- Hindi News
- देश विदेश
- JNU में नारेबाजी का वीडियो वायरल, जमानत फैसले के बाद सियासी टकराव तेज
JNU में नारेबाजी का वीडियो वायरल, जमानत फैसले के बाद सियासी टकराव तेज
नेशनल न्यूज
छात्र प्रदर्शन को लेकर BJP ने देशविरोधी सोच का आरोप लगाया, कांग्रेस ने कहा—असंतोष की अभिव्यक्ति
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में कुछ छात्रों द्वारा लगाए गए विवादित नारों का एक वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। 35 सेकेंड के इस वीडियो को 5 जनवरी 2026 की रात का बताया जा रहा है, जो मंगलवार को सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ। वीडियो में कुछ छात्र केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाते नजर आ रहे हैं। इसके सामने आते ही भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।
भाजपा नेताओं ने इस घटना को राष्ट्रविरोधी मानसिकता से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि यह नारेबाजी हाल ही में 2020 दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत न मिलने के फैसले के बाद की गई। भाजपा प्रवक्ताओं का दावा है कि यह प्रदर्शन कानून के दायरे से बाहर जाकर संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास है।
दूसरी ओर कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह छात्रों के असंतोष और नाराजगी की अभिव्यक्ति है। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़े गुस्से को कुछ छात्रों ने प्रतीकात्मक और भावनात्मक तरीके से जाहिर किया। कांग्रेस का कहना है कि इसे देशविरोधी करार देना असहमति की आवाज को दबाने जैसा है।
JNU छात्र संघ ने भी इस मुद्दे पर सफाई दी है। छात्र संघ की ओर से कहा गया है कि 5 जनवरी को हर साल 2020 में कैंपस में हुई हिंसा की बरसी पर छात्र कार्यक्रम और विरोध दर्ज कराते हैं। संघ का दावा है कि इस दौरान उठाए गए नारे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ हिंसा के आह्वान के लिए नहीं थे, बल्कि वैचारिक विरोध के रूप में लगाए गए थे। छात्र प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि वीडियो के कुछ हिस्सों को संदर्भ से अलग कर प्रस्तुत किया जा रहा है।
गौरतलब है कि 5 जनवरी 2020 को JNU परिसर में गंभीर हिंसा हुई थी, जिसमें कई छात्र घायल हुए थे। उस घटना ने देशभर में छात्र राजनीति और कैंपस सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी थी। वर्तमान विवाद उसी तारीख की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जिससे संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वायरल वीडियो को लेकर फिलहाल कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है। पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री पर नजर रखे हुए है और शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
--------------------------------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
JNU में नारेबाजी का वीडियो वायरल, जमानत फैसले के बाद सियासी टकराव तेज
नेशनल न्यूज
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में कुछ छात्रों द्वारा लगाए गए विवादित नारों का एक वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। 35 सेकेंड के इस वीडियो को 5 जनवरी 2026 की रात का बताया जा रहा है, जो मंगलवार को सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ। वीडियो में कुछ छात्र केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाते नजर आ रहे हैं। इसके सामने आते ही भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।
भाजपा नेताओं ने इस घटना को राष्ट्रविरोधी मानसिकता से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि यह नारेबाजी हाल ही में 2020 दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत न मिलने के फैसले के बाद की गई। भाजपा प्रवक्ताओं का दावा है कि यह प्रदर्शन कानून के दायरे से बाहर जाकर संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास है।
दूसरी ओर कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह छात्रों के असंतोष और नाराजगी की अभिव्यक्ति है। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़े गुस्से को कुछ छात्रों ने प्रतीकात्मक और भावनात्मक तरीके से जाहिर किया। कांग्रेस का कहना है कि इसे देशविरोधी करार देना असहमति की आवाज को दबाने जैसा है।
JNU छात्र संघ ने भी इस मुद्दे पर सफाई दी है। छात्र संघ की ओर से कहा गया है कि 5 जनवरी को हर साल 2020 में कैंपस में हुई हिंसा की बरसी पर छात्र कार्यक्रम और विरोध दर्ज कराते हैं। संघ का दावा है कि इस दौरान उठाए गए नारे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ हिंसा के आह्वान के लिए नहीं थे, बल्कि वैचारिक विरोध के रूप में लगाए गए थे। छात्र प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि वीडियो के कुछ हिस्सों को संदर्भ से अलग कर प्रस्तुत किया जा रहा है।
गौरतलब है कि 5 जनवरी 2020 को JNU परिसर में गंभीर हिंसा हुई थी, जिसमें कई छात्र घायल हुए थे। उस घटना ने देशभर में छात्र राजनीति और कैंपस सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी थी। वर्तमान विवाद उसी तारीख की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जिससे संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वायरल वीडियो को लेकर फिलहाल कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है। पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री पर नजर रखे हुए है और शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
--------------------------------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
