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मटके का पानी ठंडा होना हो गया है बंद? ये 5 गलतियां हो सकती हैं वजह
LIFESTYLE
आज कै दौर में भी कई लोग गर्मियों में मटके का पानी पीना पसंद करते हैं. लेकिन मटके में पानी रखते वक्त वो कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं , जिसकी वजह से पानी ठीक से ठंडा ही नही होता. चलिए जानते हैं कि मटके में पानी रखते वक्त किन गलतियों से बचना चाहिए.
गर्मियों में मटके का पानी ठंडा और प्योर होता है, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. ये न केवल नेचुरल रूप से ठंडा रहता है बल्कि शरीर को हाइड्रेट भी करता है. पुराने समय से ही लोग फ्रिज की जगह मटके के पानी का इस्तेमाल करते आ रहे हैं, क्योंकि ये पानी गले के लिए भी सुरक्षित होता है और ज्यादा ठंडा नहीं होता. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि कई बार मटके का पानी ठंडा नहीं होता?
कई लोग इस समस्या से परेशान रहते हैं और समझ नहीं पाते कि ऐसा क्यों हो रहा है. दरअसल, कुछ छोटी-छोटी गलतियों की वजह से मटका अपना ठंडा रखने का गुण खो देता है. अगर आप चाहते हैं कि आपका मटका हमेशा ठंडा पानी दे, तो इन 5 गलतियों से बचना बेहद जरूरी है.
1. मटके की सफाई न करना
अगर आप मटके की रेगुलर सफाई नहीं करते, तो उसमें मिट्टी के छोटे-छोटे कण जम जाते हैं, जिससे इसके छेद बंद हो जाते हैं. मटका ठंडा पानी देने के लिए धीरे-धीरे पानी को बाहर की गर्मी में एवोपेरेट करता है, लेकिन जब ये छेद बंद हो जाते हैं, तो पानी ठंडा नहीं हो पाता. इसलिए हर 3-4 दिन में मटके को साफ करें. इसे साफ करने के लिए गर्म पानी और नींबू के रस या बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें. इसके बाद मटके को धूप में सुखाकर ही दोबारा पानी भरें.
2. गलत जगह पर रखना
अगर मटके को धूप या गर्मी वाली जगह पर रखा जाता है, तो इसका तापमान बढ़ जाता है और पानी ठंडा नहीं रह पाता. इसलिए मटके को छायादार और हवादार जगह पर रखें. इसे ऐसी जगह रखें, जहां सीधी धूप न पड़े और हवा आती-जाती रहे.
3. नए मटके को बिना ट्रीटमेंट इस्तेमाल करना
अगर नया मटका सीधे इस्तेमाल कर लिया जाए, तो वह जल्दी ठंडा पानी नहीं दे पाता. नए मटके में मिट्टी का असर ज्यादा होता है, जो पानी को ठंडा करने की प्रोसेस को धीमा कर देता है. इसलिए नया मटका खरीदने के बाद उसमें 1-2 दिन के लिए पानी भरकर छोड़ दें और फिर फेंक दें. इसके बाद ही पीने के लिए पानी भरें.
4. मटके को ढक कर रखना
बहुत से लोग मटके को प्लास्टिक या स्टील की प्लेट से पूरी तरह ढक देते हैं, जिससे इसकी कूलिंग कैपेसिटी कम हो जाती है. मटका ठंडा पानी देने के लिए हवा के कांटेक्ट में रहना चाहिए. इसलिए मटके को कपड़े या ढीले-ढाले ढक्कन से ढकें ताकि हवा कॉन्टैक्ट बना रहे. स्टील या प्लास्टिक के तंग ढक्कन का इस्तेमाल न करें.
5. मटके में प्लास्टिक की बाल्टी या बोतल का पानी डालना
अगर आप मटके में फ्रिज या प्लास्टिक की बोतल से पानी डालते हैं, तो ये उसकी नेचुरल कूलिंग प्रोसेस को धीमा कर देता है. प्लास्टिक का पानी केमिकल छोड़ सकता है, जिससे मटके की मिट्टी अपने नेचुरल गुण खो देती है. इसलिए मटके में हमेशा ताजे और नल से भरे गए पानी का ही इस्तेमाल करें. अगर पानी फिल्टर किया हुआ हो, तो उसे मटके में डालने से पहले कुछ देर खुली हवा में रखें.
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मटके का पानी ठंडा होना हो गया है बंद? ये 5 गलतियां हो सकती हैं वजह
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गर्मियों में मटके का पानी ठंडा और प्योर होता है, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. ये न केवल नेचुरल रूप से ठंडा रहता है बल्कि शरीर को हाइड्रेट भी करता है. पुराने समय से ही लोग फ्रिज की जगह मटके के पानी का इस्तेमाल करते आ रहे हैं, क्योंकि ये पानी गले के लिए भी सुरक्षित होता है और ज्यादा ठंडा नहीं होता. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि कई बार मटके का पानी ठंडा नहीं होता?
कई लोग इस समस्या से परेशान रहते हैं और समझ नहीं पाते कि ऐसा क्यों हो रहा है. दरअसल, कुछ छोटी-छोटी गलतियों की वजह से मटका अपना ठंडा रखने का गुण खो देता है. अगर आप चाहते हैं कि आपका मटका हमेशा ठंडा पानी दे, तो इन 5 गलतियों से बचना बेहद जरूरी है.
1. मटके की सफाई न करना
अगर आप मटके की रेगुलर सफाई नहीं करते, तो उसमें मिट्टी के छोटे-छोटे कण जम जाते हैं, जिससे इसके छेद बंद हो जाते हैं. मटका ठंडा पानी देने के लिए धीरे-धीरे पानी को बाहर की गर्मी में एवोपेरेट करता है, लेकिन जब ये छेद बंद हो जाते हैं, तो पानी ठंडा नहीं हो पाता. इसलिए हर 3-4 दिन में मटके को साफ करें. इसे साफ करने के लिए गर्म पानी और नींबू के रस या बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें. इसके बाद मटके को धूप में सुखाकर ही दोबारा पानी भरें.
2. गलत जगह पर रखना
अगर मटके को धूप या गर्मी वाली जगह पर रखा जाता है, तो इसका तापमान बढ़ जाता है और पानी ठंडा नहीं रह पाता. इसलिए मटके को छायादार और हवादार जगह पर रखें. इसे ऐसी जगह रखें, जहां सीधी धूप न पड़े और हवा आती-जाती रहे.
3. नए मटके को बिना ट्रीटमेंट इस्तेमाल करना
अगर नया मटका सीधे इस्तेमाल कर लिया जाए, तो वह जल्दी ठंडा पानी नहीं दे पाता. नए मटके में मिट्टी का असर ज्यादा होता है, जो पानी को ठंडा करने की प्रोसेस को धीमा कर देता है. इसलिए नया मटका खरीदने के बाद उसमें 1-2 दिन के लिए पानी भरकर छोड़ दें और फिर फेंक दें. इसके बाद ही पीने के लिए पानी भरें.
4. मटके को ढक कर रखना
बहुत से लोग मटके को प्लास्टिक या स्टील की प्लेट से पूरी तरह ढक देते हैं, जिससे इसकी कूलिंग कैपेसिटी कम हो जाती है. मटका ठंडा पानी देने के लिए हवा के कांटेक्ट में रहना चाहिए. इसलिए मटके को कपड़े या ढीले-ढाले ढक्कन से ढकें ताकि हवा कॉन्टैक्ट बना रहे. स्टील या प्लास्टिक के तंग ढक्कन का इस्तेमाल न करें.
5. मटके में प्लास्टिक की बाल्टी या बोतल का पानी डालना
अगर आप मटके में फ्रिज या प्लास्टिक की बोतल से पानी डालते हैं, तो ये उसकी नेचुरल कूलिंग प्रोसेस को धीमा कर देता है. प्लास्टिक का पानी केमिकल छोड़ सकता है, जिससे मटके की मिट्टी अपने नेचुरल गुण खो देती है. इसलिए मटके में हमेशा ताजे और नल से भरे गए पानी का ही इस्तेमाल करें. अगर पानी फिल्टर किया हुआ हो, तो उसे मटके में डालने से पहले कुछ देर खुली हवा में रखें.
