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इन 5 स्थान पर रहने वाले कभी नहीं करते तरक्की, रह जाते हैं कंगाल; जानें
Jeevan Mantra
आचार्ण चाणक्य को सबसे बुद्धिमान मनुष्यों में गिना जाता है। उन्होंने नीति शास्त्र लिख लोगों को आदर्श जीवन जीने के बारे में सलाह दी है।
बचपन में कभी न कभी आपने चाणक्य के बारे में सुना या तो पढ़ा जरूर होगा कि कैसे उन्होंने अपने अपमान का बदला राजा को गद्दी से उतार कर एक गरडिये के बेटे को दिला दी। आचार्य चाणक्य को चंद्रगुप्त मौर्य को गद्दी सौंपी और उन्हें एक योग्य राजा भी बनाया। इसके साथ उन्होंने आदर्श जीवन के बारे में एक पुस्तक भी लिखी, जो चाणक्य नीति या फिर नीति शास्त्र कहलाती है। नीति शास्त्र में लिखी गई कई बातें व्यक्ति के जीवन में उतारने व्यक्ति आदर्श जीवन जी सकता है।
चाणक्य ने बताया है कि कई व्यक्ति कई कारणों से जीवन पर्यंत गरीब ही रह जाते हैं। पहला कारण है उनके कर्म, दूसरा है गलत जगह पर रहना। चाणक्य ने कहा कि गरीब रह जाने के पीछे इनका बड़ा हाथ होता है, चाणक्य नीति में उन्होंने एक पंक्ति कही है जो इस प्रकार है-
धनिकः श्रोत्रियो राजा नदी वैद्यस्तु पञ्चमः।
पञ्च यत्र न विद्यन्ते न तत्र दिवसे वसेत॥
आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र के प्रथम अध्याय के 9वें श्लोक में कहते हैं कि कुछ पांच जगहों पर रहने वाले लोग अपने जीवन में हमेशा गरीब और दुखी ही रहते हैं। ये लोग चाहकर भी तरक्की नहीं पा सकते। ये लोग लंपट-मूर्ख समान जीवन जीते हैं। इन्हें न शास्त्र का ज्ञान रहता है और न ही ये सीखने की कोशिश तक करते हैं।
किन 5 जगहों पर नहीं रहना चाहिए?
- आचार्य चाणक्य के मुताबिक, जिस स्थान पर वेदों को जानने वाला कोई ब्राह्मण नहीं रहता। ऐसे जगह पर रहने वाले लोग हमेशा गरीब ही रहते हैं। अतः इस जगह तुरंत छोड़ देना चाहिए। आचार्य चाणक्य का मानना था कि ब्राह्मण धार्मिक कार्य के जरिए धर्म की रक्षा करते हैं।
- धनिक यानी कारोबार- वहीं, जिस स्थान पर कारोबारी लोग नहीं रहते हैं। उस जगह के लोग भी निर्धन बनकर ही रह जाते हैं। यह स्थान भी तुरंत छोड़ देना चाहिए।
- साथ ही जिस जगह प्रतापी राजा नहीं रहते हैं वहां, शासन व्यवस्था नहीं रहती है। ऐसे में अराजकता फैल जाती है। अतः यहां रहकर कोई विकास नहीं कर सकता है। अगर कर भी लेता है, तो धन हानि हो जाती है।
- वहीं, जल ही जीवन है, यानी जिस जगह पर नदी नहीं है। उस स्थान पर रहना सही नहीं है। नदी के बिना जीवन बहुत कठिन है। जल जीवन और सिंचाई दोनों के लिए जरूरी है।
- इसके अलावा, जिस जगह वैद्य यानी डॉक्टर नहीं है। उस जगह पर रहना सही नहीं है क्योंकि किसी भी रोग के इलाज लिए इनका होना अनिवार्य है। ऐसी जगह भी नहीं रहना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। dainikjagranmpcg.com एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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इन 5 स्थान पर रहने वाले कभी नहीं करते तरक्की, रह जाते हैं कंगाल; जानें
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बचपन में कभी न कभी आपने चाणक्य के बारे में सुना या तो पढ़ा जरूर होगा कि कैसे उन्होंने अपने अपमान का बदला राजा को गद्दी से उतार कर एक गरडिये के बेटे को दिला दी। आचार्य चाणक्य को चंद्रगुप्त मौर्य को गद्दी सौंपी और उन्हें एक योग्य राजा भी बनाया। इसके साथ उन्होंने आदर्श जीवन के बारे में एक पुस्तक भी लिखी, जो चाणक्य नीति या फिर नीति शास्त्र कहलाती है। नीति शास्त्र में लिखी गई कई बातें व्यक्ति के जीवन में उतारने व्यक्ति आदर्श जीवन जी सकता है।
चाणक्य ने बताया है कि कई व्यक्ति कई कारणों से जीवन पर्यंत गरीब ही रह जाते हैं। पहला कारण है उनके कर्म, दूसरा है गलत जगह पर रहना। चाणक्य ने कहा कि गरीब रह जाने के पीछे इनका बड़ा हाथ होता है, चाणक्य नीति में उन्होंने एक पंक्ति कही है जो इस प्रकार है-
धनिकः श्रोत्रियो राजा नदी वैद्यस्तु पञ्चमः।
पञ्च यत्र न विद्यन्ते न तत्र दिवसे वसेत॥
आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र के प्रथम अध्याय के 9वें श्लोक में कहते हैं कि कुछ पांच जगहों पर रहने वाले लोग अपने जीवन में हमेशा गरीब और दुखी ही रहते हैं। ये लोग चाहकर भी तरक्की नहीं पा सकते। ये लोग लंपट-मूर्ख समान जीवन जीते हैं। इन्हें न शास्त्र का ज्ञान रहता है और न ही ये सीखने की कोशिश तक करते हैं।
किन 5 जगहों पर नहीं रहना चाहिए?
- आचार्य चाणक्य के मुताबिक, जिस स्थान पर वेदों को जानने वाला कोई ब्राह्मण नहीं रहता। ऐसे जगह पर रहने वाले लोग हमेशा गरीब ही रहते हैं। अतः इस जगह तुरंत छोड़ देना चाहिए। आचार्य चाणक्य का मानना था कि ब्राह्मण धार्मिक कार्य के जरिए धर्म की रक्षा करते हैं।
- धनिक यानी कारोबार- वहीं, जिस स्थान पर कारोबारी लोग नहीं रहते हैं। उस जगह के लोग भी निर्धन बनकर ही रह जाते हैं। यह स्थान भी तुरंत छोड़ देना चाहिए।
- साथ ही जिस जगह प्रतापी राजा नहीं रहते हैं वहां, शासन व्यवस्था नहीं रहती है। ऐसे में अराजकता फैल जाती है। अतः यहां रहकर कोई विकास नहीं कर सकता है। अगर कर भी लेता है, तो धन हानि हो जाती है।
- वहीं, जल ही जीवन है, यानी जिस जगह पर नदी नहीं है। उस स्थान पर रहना सही नहीं है। नदी के बिना जीवन बहुत कठिन है। जल जीवन और सिंचाई दोनों के लिए जरूरी है।
- इसके अलावा, जिस जगह वैद्य यानी डॉक्टर नहीं है। उस जगह पर रहना सही नहीं है क्योंकि किसी भी रोग के इलाज लिए इनका होना अनिवार्य है। ऐसी जगह भी नहीं रहना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। dainikjagranmpcg.com एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
