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किन वजहों से पीले हो जाते हैं दांत? क्या इन्हें दोबारा सफेद करना पॉसिबल, डेंटिस्ट से जानें हकीकत
Health News
डेंटिस्ट की मानें तो दांतों की प्रॉपर सफाई न होने से पीलेपन की समस्या पैदा हो सकती है. बढ़ती उम्र और फ्लोराइड वाला पानी पीने से भी दांतों में पीलापन आ सकता है. इससे बचने के लिए समय-समय पर स्केलिंग करा सकते हैं.
सभी लोग चाहते हैं कि उनके दांत सफेद मोती की तरह चमकते रहें, लेकिन बड़ी संख्या में लोग दांतों के पीलेपन से परेशान नजर आते हैं. तमाम युवा दांतों के पीलेपन को हटाने के लिए तरह तरह के टूथपेस्ट और माउथवॉश इस्तेमाल करते हैं, लेकिन फिर भी समस्या जस की तस बनी रहती है. कई लोग मानते हैं कि दांतों का पीलापन उम्र से संबंधित होता है और इसे हटाया नहीं जा सकता है. अगर आप भी दांतों की इस समस्या से परेशान हैं और दांतों को दोबारा चमकाना चाहते हैं, तो इस बारे में डेंटिस्ट से जरूरी बातें जान लीजिए.
नई दिल्ली के मयूर विहार स्थित ब्रेसेस एंड फेसेस डेंटल क्लीनिक की डेंटिस्ट डॉ. सांत्वना पयासी ने बताया कि दांत पीले होने की 3 बड़ी वजह होती हैं. सबसे पहली वजह पानी में फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा होना. जिन जगहों पर पानी में फ्लोराइड ज्यादा होता है, तो उस पानीको लंबे समय तक पीने से डेंटल फ्लोरोसिस नामक कंडीशन पैदा हो जाती है और इससे दांत पीले हो जाते हैं. कई बार दांतों में पीले पैचेस हो जाते हैं. दांत पीले होने की दूसरी सबसे बड़ी वजह टीथ की सही तरीके से क्लीनिंग और ब्रशिंग न करना है. जब दांत साफ नहीं हो पाते हैं, तब दांतों के नीचे गंदगी जमा हो जाती है, जिसे कैल्कुलस कहा जाता है. इसकी वजह से भी दांत पीले नजर आने लगते हैं. तीसरी वजह उम्र के साथ दांतों का एनेमल ज्यादा ट्रांसपेरेंट होना है.
डेंटिस्ट ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ हमारे दांतों की सबसे ऊपरी परत यानी टूथ एनेमल ट्रांसपेरेंट होने लगता है और इससे दांतों की निचली परत डेंटिन नजर आने लगती है. डेंटिन का रंग पीला होता है, जिससे दांतों पर पीलापन दिखने लगता है. इसके अलावा चाय, कॉफी, अल्कोहल समेत कई चीजों का सेवन करने से भी दांतों पर गंदगी जमा होने लगती है और पीलापन आने लगता है. सबसे बड़ी बात यह है कि हमारे दांतों का नेचुरल कलर ब्राइट व्हाइट नहीं होता है. करीब 95% लोगों के दांतों का नेचुरल कलर क्रीमिश होता है. ऐसे में दांतों को बिल्कुल सफेद नहीं मानना चाहिए.
दांतों को सफेद कैसे किया जा सकता है?
डॉक्टर सांत्वना की मानें तो दांतों को सफेद करने के कुछ तरीके हैं, जिनमें स्केलिंग, ब्लीचिंग, वैनिरिंग, ब्रशिंग और गार्गल करना शामिल हैं. दांतों की गंदगी हटाने के लिए स्केलिंग की जाती है, जिसे बोलचाल की भाषा में दांतों की सफाई कहा जाता है. इससे दांतों के बीच जमे कैल्कुलस और अन्य गंदगी को साफ किया जाता है और लोगों के दांत अपने नेचुरल कलर जैसे दिखने लगते हैं. सभी लोगों को हर 6 महीने या 1 साल में दांतों की सफाई जरूर करानी चाहिए. इसके अलावा दांतों को साफ रखने के लिए रोज 2-3 बार ब्रशिंग और रात को गुनगुने पानी में नमक मिलाकर कुल्ले करने चाहिए. इससे दांत साफ रहेंगे.
बार-बार ब्लीचिंग करवाने से बचें
एक्सपर्ट की मानें तो दांतों को सफेद करने के लिए कई लोग ब्लीचिंग करवाते हैं. इससे दांत तो सफेद हो जाते हैं, लेकिन हमारे दांतों के एनेमल को नुकसान होता है. ऐसे में कई सालों में एक बार दांतों की ब्लीचिंग करवाना ठीक है, लेकिन बार-बार इसे करवाना दांतों के लिए खतरनाक हो सकता है. इसके अलावा दांतों को व्हाइट लुक देने के लिए डेंटिस्ट कभी कभी वैनरिंग भी करते हैं. इस प्रोसेस में दांतों के ऊपर आर्टिफिशियल मटीरियल लगा देते हैं, जिससे दांत बिल्कुल सफेद नजर आने लगते हैं. इससे कई महीनों तक दांत साफ दिखते हैं. हालांकि यह एक महंगी प्रोसेस है और सभी के लिए अफॉर्डेबल नहीं है.
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किन वजहों से पीले हो जाते हैं दांत? क्या इन्हें दोबारा सफेद करना पॉसिबल, डेंटिस्ट से जानें हकीकत
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सभी लोग चाहते हैं कि उनके दांत सफेद मोती की तरह चमकते रहें, लेकिन बड़ी संख्या में लोग दांतों के पीलेपन से परेशान नजर आते हैं. तमाम युवा दांतों के पीलेपन को हटाने के लिए तरह तरह के टूथपेस्ट और माउथवॉश इस्तेमाल करते हैं, लेकिन फिर भी समस्या जस की तस बनी रहती है. कई लोग मानते हैं कि दांतों का पीलापन उम्र से संबंधित होता है और इसे हटाया नहीं जा सकता है. अगर आप भी दांतों की इस समस्या से परेशान हैं और दांतों को दोबारा चमकाना चाहते हैं, तो इस बारे में डेंटिस्ट से जरूरी बातें जान लीजिए.
नई दिल्ली के मयूर विहार स्थित ब्रेसेस एंड फेसेस डेंटल क्लीनिक की डेंटिस्ट डॉ. सांत्वना पयासी ने बताया कि दांत पीले होने की 3 बड़ी वजह होती हैं. सबसे पहली वजह पानी में फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा होना. जिन जगहों पर पानी में फ्लोराइड ज्यादा होता है, तो उस पानीको लंबे समय तक पीने से डेंटल फ्लोरोसिस नामक कंडीशन पैदा हो जाती है और इससे दांत पीले हो जाते हैं. कई बार दांतों में पीले पैचेस हो जाते हैं. दांत पीले होने की दूसरी सबसे बड़ी वजह टीथ की सही तरीके से क्लीनिंग और ब्रशिंग न करना है. जब दांत साफ नहीं हो पाते हैं, तब दांतों के नीचे गंदगी जमा हो जाती है, जिसे कैल्कुलस कहा जाता है. इसकी वजह से भी दांत पीले नजर आने लगते हैं. तीसरी वजह उम्र के साथ दांतों का एनेमल ज्यादा ट्रांसपेरेंट होना है.
डेंटिस्ट ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ हमारे दांतों की सबसे ऊपरी परत यानी टूथ एनेमल ट्रांसपेरेंट होने लगता है और इससे दांतों की निचली परत डेंटिन नजर आने लगती है. डेंटिन का रंग पीला होता है, जिससे दांतों पर पीलापन दिखने लगता है. इसके अलावा चाय, कॉफी, अल्कोहल समेत कई चीजों का सेवन करने से भी दांतों पर गंदगी जमा होने लगती है और पीलापन आने लगता है. सबसे बड़ी बात यह है कि हमारे दांतों का नेचुरल कलर ब्राइट व्हाइट नहीं होता है. करीब 95% लोगों के दांतों का नेचुरल कलर क्रीमिश होता है. ऐसे में दांतों को बिल्कुल सफेद नहीं मानना चाहिए.
दांतों को सफेद कैसे किया जा सकता है?
डॉक्टर सांत्वना की मानें तो दांतों को सफेद करने के कुछ तरीके हैं, जिनमें स्केलिंग, ब्लीचिंग, वैनिरिंग, ब्रशिंग और गार्गल करना शामिल हैं. दांतों की गंदगी हटाने के लिए स्केलिंग की जाती है, जिसे बोलचाल की भाषा में दांतों की सफाई कहा जाता है. इससे दांतों के बीच जमे कैल्कुलस और अन्य गंदगी को साफ किया जाता है और लोगों के दांत अपने नेचुरल कलर जैसे दिखने लगते हैं. सभी लोगों को हर 6 महीने या 1 साल में दांतों की सफाई जरूर करानी चाहिए. इसके अलावा दांतों को साफ रखने के लिए रोज 2-3 बार ब्रशिंग और रात को गुनगुने पानी में नमक मिलाकर कुल्ले करने चाहिए. इससे दांत साफ रहेंगे.
बार-बार ब्लीचिंग करवाने से बचें
एक्सपर्ट की मानें तो दांतों को सफेद करने के लिए कई लोग ब्लीचिंग करवाते हैं. इससे दांत तो सफेद हो जाते हैं, लेकिन हमारे दांतों के एनेमल को नुकसान होता है. ऐसे में कई सालों में एक बार दांतों की ब्लीचिंग करवाना ठीक है, लेकिन बार-बार इसे करवाना दांतों के लिए खतरनाक हो सकता है. इसके अलावा दांतों को व्हाइट लुक देने के लिए डेंटिस्ट कभी कभी वैनरिंग भी करते हैं. इस प्रोसेस में दांतों के ऊपर आर्टिफिशियल मटीरियल लगा देते हैं, जिससे दांत बिल्कुल सफेद नजर आने लगते हैं. इससे कई महीनों तक दांत साफ दिखते हैं. हालांकि यह एक महंगी प्रोसेस है और सभी के लिए अफॉर्डेबल नहीं है.
