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सर्दियों में हरी साग-सब्जियां बनीं सेहत का संजीवनी सूत्र, डॉक्टरों ने नियमित सेवन की दी सलाह
लाइफ स्टाइल
ठंड के मौसम में इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर खून की कमी दूर करने तक, हरी सब्जियां निभा रही अहम भूमिका
सर्दियों के मौसम में हरी साग-सब्जियों की मांग देशभर में तेजी से बढ़ी है। डॉक्टरों और पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के दिनों में पालक, सरसों, मेथी, बथुआ और चौलाई जैसी हरी सब्जियां शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ-साथ मौसमी बीमारियों से बचाव में अहम भूमिका निभा रही हैं। बदलते मौसम और बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ नियमित रूप से इन सब्जियों को आहार में शामिल करने की सलाह दे रहे हैं।
सर्दियों में तापमान गिरने के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ सकती है। ऐसे में हरी साग-सब्जियों में मौजूद विटामिन A, C, K, आयरन और फाइबर शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। दिल्ली एम्स के वरिष्ठ चिकित्सक के अनुसार, “हरी सब्जियां इम्युनिटी बढ़ाने का प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।”
पालक और बथुआ आयरन से भरपूर होते हैं, जो खून की कमी यानी एनीमिया को दूर करने में मदद करते हैं। वहीं सरसों और मेथी शरीर को प्राकृतिक गर्माहट देती हैं, जिससे सर्दी-जुकाम का खतरा कम होता है। फाइबर की अधिक मात्रा पाचन तंत्र को दुरुस्त रखती है, जो सर्दियों में आमतौर पर होने वाली कब्ज की समस्या से राहत देती है।
अक्टूबर से फरवरी के बीच देश के अधिकतर राज्यों में हरी सब्जियों की पैदावार चरम पर रहती है। सब्जी मंडियों में इनकी उपलब्धता बढ़ने के साथ-साथ कीमतें भी सामान्य रहती हैं। उत्तर भारत के कई राज्यों में सरसों का साग और मक्के की रोटी सर्दियों का पारंपरिक भोजन बन चुका है, जिसे स्वास्थ्य के लिहाज से भी फायदेमंद माना जाता है।
पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक, महिलाएं, गर्भवती महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग हरी साग-सब्जियों से सबसे ज्यादा लाभान्वित हो रहे हैं। इनमें मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं, जबकि एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा और बालों को स्वस्थ रखते हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत काम करने वाले पोषण सलाहकारों का कहना है कि सर्दियों में सप्ताह में कम से कम चार से पांच दिन हरी साग-सब्जियों का सेवन किया जाना चाहिए। इन्हें अधिक देर तक पकाने से पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं, इसलिए हल्की आंच पर पकाने की सलाह दी गई है।
सर्दियों में हरी साग-सब्जियां केवल स्वाद का हिस्सा नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य का आधार बन रही हैं। बदलती जीवनशैली और बढ़ती बीमारियों के बीच ये सब्जियां एक सुलभ और भरोसेमंद समाधान के रूप में सामने आई हैं।
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सर्दियों के मौसम में हरी साग-सब्जियों की मांग देशभर में तेजी से बढ़ी है। डॉक्टरों और पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के दिनों में पालक, सरसों, मेथी, बथुआ और चौलाई जैसी हरी सब्जियां शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ-साथ मौसमी बीमारियों से बचाव में अहम भूमिका निभा रही हैं। बदलते मौसम और बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ नियमित रूप से इन सब्जियों को आहार में शामिल करने की सलाह दे रहे हैं।
सर्दियों में तापमान गिरने के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ सकती है। ऐसे में हरी साग-सब्जियों में मौजूद विटामिन A, C, K, आयरन और फाइबर शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। दिल्ली एम्स के वरिष्ठ चिकित्सक के अनुसार, “हरी सब्जियां इम्युनिटी बढ़ाने का प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।”
पालक और बथुआ आयरन से भरपूर होते हैं, जो खून की कमी यानी एनीमिया को दूर करने में मदद करते हैं। वहीं सरसों और मेथी शरीर को प्राकृतिक गर्माहट देती हैं, जिससे सर्दी-जुकाम का खतरा कम होता है। फाइबर की अधिक मात्रा पाचन तंत्र को दुरुस्त रखती है, जो सर्दियों में आमतौर पर होने वाली कब्ज की समस्या से राहत देती है।
अक्टूबर से फरवरी के बीच देश के अधिकतर राज्यों में हरी सब्जियों की पैदावार चरम पर रहती है। सब्जी मंडियों में इनकी उपलब्धता बढ़ने के साथ-साथ कीमतें भी सामान्य रहती हैं। उत्तर भारत के कई राज्यों में सरसों का साग और मक्के की रोटी सर्दियों का पारंपरिक भोजन बन चुका है, जिसे स्वास्थ्य के लिहाज से भी फायदेमंद माना जाता है।
पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक, महिलाएं, गर्भवती महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग हरी साग-सब्जियों से सबसे ज्यादा लाभान्वित हो रहे हैं। इनमें मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं, जबकि एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा और बालों को स्वस्थ रखते हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत काम करने वाले पोषण सलाहकारों का कहना है कि सर्दियों में सप्ताह में कम से कम चार से पांच दिन हरी साग-सब्जियों का सेवन किया जाना चाहिए। इन्हें अधिक देर तक पकाने से पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं, इसलिए हल्की आंच पर पकाने की सलाह दी गई है।
सर्दियों में हरी साग-सब्जियां केवल स्वाद का हिस्सा नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य का आधार बन रही हैं। बदलती जीवनशैली और बढ़ती बीमारियों के बीच ये सब्जियां एक सुलभ और भरोसेमंद समाधान के रूप में सामने आई हैं।
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