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पुणे में जहरीली शराब से 15 लोगों की मौत, कई इलाकों में मचा हड़कंप
नेशनल डेस्क
हडपसर से पिंपरी तक मौतों के बाद कार्रवाई तेज, 8 लोग हिरासत में
महाराष्ट्र के पुणे में जहरीली शराब पीने से पिछले 24 घंटे के भीतर 15 लोगों की मौत होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मामला सामने आते ही पुलिस, आबकारी विभाग और प्रशासन की टीमों ने कई इलाकों में छापेमारी शुरू कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शराब में मेथेनॉल जैसी जहरीली सामग्री मिलाई गई हो सकती है। पुलिस ने अब तक 8 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें अवैध शराब का कारोबार करने वाले लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक हडपसर, फुगेवाड़ी, दापोडी और पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में रहने वाले कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। कुछ लोगों को चक्कर आने, उल्टी और आंखों के सामने धुंधलापन जैसी शिकायतें हुईं। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां कई लोगों की मौत हो गई। कुछ मरीजों का इलाज अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सभी ने एक ही जगह से शराब खरीदी थी।
घटना के बाद इलाके में डर और गुस्से का माहौल है। मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई घरों में एक साथ दो-दो लोगों की मौत की खबर सामने आई है। पुलिस टीम लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों से पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि जिस जगह से अवैध शराब तैयार की जा रही थी, वहां से कई संदिग्ध केमिकल और शराब से भरे ड्रम भी बरामद किए गए हैं।
राज्य आबकारी विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए देर रात कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय हो सकता है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जहरीली शराब कहां तैयार की गई और किन-किन इलाकों में सप्लाई की गई।
मामला गंभीर होने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक सरकार इस मामले में आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की भूमिका की भी जांच कर सकती है। क्योंकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता और पूर्व महापौर योगेश बहल ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई की जाती तो इतनी जानें नहीं जातीं। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अवैध शराब के धंधे पर रोक लगाने में स्थानीय सिस्टम पूरी तरह नाकाम रहा है।
हालांकि पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस का कहना है कि अब तक हुई सभी मौतों को सीधे जहरीली शराब से जोड़ना जल्दबाजी होगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पांच लोगों की मौत अलग-अलग कारणों से भी हो सकती है। फिर भी जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें कई लोगों को मौत से पहले चक्कर और बेचैनी की शिकायत हुई थी। इसी वजह से जहरीली शराब की आशंका को गंभीरता से लिया जा रहा है।
सभी शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और विसरा जांच के लिए भेजा गया है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। डॉक्टरों का कहना है कि मेथेनॉल मिला शराब शरीर के लिए बेहद खतरनाक होती है। इससे आंखों की रोशनी जा सकती है और कुछ ही घंटों में इंसान की जान भी जा सकती है।
घटना के बाद कई इलाकों में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध शराब या बिना लाइसेंस वाली दुकानों से कोई भी शराब न खरीदें। वहीं आबकारी विभाग ने भी जिलेभर में अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान शुरू कर दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीब और मजदूर वर्ग के लोग सस्ती शराब के चक्कर में ऐसी जहरीली शराब का शिकार हो जाते हैं। कई बार उन्हें यह तक पता नहीं होता कि शराब में क्या मिलाया गया है। इस घटना के बाद पुणे के कई इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि जहरीली शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए केमिकल कहां से लाए गए थे। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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पुणे में जहरीली शराब से 15 लोगों की मौत, कई इलाकों में मचा हड़कंप
नेशनल डेस्क
महाराष्ट्र के पुणे में जहरीली शराब पीने से पिछले 24 घंटे के भीतर 15 लोगों की मौत होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मामला सामने आते ही पुलिस, आबकारी विभाग और प्रशासन की टीमों ने कई इलाकों में छापेमारी शुरू कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शराब में मेथेनॉल जैसी जहरीली सामग्री मिलाई गई हो सकती है। पुलिस ने अब तक 8 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें अवैध शराब का कारोबार करने वाले लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक हडपसर, फुगेवाड़ी, दापोडी और पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में रहने वाले कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। कुछ लोगों को चक्कर आने, उल्टी और आंखों के सामने धुंधलापन जैसी शिकायतें हुईं। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां कई लोगों की मौत हो गई। कुछ मरीजों का इलाज अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सभी ने एक ही जगह से शराब खरीदी थी।
घटना के बाद इलाके में डर और गुस्से का माहौल है। मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई घरों में एक साथ दो-दो लोगों की मौत की खबर सामने आई है। पुलिस टीम लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों से पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि जिस जगह से अवैध शराब तैयार की जा रही थी, वहां से कई संदिग्ध केमिकल और शराब से भरे ड्रम भी बरामद किए गए हैं।
राज्य आबकारी विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए देर रात कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय हो सकता है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जहरीली शराब कहां तैयार की गई और किन-किन इलाकों में सप्लाई की गई।
मामला गंभीर होने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक सरकार इस मामले में आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की भूमिका की भी जांच कर सकती है। क्योंकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता और पूर्व महापौर योगेश बहल ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई की जाती तो इतनी जानें नहीं जातीं। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अवैध शराब के धंधे पर रोक लगाने में स्थानीय सिस्टम पूरी तरह नाकाम रहा है।
हालांकि पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस का कहना है कि अब तक हुई सभी मौतों को सीधे जहरीली शराब से जोड़ना जल्दबाजी होगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पांच लोगों की मौत अलग-अलग कारणों से भी हो सकती है। फिर भी जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें कई लोगों को मौत से पहले चक्कर और बेचैनी की शिकायत हुई थी। इसी वजह से जहरीली शराब की आशंका को गंभीरता से लिया जा रहा है।
सभी शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और विसरा जांच के लिए भेजा गया है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। डॉक्टरों का कहना है कि मेथेनॉल मिला शराब शरीर के लिए बेहद खतरनाक होती है। इससे आंखों की रोशनी जा सकती है और कुछ ही घंटों में इंसान की जान भी जा सकती है।
घटना के बाद कई इलाकों में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध शराब या बिना लाइसेंस वाली दुकानों से कोई भी शराब न खरीदें। वहीं आबकारी विभाग ने भी जिलेभर में अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान शुरू कर दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीब और मजदूर वर्ग के लोग सस्ती शराब के चक्कर में ऐसी जहरीली शराब का शिकार हो जाते हैं। कई बार उन्हें यह तक पता नहीं होता कि शराब में क्या मिलाया गया है। इस घटना के बाद पुणे के कई इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि जहरीली शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए केमिकल कहां से लाए गए थे। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
