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भारतीय शहरों में वॉकिंग क्यों बन रही है नई फिटनेस आदत?
Digital Desk
भारतीय शहरों में पैदल चलना आसान फिटनेस आदत बन रहा है। जानें स्टेप गोल, ऑफिस वॉक और शाम की सैर को रोजमर्रा की गतिविधि में कैसे शामिल करें।
आधुनिक फिटनेस उद्योग कई बार व्यायाम को महंगा बना देता है।
जिम सदस्यता, विशेष क्लास, स्मार्टवॉच, वर्कआउट ऐप और अलग-अलग उपकरणों के बीच एक सरल गतिविधि अब भी आसानी से उपलब्ध है—पैदल चलना।
ऑफिस कर्मचारियों, छात्रों और बुजुर्गों के लिए चलना रोजमर्रा की जिंदगी में शारीरिक गतिविधि जोड़ने का अपेक्षाकृत आसान तरीका हो सकता है।
चलना रोजमर्रा की दिनचर्या में फिट हो सकता है
चलने का मतलब हमेशा औपचारिक वर्कआउट नहीं होता।
पास की दुकान तक पैदल जाना, जहां संभव हो वहां सीढ़ियां लेना, लंच ब्रेक में थोड़ी देर चलना या शाम को टहलना दिन की गतिविधि बढ़ा सकता है।
WHO के अनुसार चलना और सक्रिय आवागमन भी शारीरिक गतिविधि का हिस्सा हैं और हर तरह की गतिविधि मायने रखती है।
10,000 कदम ही सब कुछ नहीं
स्टेप काउंटर ने चलने को एक मापने योग्य चुनौती बना दिया है।
लेकिन लोकप्रिय 10,000 कदम का लक्ष्य ऐसा मानक नहीं होना चाहिए जिसके नीचे की गतिविधि को बेकार समझ लिया जाए।
WHO की सिफारिशें किसी एक सार्वभौमिक दैनिक कदम संख्या के बजाय गतिविधि की अवधि और तीव्रता पर आधारित हैं। वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम गतिविधि करने की सलाह दी जाती है।
जो व्यक्ति अभी बहुत कम चलता है, उसके लिए नियमित छोटी सैर भी महत्वपूर्ण शुरुआत हो सकती है।
काम के दौरान भी चल सकते हैं
लंबे समय तक डेस्क पर बैठने से रोजमर्रा की गतिविधि कम हो सकती है।
जहां संभव हो, मीटिंग के बीच थोड़ी देर चलना या लंच ब्रेक में वॉक करना दिन की गतिविधि बढ़ा सकता है।
उद्देश्य एक दिन में बड़ा बदलाव करना जरूरी नहीं है। सप्ताहभर में छोटे-छोटे अवसर जोड़ना अधिक टिकाऊ हो सकता है।
पैदल चलना सामाजिक गतिविधि भी बन सकता है
चलने की एक खासियत इसकी लचीलापन है।
दोस्त शाम की सैर पर मिल सकते हैं। दंपति भोजन के बाद टहल सकते हैं। परिवार साथ में बाहर निकल सकता है।
इस तरह शारीरिक गतिविधि के साथ सामाजिक जुड़ाव भी हो सकता है।
भारतीय शहरों में सुरक्षा महत्वपूर्ण है
हर शहर में पैदल चलना समान रूप से आसान नहीं है।
ट्रैफिक, खराब फुटपाथ, अत्यधिक गर्मी, जलभराव, वायु प्रदूषण और कम रोशनी सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।
इसलिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार समय और स्थान चुनना जरूरी है।
गर्मी के दौरान सुबह या शाम का समय दोपहर की तुलना में अधिक व्यावहारिक हो सकता है।
जहां हैं, वहीं से शुरुआत करें
जो व्यक्ति अभी बहुत कम चलता है उसे अचानक बहुत बड़ा कदम लक्ष्य बनाने की जरूरत नहीं है।
छोटी और आरामदायक सैर से शुरुआत करके धीरे-धीरे अवधि, आवृत्ति और गति बढ़ाना अधिक वास्तविक तरीका है।
WHO भी कम सक्रिय लोगों को छोटी मात्रा से शुरुआत करके धीरे-धीरे गतिविधि बढ़ाने की सलाह देता है।
चलना हर प्रकार के व्यायाम का विकल्प नहीं है। शक्ति प्रशिक्षण और अन्य शारीरिक गतिविधियों के भी अपने लाभ हैं।
फिर भी चलने की सरलता ही इसकी सबसे बड़ी ताकत हो सकती है।
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