है और किडनी इसे कैल्सिट्रिऑल में प्रोसेस करती है. विटामिन डी का सक्रिय रूप जिससे आपके शरीर को जरूरत होती है.
लेकिन यूवीबी किरणें सेहत और स्किन के लिए नुकसानदायक भी हो सकती हैं. इसलिए कोशिश करें की सुबह 8 बजे से पहले या शाम 4 बजे के बाद ही 15 से 20 मिनट धूप में बैठें और सनस्क्रीन का उपयोग जरूर करें.
