- Hindi News
- लाइफ स्टाइल
- नहाते समय कान में चला गया पानी? घरेलू उपायों से मिल सकती है राहत, लापरवाही बढ़ा सकती है खतरा
नहाते समय कान में चला गया पानी? घरेलू उपायों से मिल सकती है राहत, लापरवाही बढ़ा सकती है खतरा
लाइफ स्टाइल
डॉक्टरों का कहना है कि सही तरीके अपनाए जाएं तो अधिकांश मामलों में घर पर ही समस्या सुलझ जाती है, लेकिन गलत उपाय संक्रमण का कारण बन सकते हैं
नहाते समय या बाल धोते वक्त कान में पानी चला जाना एक आम लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली समस्या है। देशभर में हर उम्र के लोग इससे दो-चार होते हैं। शुरुआत में यह मामूली असुविधा लगती है, लेकिन समय पर सही उपाय न किए जाएं तो यह संक्रमण, दर्द और सुनने की क्षमता पर असर जैसी समस्याओं में बदल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकतर मामलों में सुरक्षित घरेलू उपायों से राहत मिल जाती है, बशर्ते लापरवाही न बरती जाए।
नहाते समय जब पानी तेज दबाव के साथ कान में प्रवेश करता है, तो वह ईयर कैनाल में फंस सकता है। कान की बनावट और मोम (ईयर वैक्स) की मौजूदगी पानी को बाहर निकलने से रोक देती है। इससे कान भारी लगने लगता है और सुनने में कमी महसूस होती है। गर्म और नम वातावरण में फंसा पानी बैक्टीरिया के लिए अनुकूल स्थिति बना देता है, जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे पहला और सुरक्षित तरीका गुरुत्वाकर्षण का उपयोग करना है। जिस कान में पानी गया हो, उस ओर सिर झुकाकर कुछ मिनट तक लेटना कई बार पर्याप्त होता है। इसके अलावा, सिर झुकाए रखते हुए कान की लोब को हल्के से खींचने पर ईयर कैनाल सीधी होती है और पानी बाहर आ सकता है।
कुछ मामलों में हेयर ड्रायर को कम गर्मी या ठंडी हवा पर, सुरक्षित दूरी से इस्तेमाल करने से नमी सूख जाती है। हालांकि, इसे बहुत पास लाना या ज्यादा देर तक इस्तेमाल करना नुकसानदेह हो सकता है।डॉक्टर स्पष्ट चेतावनी देते हैं कि कान में कॉटन बड, पिन, माचिस की तीली या किसी भी नुकीली वस्तु का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे कान की अंदरूनी त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है और ईयर ड्रम फटने का जोखिम रहता है।
इसी तरह, जबरदस्ती फूंक मारना या किसी तरल पदार्थ को कान में डालना स्थिति को और बिगाड़ सकता यदि 24 घंटे से अधिक समय तक कान में पानी भरा हुआ महसूस हो, दर्द, खुजली या जलन शुरू हो जाए, या कान से पीला स्राव निकलने लगे, तो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। पहले से कान का ऑपरेशन हो चुका हो या पर्दे में छेद की शिकायत रही हो, तो घरेलू प्रयोग करने से बचना चाहिए।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नहाते या तैराकी के दौरान ईयर प्लग का इस्तेमाल किया जाए। जरूरत पड़ने पर कॉटन पर हल्की वैसलीन लगाकर कान में रखा जा सकता है। साथ ही, बार-बार कान साफ करने की आदत से बचना भी जरूरी है।
यह खबर पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में आज की ताज़ा ख़बरें और भारत समाचार अपडेट के तहत सामने आई है, ताकि आम लोग छोटी दिखने वाली इस समस्या को गंभीरता से लें और सही जानकारी के साथ सुरक्षित रहें।
...........................
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
नहाते समय कान में चला गया पानी? घरेलू उपायों से मिल सकती है राहत, लापरवाही बढ़ा सकती है खतरा
लाइफ स्टाइल
नहाते समय या बाल धोते वक्त कान में पानी चला जाना एक आम लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली समस्या है। देशभर में हर उम्र के लोग इससे दो-चार होते हैं। शुरुआत में यह मामूली असुविधा लगती है, लेकिन समय पर सही उपाय न किए जाएं तो यह संक्रमण, दर्द और सुनने की क्षमता पर असर जैसी समस्याओं में बदल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकतर मामलों में सुरक्षित घरेलू उपायों से राहत मिल जाती है, बशर्ते लापरवाही न बरती जाए।
नहाते समय जब पानी तेज दबाव के साथ कान में प्रवेश करता है, तो वह ईयर कैनाल में फंस सकता है। कान की बनावट और मोम (ईयर वैक्स) की मौजूदगी पानी को बाहर निकलने से रोक देती है। इससे कान भारी लगने लगता है और सुनने में कमी महसूस होती है। गर्म और नम वातावरण में फंसा पानी बैक्टीरिया के लिए अनुकूल स्थिति बना देता है, जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे पहला और सुरक्षित तरीका गुरुत्वाकर्षण का उपयोग करना है। जिस कान में पानी गया हो, उस ओर सिर झुकाकर कुछ मिनट तक लेटना कई बार पर्याप्त होता है। इसके अलावा, सिर झुकाए रखते हुए कान की लोब को हल्के से खींचने पर ईयर कैनाल सीधी होती है और पानी बाहर आ सकता है।
कुछ मामलों में हेयर ड्रायर को कम गर्मी या ठंडी हवा पर, सुरक्षित दूरी से इस्तेमाल करने से नमी सूख जाती है। हालांकि, इसे बहुत पास लाना या ज्यादा देर तक इस्तेमाल करना नुकसानदेह हो सकता है।डॉक्टर स्पष्ट चेतावनी देते हैं कि कान में कॉटन बड, पिन, माचिस की तीली या किसी भी नुकीली वस्तु का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे कान की अंदरूनी त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है और ईयर ड्रम फटने का जोखिम रहता है।
इसी तरह, जबरदस्ती फूंक मारना या किसी तरल पदार्थ को कान में डालना स्थिति को और बिगाड़ सकता यदि 24 घंटे से अधिक समय तक कान में पानी भरा हुआ महसूस हो, दर्द, खुजली या जलन शुरू हो जाए, या कान से पीला स्राव निकलने लगे, तो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। पहले से कान का ऑपरेशन हो चुका हो या पर्दे में छेद की शिकायत रही हो, तो घरेलू प्रयोग करने से बचना चाहिए।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नहाते या तैराकी के दौरान ईयर प्लग का इस्तेमाल किया जाए। जरूरत पड़ने पर कॉटन पर हल्की वैसलीन लगाकर कान में रखा जा सकता है। साथ ही, बार-बार कान साफ करने की आदत से बचना भी जरूरी है।
यह खबर पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में आज की ताज़ा ख़बरें और भारत समाचार अपडेट के तहत सामने आई है, ताकि आम लोग छोटी दिखने वाली इस समस्या को गंभीरता से लें और सही जानकारी के साथ सुरक्षित रहें।
...........................
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
