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इस सब्जी के छिलके में छिपे हैं ढेरों फायदे, न करें छील कर खाने की गलती, आंतों की होगी सफाई, जानें 8 बड़े फायदे
Health News
आलू एक ऐसी सब्जी है, जिसका सेवन हर कोई प्रतिदिन करता है. अधिकतर लोग आलू का छिलका छील कर फेंक देते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि आलू के छिलकों में आलू से कहीं अधिक पोषक तत्व और फायदे मौजूद होते हैं. जानिए यहां आलू को बिना छीले खाने के फायदों के बारे में...
सब्जियों में आलू को राजा कहा जाता है. देशभर में आलू की खपत सबसे अधिक होती है. कोई भी सब्जी बनानी हो, आलू के बिना काम नहीं चलता. अधिकतर हरी सब्जी में आलू जरूर डाला जाता है. आलू का भरता हो, दम आलू हो, आलू मटर हो या फिर गोभी आलू आदि हों, आलू का इस्तेमाल खूब होता है. स्नैक्स में भी आलू के चिप्स, ब्रेड पकोड़ा, फ्रेंच फ्राइज, आलू टिक्की, समोसा आदि में आलू मुख्य सामग्री है. कई बार तो घर में कोई हरी सब्जी नहीं होती है तो बस आलू से ही लोग काम चला लेते हैं. हालांकि, कुछ लोग जब भी आलू की सब्जी बनाते हैं तो उसका छिलका उतार देते हैं. वहीं, आज भी गांवों और छोटे शहरों में काफी लोग छिलके के साथ आलू की सब्जी बनाते हैं. कुछ एक्सपर्ट कहते हैं कि छिलकों में भी कई फायदे, पोषक तत्व मौजूद होते हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आलू को छिलके के साथ खाना फायदेमंद है या बिना छिलके वाला आलू खाना चाहिए.
छिलके या बिना छिलके वाला आलू फायदेमंद?
1. आलू का सेवन काफी लोग छिलका हटाकर करना पसंद करते हैं. इसकी वजह ये भी हो सकती है कि ये मिट्टी के अंदर उगता है और इसमें मिट्टी काफी चिपकी रहती है, इसलिए लोग काटते समय इसे गंदा और बेकार समझकर सीधा डस्टबिन में फेंक देते हैं. आजकल सर्दियों में जो आलू मिलता है, उसमें मिट्टी काफी लगी होती है.
2. आपको बता दें कि कई एक्सपर्ट भी छिलके सहित आलू खाने की सलाह देते हैं. टीओआई में छपी एक खबर के अनुसार, इसके छिलके में कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं. बिना छिलके वाले आलू की तुलना में छिलके सहित आलू का सेवन करना अधिक फायदेमंद होता है. ऐसा इसलिए, क्योंकि इसके छिलके में अधिक फाइबर, विटामिंस जैसे विटामिन सी, मिनरल्स जैसे पोटैशियम आदि भरपूर होते हैं. पोटैशियम शरीर में इलेक्ट्रोलाइट को बैलेंस करता है. ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करता है. नर्वस और मसल्स के कार्यों को सपोर्ट करता है. जब आप छिलका हटा देते हैं तो ये आवश्यक न्यूट्रिएंट्स भी निकल जाते हैं.
3. आलू के गूदे की तुलना में फाइबर छिलके में अधिक होता है. इसमें घुलनशील और अघुलनशील डायटरी फाइबर होते हैं. सॉल्युबल फाइबर कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं. ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखते हैं. वहीं, अघुलनशील फाइबर (Insoluble) डाइजेस्टिव हेल्थ को सपोर्ट करता है. यह बाउल मूवमेंट को सही रखकर कब्ज से छुटकारा दिलाता है. ऐसे में जब आप छिलका सहित आलू की सब्जी बनाते हैं तो इससे पाचन में भी मदद मिलती है. पेट हेल्दी रहता है. आंतों की सफाई होती है.
4. पोटैशियम, विटामिन सी छिलके में अधिक होने के कारण आलू को छिलके सहित सेवन करना समझदारी है. पोटैशियम से हार्ट हेल्दी रहता है. ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है. विटामिन सी इम्यूनिटी बूस्ट करता है. एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं आलू के छिलके. इसमें फ्लोवोनॉएड्स, कैरोटेनॉएड्स, फेनोलिक कम्पाउंड्स आदि होते हैं. ये सभी एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रैडिकल्स से होने वाले नुकसान से शरीर की सुरक्षा करते हैं. ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, क्रोनिक डिजीज जैसे कैंसर, हार्ट डिजीज आदि से बचाते हैं.
5. आलू के छिलके में कुछ ऐसे भी कम्पाउंड होते हैं, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी असर करते हैं. कम्पाउंड जैसे क्लोरोजेनिक एसिड शरीर में होने वाले इंफ्लेमेशन को कम करते हैं. इससे अर्थराइटिस से बचाव हो सकता है.
6. आलू को जब आप छिलके सहित बनाते हैं तो इसमें मौजूद फाइबर वजन बढ़ने से रोकता है. फाइबर से भरपूर फूड्स के सेवन से भूख जल्दी नहीं लगती है. पेट भरा रहता है. इससे आप कैलोरी इनटेक से बचे रहते हैं.
7. पोटैशियम होने के कारण ये हार्ट को हेल्दी रखता है. ब्लड प्रेशर को हाई नहीं होने देता है, बल्कि नॉर्मल बनाए रखने में कारगर है. फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स कोलेस्ट्रॉल लेवल घटाकर कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ को सही बनाए रखते हैं. ब्लड वेसल्स की कार्य क्षमता में सुधार होता है, इससे हृदय रोग के होने का जोखिम भी कम हो जाता है.
8. इतना ही नहीं छिलके सहित आलू के सेवन से ब्लड शुगर लेवल भी हाई नहीं होता है. यह स्थिर बना रहता है. ब्लड स्ट्रीम में ग्लूकोज के एब्जॉर्ब होने की क्षमता को कम करता है. ऐसे में डायबिटीज से बचे रहने के लिए आप छिलके सहित आलू का सेवन कर सकते हैं.
9. विटामिन सी, कैरोटेनॉएड्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स स्किन को हेल्दी रखते हैं. ये वातावरण के प्रदूषण और रेडिएशन के कारण होने वाले ऑक्सीडेटिव डैमेज से त्वचा को बचाते हैं.
नोट: यदि आप छिलके सहित आलू की सब्जी बना रहे हैं तो आलू को कम से कम 2-3 बार अच्छी तरह से पानी में साफ करें ताकि सभी धूल-मिट्टी और पेस्टिसाइड्स साफ हो जाएं. यदि आप पेस्टिसाइड्स के साइड एफेक्ट्स से बचना चाहते हैं तो ऑर्गैनिक आलू खरीदें.
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इस सब्जी के छिलके में छिपे हैं ढेरों फायदे, न करें छील कर खाने की गलती, आंतों की होगी सफाई, जानें 8 बड़े फायदे
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सब्जियों में आलू को राजा कहा जाता है. देशभर में आलू की खपत सबसे अधिक होती है. कोई भी सब्जी बनानी हो, आलू के बिना काम नहीं चलता. अधिकतर हरी सब्जी में आलू जरूर डाला जाता है. आलू का भरता हो, दम आलू हो, आलू मटर हो या फिर गोभी आलू आदि हों, आलू का इस्तेमाल खूब होता है. स्नैक्स में भी आलू के चिप्स, ब्रेड पकोड़ा, फ्रेंच फ्राइज, आलू टिक्की, समोसा आदि में आलू मुख्य सामग्री है. कई बार तो घर में कोई हरी सब्जी नहीं होती है तो बस आलू से ही लोग काम चला लेते हैं. हालांकि, कुछ लोग जब भी आलू की सब्जी बनाते हैं तो उसका छिलका उतार देते हैं. वहीं, आज भी गांवों और छोटे शहरों में काफी लोग छिलके के साथ आलू की सब्जी बनाते हैं. कुछ एक्सपर्ट कहते हैं कि छिलकों में भी कई फायदे, पोषक तत्व मौजूद होते हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आलू को छिलके के साथ खाना फायदेमंद है या बिना छिलके वाला आलू खाना चाहिए.
छिलके या बिना छिलके वाला आलू फायदेमंद?
1. आलू का सेवन काफी लोग छिलका हटाकर करना पसंद करते हैं. इसकी वजह ये भी हो सकती है कि ये मिट्टी के अंदर उगता है और इसमें मिट्टी काफी चिपकी रहती है, इसलिए लोग काटते समय इसे गंदा और बेकार समझकर सीधा डस्टबिन में फेंक देते हैं. आजकल सर्दियों में जो आलू मिलता है, उसमें मिट्टी काफी लगी होती है.
2. आपको बता दें कि कई एक्सपर्ट भी छिलके सहित आलू खाने की सलाह देते हैं. टीओआई में छपी एक खबर के अनुसार, इसके छिलके में कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं. बिना छिलके वाले आलू की तुलना में छिलके सहित आलू का सेवन करना अधिक फायदेमंद होता है. ऐसा इसलिए, क्योंकि इसके छिलके में अधिक फाइबर, विटामिंस जैसे विटामिन सी, मिनरल्स जैसे पोटैशियम आदि भरपूर होते हैं. पोटैशियम शरीर में इलेक्ट्रोलाइट को बैलेंस करता है. ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करता है. नर्वस और मसल्स के कार्यों को सपोर्ट करता है. जब आप छिलका हटा देते हैं तो ये आवश्यक न्यूट्रिएंट्स भी निकल जाते हैं.
3. आलू के गूदे की तुलना में फाइबर छिलके में अधिक होता है. इसमें घुलनशील और अघुलनशील डायटरी फाइबर होते हैं. सॉल्युबल फाइबर कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं. ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखते हैं. वहीं, अघुलनशील फाइबर (Insoluble) डाइजेस्टिव हेल्थ को सपोर्ट करता है. यह बाउल मूवमेंट को सही रखकर कब्ज से छुटकारा दिलाता है. ऐसे में जब आप छिलका सहित आलू की सब्जी बनाते हैं तो इससे पाचन में भी मदद मिलती है. पेट हेल्दी रहता है. आंतों की सफाई होती है.
4. पोटैशियम, विटामिन सी छिलके में अधिक होने के कारण आलू को छिलके सहित सेवन करना समझदारी है. पोटैशियम से हार्ट हेल्दी रहता है. ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है. विटामिन सी इम्यूनिटी बूस्ट करता है. एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं आलू के छिलके. इसमें फ्लोवोनॉएड्स, कैरोटेनॉएड्स, फेनोलिक कम्पाउंड्स आदि होते हैं. ये सभी एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रैडिकल्स से होने वाले नुकसान से शरीर की सुरक्षा करते हैं. ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, क्रोनिक डिजीज जैसे कैंसर, हार्ट डिजीज आदि से बचाते हैं.
5. आलू के छिलके में कुछ ऐसे भी कम्पाउंड होते हैं, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी असर करते हैं. कम्पाउंड जैसे क्लोरोजेनिक एसिड शरीर में होने वाले इंफ्लेमेशन को कम करते हैं. इससे अर्थराइटिस से बचाव हो सकता है.
6. आलू को जब आप छिलके सहित बनाते हैं तो इसमें मौजूद फाइबर वजन बढ़ने से रोकता है. फाइबर से भरपूर फूड्स के सेवन से भूख जल्दी नहीं लगती है. पेट भरा रहता है. इससे आप कैलोरी इनटेक से बचे रहते हैं.
7. पोटैशियम होने के कारण ये हार्ट को हेल्दी रखता है. ब्लड प्रेशर को हाई नहीं होने देता है, बल्कि नॉर्मल बनाए रखने में कारगर है. फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स कोलेस्ट्रॉल लेवल घटाकर कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ को सही बनाए रखते हैं. ब्लड वेसल्स की कार्य क्षमता में सुधार होता है, इससे हृदय रोग के होने का जोखिम भी कम हो जाता है.
8. इतना ही नहीं छिलके सहित आलू के सेवन से ब्लड शुगर लेवल भी हाई नहीं होता है. यह स्थिर बना रहता है. ब्लड स्ट्रीम में ग्लूकोज के एब्जॉर्ब होने की क्षमता को कम करता है. ऐसे में डायबिटीज से बचे रहने के लिए आप छिलके सहित आलू का सेवन कर सकते हैं.
9. विटामिन सी, कैरोटेनॉएड्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स स्किन को हेल्दी रखते हैं. ये वातावरण के प्रदूषण और रेडिएशन के कारण होने वाले ऑक्सीडेटिव डैमेज से त्वचा को बचाते हैं.
नोट: यदि आप छिलके सहित आलू की सब्जी बना रहे हैं तो आलू को कम से कम 2-3 बार अच्छी तरह से पानी में साफ करें ताकि सभी धूल-मिट्टी और पेस्टिसाइड्स साफ हो जाएं. यदि आप पेस्टिसाइड्स के साइड एफेक्ट्स से बचना चाहते हैं तो ऑर्गैनिक आलू खरीदें.
