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मानसून में और भी खिल उठती हैं मध्यप्रदेश की ये खूबसूरत जगहें — प्रकृति का सजीव चित्र
Lifestyle
उज्जैन।
महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन सिर्फ आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए नहीं जानी जाती, बल्कि इसके आसपास की प्राकृतिक धरोहरें भी मानसून में किसी जन्नत से कम नहीं लगतीं। हरे-भरे जंगल, बादलों में लिपटी पहाड़ियां, झरनों की रिमझिम और ठंडी हवाओं की सरसराहट इसे मानसून का स्वर्ग बना देती हैं।
यहाँ हम बात कर रहे हैं पचमढ़ी और आसपास की उन खास जगहों की, जो इस मौसम में यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।
1. पचमढ़ी – सतपुड़ा की रानी
मध्य प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी उज्जैन से करीब 400 किलोमीटर दूर है। मानसून में यह इलाका हरियाली से ढक जाता है और बादल धरती को चूमते नजर आते हैं। पहाड़ियों से गिरते झरनों और शांत वातावरण के बीच ट्रैकिंग, फोटोग्राफी और प्रकृति को महसूस करने का एक अनूठा अनुभव मिलता है।
2. धूपगढ़ – सूरज की विदाई का स्वर्गिक दृश्य
सतपुड़ा की सबसे ऊंची चोटी धूपगढ़ से आप सूर्यास्त के रंगीन नज़ारे देख सकते हैं। मानसून में जब बादल सूरज की किरणों से खेलते हैं, तो पूरा आकाश एक पेंटिंग जैसा दिखता है। रात में दूर-दूर तक फैली रोशनी शहर को सितारों जैसा बना देती है।
3. पांडव गुफाएं – इतिहास और हरियाली का संगम
पचमढ़ी की इन गुफाओं को लेकर दो कथाएं प्रचलित हैं — एक के अनुसार पांडवों ने यहां समय बिताया था, जबकि कुछ मानते हैं कि पहली शताब्दी में बौद्ध भिक्षुओं ने इन्हें बनाया। चारों ओर फैली हरियाली इन गुफाओं की सुंदरता को और बढ़ा देती है।
4. सतपुड़ा नेशनल पार्क – जंगल की गोद में रोमांच
यह पार्क सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व का हिस्सा है, जहां आप तेंदुआ, बाघ, हिरण और 300 से ज्यादा पक्षी प्रजातियों को देख सकते हैं। मानसून में यहां की घाटियां और जंगल हरियाली से ढक जाते हैं, जो प्रकृति प्रेमियों और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफरों के लिए एक आदर्श जगह है।
5. अप्सरा ताल – परी कथा जैसी खूबसूरती
अप्सरा ताल जिसे परी ताल भी कहा जाता है, एक शांत और सुंदर झरना है। बारिश के मौसम में यह स्थान और भी जीवंत हो उठता है — चारों ओर हरियाली और बीच में कलकल बहता पानी सुकून और ताजगी से भर देता है।
6. जटाशंकर गुफाएं – शिवभक्तों की आस्था का केंद्र
पचमढ़ी में स्थित ये गुफाएं भगवान शिव को समर्पित हैं और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। यह जगह प्रकृति की गोद में बसी है, जहां हरियाली, ठंडा वातावरण और शांति का अनोखा संगम है।
7. सही मौसम, सही समय
हालांकि पचमढ़ी सालभर घूमने लायक जगह है, लेकिन मानसून और सर्दियों में इसका सौंदर्य दोगुना हो जाता है। झरने बहने लगते हैं, पहाड़ियां हरियाली से ढक जाती हैं और मौसम सुहावना हो जाता है।
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मानसून में और भी खिल उठती हैं मध्यप्रदेश की ये खूबसूरत जगहें — प्रकृति का सजीव चित्र
Lifestyle
उज्जैन।
महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन सिर्फ आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए नहीं जानी जाती, बल्कि इसके आसपास की प्राकृतिक धरोहरें भी मानसून में किसी जन्नत से कम नहीं लगतीं। हरे-भरे जंगल, बादलों में लिपटी पहाड़ियां, झरनों की रिमझिम और ठंडी हवाओं की सरसराहट इसे मानसून का स्वर्ग बना देती हैं।
यहाँ हम बात कर रहे हैं पचमढ़ी और आसपास की उन खास जगहों की, जो इस मौसम में यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।
1. पचमढ़ी – सतपुड़ा की रानी
मध्य प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी उज्जैन से करीब 400 किलोमीटर दूर है। मानसून में यह इलाका हरियाली से ढक जाता है और बादल धरती को चूमते नजर आते हैं। पहाड़ियों से गिरते झरनों और शांत वातावरण के बीच ट्रैकिंग, फोटोग्राफी और प्रकृति को महसूस करने का एक अनूठा अनुभव मिलता है।
2. धूपगढ़ – सूरज की विदाई का स्वर्गिक दृश्य
सतपुड़ा की सबसे ऊंची चोटी धूपगढ़ से आप सूर्यास्त के रंगीन नज़ारे देख सकते हैं। मानसून में जब बादल सूरज की किरणों से खेलते हैं, तो पूरा आकाश एक पेंटिंग जैसा दिखता है। रात में दूर-दूर तक फैली रोशनी शहर को सितारों जैसा बना देती है।
3. पांडव गुफाएं – इतिहास और हरियाली का संगम
पचमढ़ी की इन गुफाओं को लेकर दो कथाएं प्रचलित हैं — एक के अनुसार पांडवों ने यहां समय बिताया था, जबकि कुछ मानते हैं कि पहली शताब्दी में बौद्ध भिक्षुओं ने इन्हें बनाया। चारों ओर फैली हरियाली इन गुफाओं की सुंदरता को और बढ़ा देती है।
4. सतपुड़ा नेशनल पार्क – जंगल की गोद में रोमांच
यह पार्क सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व का हिस्सा है, जहां आप तेंदुआ, बाघ, हिरण और 300 से ज्यादा पक्षी प्रजातियों को देख सकते हैं। मानसून में यहां की घाटियां और जंगल हरियाली से ढक जाते हैं, जो प्रकृति प्रेमियों और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफरों के लिए एक आदर्श जगह है।
5. अप्सरा ताल – परी कथा जैसी खूबसूरती
अप्सरा ताल जिसे परी ताल भी कहा जाता है, एक शांत और सुंदर झरना है। बारिश के मौसम में यह स्थान और भी जीवंत हो उठता है — चारों ओर हरियाली और बीच में कलकल बहता पानी सुकून और ताजगी से भर देता है।
6. जटाशंकर गुफाएं – शिवभक्तों की आस्था का केंद्र
पचमढ़ी में स्थित ये गुफाएं भगवान शिव को समर्पित हैं और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। यह जगह प्रकृति की गोद में बसी है, जहां हरियाली, ठंडा वातावरण और शांति का अनोखा संगम है।
7. सही मौसम, सही समय
हालांकि पचमढ़ी सालभर घूमने लायक जगह है, लेकिन मानसून और सर्दियों में इसका सौंदर्य दोगुना हो जाता है। झरने बहने लगते हैं, पहाड़ियां हरियाली से ढक जाती हैं और मौसम सुहावना हो जाता है।
