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उत्तर कोरिया में उत्तराधिकार की अटकलें तेज: किम जोंग उन की बेटी किम जू ऐ को उत्तराधिकारी बताए जाने का दावा
अंतराष्ट्रीय न्यूज
नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस का आकलन—बढ़ती सार्वजनिक मौजूदगी और उच्च स्तरीय कार्यक्रमों में भागीदारी से संकेत; औपचारिक घोषणा पर नजर
उत्तर कोरिया की सत्ता संरचना को लेकर नई अटकलें तेज हो गई हैं। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी, नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (NIS), ने सांसदों को दी जानकारी में दावा किया है कि किम जोंग उन अपनी लगभग 13 वर्षीय बेटी किम जू ऐ को उत्तराधिकारी के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं। एजेंसी के अनुसार, हाल के महीनों में जू ऐ की असाधारण सार्वजनिक मौजूदगी और प्रमुख राजनीतिक-सैन्य कार्यक्रमों में भागीदारी इस आकलन का आधार है। यह अपडेट आज की ताज़ा ख़बरें और राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय समाचार श्रेणी में प्रमुखता से उभरा है।
NIS का कहना है कि जू ऐ कई उच्च स्तरीय आयोजनों में अपने पिता के साथ दिखाई दी हैं और विदेश यात्रा के दौरान भी उनकी उपस्थिति दर्ज की गई। एजेंसी अब इस महीने होने वाले सत्तारूढ़ दल के बड़े सम्मेलन पर नजर रखे हुए है, जहां आगामी वर्षों की नीतिगत प्राथमिकताओं और नेतृत्व संकेतों पर स्पष्टता मिल सकती है। यदि जू ऐ की औपचारिक भूमिका सामने आती है, तो यह उत्तर कोरिया की उत्तराधिकार परंपरा में महत्वपूर्ण बदलाव माना जाएगा।
दक्षिण कोरियाई सांसदों के हवाले से बताया गया कि जू ऐ पहले “उत्तराधिकार के लिए तैयार” मानी जा रही थीं, जबकि ताज़ा आकलन उन्हें “नामित उत्तराधिकारी” की श्रेणी के करीब बताता है। सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी प्रमुखता, सैन्य आयोजनों में उपस्थिति और उच्च प्रतीकात्मक स्थलों के दौरे को इस बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
पृष्ठभूमि में देखें तो जू ऐ पहली बार 2022 में बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के दौरान सार्वजनिक रूप से सामने आई थीं। उसके बाद से उनकी उपस्थिति क्रमशः बढ़ती गई है। विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर कोरिया में नेतृत्व परिवर्तन आम तौर पर गोपनीय और क्रमिक संकेतों के माध्यम से आगे बढ़ाया जाता है, इसलिए औपचारिक घोषणा से पहले सार्वजनिक प्रतीकों की भूमिका अहम होती है।
हालांकि, उत्तर कोरिया की आधिकारिक संस्थाओं ने उत्तराधिकार को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष न्यायिक या संवैधानिक प्रक्रिया से नहीं, बल्कि पार्टी और राज्य संस्थानों के संकेतों से तय होगा। ---------------------
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