पीयूष गोयल ने जेवियर बेटेल से की मुलाकात, आर्थिक संबंधों पर चर्चा

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पीयूष गोयल ने लक्जमबर्ग के मंत्री जेवियर बेटेल से मुलाकात की। दोनों ने व्यापार, एआई, डिजिटल तकनीक, अंतरिक्ष और वित्तीय सेवाओं में सहयोग पर चर्चा की।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को लक्जमबर्ग के उपप्रधानमंत्री, विदेश एवं व्यापार मंत्री जेवियर बेटेल से मुलाकात की। बैठक में भारत और लक्जमबर्ग के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा करने पर चर्चा हुई।

दोनों नेताओं ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया। इनमें लॉजिस्टिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल तकनीक, अंतरिक्ष, वित्तीय सेवाएं और अपशिष्ट प्रबंधन प्रमुख रहे। गोयल ने बैठक के बाद कहा कि भारत-लक्जमबर्ग आर्थिक संबंधों को और गहरा करने तथा दोनों देशों के कारोबार के लिए नए अवसर तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है।

कई क्षेत्रों में सहयोग पर जोर

बैठक का प्रमुख फोकस दोनों देशों के बीच आर्थिक और कारोबारी सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करना रहा। गोयल के अनुसार, भारत और लक्जमबर्ग लॉजिस्टिक्स, एआई और डिजिटल तकनीक जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत कर सकते हैं।

अंतरिक्ष क्षेत्र और वित्तीय सेवाओं को भी संभावित सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में देखा गया। इसके अलावा अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

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गोयल ने कहा कि इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से दोनों देशों की कंपनियों के लिए नए कारोबारी अवसर पैदा हो सकते हैं।

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गोयल ने जताई नई उम्मीद

बैठक के बाद गोयल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत-लक्जमबर्ग सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।

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गोयल ने दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और गहरा करने तथा कारोबार के लिए नए अवसर पैदा करने की उम्मीद जताई।

भारत सरकार की वाणिज्यिक नीति में यूरोप के साथ व्यापार और आर्थिक सहयोग को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। वाणिज्य मंत्रालय की यूरोप-I इकाई यूरोपीय संघ के 27 देशों सहित यूरोप के 38 देशों के साथ व्यापार और आर्थिक सहयोग से जुड़े मामलों को देखती है।

बेटेल ने बताए मजबूत रिश्ते

बैठक से पहले लक्जमबर्ग के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल ने भारत और लक्जमबर्ग के संबंधों को भरोसेमंद और ईमानदार बताया।

एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में बेटेल ने कहा कि दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने पुराने संपर्कों को भी याद किया। बेटेल 2013 से 2023 तक लक्जमबर्ग के प्रधानमंत्री रहे थे।

उन्होंने भारत के साथ संबंधों को लेकर सकारात्मक रुख जताते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग और संपर्क को महत्वपूर्ण बताया।

जयशंकर से भी हुई मुलाकात

जेवियर बेटेल ने नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की। इस दौरान भारत और लक्जमबर्ग के बीच व्यापक द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई।

जयशंकर ने दोनों देशों की साझेदारी को एक बहुत भरोसेमंद संबंध बताया। उन्होंने आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और आर्थिक विविधीकरण के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर भी जोर दिया।

विदेश मंत्री ने यूरोपीय संघ और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौते के लिए लक्जमबर्ग के समर्थन की भी सराहना की।

व्यापार समझौते पर नजर

भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार संबंधों को मजबूत करना दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में लक्जमबर्ग जैसे यूरोपीय संघ के सदस्य देश के साथ मजबूत आर्थिक संबंध भारत के लिए व्यापक यूरोपीय बाजार तक सहयोग बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

लक्जमबर्ग का वित्तीय क्षेत्र, तकनीकी क्षमता और यूरोपीय बाजार से उसका जुड़ाव भारत के लिए निवेश और कारोबारी सहयोग के नए अवसर उपलब्ध करा सकता है।

दूसरी ओर, भारत का बड़ा बाजार और तेजी से बढ़ता डिजिटल एवं तकनीकी क्षेत्र लक्जमबर्ग की कंपनियों के लिए भी अवसर प्रदान कर सकता है।

कारोबारी अवसर बढ़ाने की कोशिश

गोयल और बेटेल की बैठक ऐसे समय हुई है जब दोनों देश द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और व्यापक बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

लॉजिस्टिक्स, डिजिटल तकनीक, एआई, अंतरिक्ष और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से व्यापारिक साझेदारी को नई दिशा मिल सकती है। अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्र भी भविष्य में तकनीकी और निवेश सहयोग के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कारोबारी समुदायों के बीच संपर्क और सहयोग को मजबूत करना भी अहम होगा।

आगे क्या होगा?

जेवियर बेटेल का भारत दौरा 7 से 9 सितंबर तक तीन दिनों का है। इस दौरान दोनों देशों के वरिष्ठ नेताओं के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर बातचीत हो रही है।

पीयूष गोयल और बेटेल की बैठक से संकेत मिलता है कि भारत-लक्जमबर्ग संबंधों में आर्थिक सहयोग को और विस्तार देने पर जोर है। आने वाले समय में लॉजिस्टिक्स, एआई, डिजिटल तकनीक, अंतरिक्ष, वित्तीय सेवाओं और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में ठोस कारोबारी साझेदारी के अवसर सामने आ सकते हैं।

भारत और लक्जमबर्ग के बीच बढ़ता सहयोग यूरोपीय संघ के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक और निवेश संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

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