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प्राचीन काल से ही इस सब्जी का है जलवा, सप्ताह में 2 दिन भी खा लिए तो हड्डियों को चट्टान बना देगी, बॉडी में आएगी ताकत
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यह सब्जी बेहद पुरानी है लेकिन इसमें आज भी जबर्दस्त क्षमता है. इस सब्जी का सेवन करने से हड्डियां फौलाद बन सकती है और पाचन दुरुस्त हो सकता है.
आज जो हम चीजें खाते हैं इंसान की उत्पत्ति के साथ नहीं आई. हमारे पास जो फूड वर्तमान में उपलब्ध है उनमें से अधिकांश की उत्पत्ति 5 से 10 हजार साल पहले हुई है लेकिन कुछ फूड ऐसे हैं जिनकी उत्पत्ति लाखों साल पहले हो गई थी. ब्रॉड बींस इन्हीं में से एक है. यह बहुत प्राचीन सब्जी है. सदियों से ब्रॉड बींस के पौधे उगते आ रहे हैं. इसे बाकला सेम, बकला की दाल, फावा सेम, फावा बींस आदि के नामों से भी जाना जाता है. यह एक प्रकार से सेम है लेकिन थोड़ा अलग फलीदार सब्जी है. इसका स्वाद थोड़ा मीठा और मटमैला होता है. इसमें कई तरह के विटामिन, मिनिरल्स, फाइबर और प्रोटीन पाए जाते हैं. भारत में लोग इसकी दाल बनाकर खाते हैं.
बकला बींस में मौजूद पोषक तत्व
हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक बकला बींस में प्लांट प्रोटीन सबसे अधिक होता है. इसके अलावा फॉलेट, कई तरह के विटामिन, मिनिरल्स, हेल्दी फैट, फाइबर, मैग्नीशियम, कॉपर, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आय़रन, पोटैशियम, जिंक सहित कई तरह के तत्व होते हैं.
बकला बींस के 5 जबर्दस्त फायदे
1. इम्यूनिटी बूस्ट करने में माहिर-बकला बींस में इतने तरह के कंपाउड होते हैं जो शरीर में एंटीऑक्सीडेंट एक्टिविटी को बढ़ा देते हैं. एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में बीमारियों को रोकने के लिए बहुत जरूरी है. यह शरीर से फ्री रेडिकल्स को हटाते हैं और सेल को डैमेज होने से रोकते हैं. स्टडी के मुताबिक इसमें ग्लूटाथियोन एंटीऑक्सीडेट होता है जो कोशिकाओं को जल्दी बूढ़ी नहीं होने देता. इसके सेवन से इंफेक्शन वाली बीमारियों का जोखिम कम हो जाता है.
2. हड्डियों में चट्टानी शक्ति-फावा बींस में मैग्नीशियम और कॉपर की प्रचूरता रहीत है जिसके कारण यह हड्डियों को चट्टानी शक्ति देता है. यह बोन लॉस को होने से रोकता है. सबसे बड़ी बात यह है कि उम्र बढ़ने के साथ इंसानों में हड्डियों की बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस होने लगती है. फावा बींस के सेवन अगर रेगुलर करेंगे तो इस परेशानी से बच सकते हैं.
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प्राचीन काल से ही इस सब्जी का है जलवा, सप्ताह में 2 दिन भी खा लिए तो हड्डियों को चट्टान बना देगी, बॉडी में आएगी ताकत
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आज जो हम चीजें खाते हैं इंसान की उत्पत्ति के साथ नहीं आई. हमारे पास जो फूड वर्तमान में उपलब्ध है उनमें से अधिकांश की उत्पत्ति 5 से 10 हजार साल पहले हुई है लेकिन कुछ फूड ऐसे हैं जिनकी उत्पत्ति लाखों साल पहले हो गई थी. ब्रॉड बींस इन्हीं में से एक है. यह बहुत प्राचीन सब्जी है. सदियों से ब्रॉड बींस के पौधे उगते आ रहे हैं. इसे बाकला सेम, बकला की दाल, फावा सेम, फावा बींस आदि के नामों से भी जाना जाता है. यह एक प्रकार से सेम है लेकिन थोड़ा अलग फलीदार सब्जी है. इसका स्वाद थोड़ा मीठा और मटमैला होता है. इसमें कई तरह के विटामिन, मिनिरल्स, फाइबर और प्रोटीन पाए जाते हैं. भारत में लोग इसकी दाल बनाकर खाते हैं.
बकला बींस में मौजूद पोषक तत्व
हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक बकला बींस में प्लांट प्रोटीन सबसे अधिक होता है. इसके अलावा फॉलेट, कई तरह के विटामिन, मिनिरल्स, हेल्दी फैट, फाइबर, मैग्नीशियम, कॉपर, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आय़रन, पोटैशियम, जिंक सहित कई तरह के तत्व होते हैं.
बकला बींस के 5 जबर्दस्त फायदे
1. इम्यूनिटी बूस्ट करने में माहिर-बकला बींस में इतने तरह के कंपाउड होते हैं जो शरीर में एंटीऑक्सीडेंट एक्टिविटी को बढ़ा देते हैं. एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में बीमारियों को रोकने के लिए बहुत जरूरी है. यह शरीर से फ्री रेडिकल्स को हटाते हैं और सेल को डैमेज होने से रोकते हैं. स्टडी के मुताबिक इसमें ग्लूटाथियोन एंटीऑक्सीडेट होता है जो कोशिकाओं को जल्दी बूढ़ी नहीं होने देता. इसके सेवन से इंफेक्शन वाली बीमारियों का जोखिम कम हो जाता है.
2. हड्डियों में चट्टानी शक्ति-फावा बींस में मैग्नीशियम और कॉपर की प्रचूरता रहीत है जिसके कारण यह हड्डियों को चट्टानी शक्ति देता है. यह बोन लॉस को होने से रोकता है. सबसे बड़ी बात यह है कि उम्र बढ़ने के साथ इंसानों में हड्डियों की बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस होने लगती है. फावा बींस के सेवन अगर रेगुलर करेंगे तो इस परेशानी से बच सकते हैं.
