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लेबनान के फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर इजराइली हमला, ईरान ने न्यूक्लियर सेंटर पर हमले की दी चेतावनी
अंतराष्ट्रीय न्यूज
मिडिल ईस्ट में जंग का छठा दिन; अमेरिकी हमले में ईरानी युद्धपोत डूबा, क्षेत्र में तनाव और बढ़ा
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के छठे दिन हालात और गंभीर हो गए हैं। इजराइल ने उत्तरी लेबनान के त्रिपोली शहर स्थित एक फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर हमला किया है। इस कार्रवाई के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजराइल ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश करते हैं तो वह दक्षिणी इजराइल में स्थित परमाणु केंद्र को निशाना बना सकता है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।
रिपोर्टों के मुताबिक हमला त्रिपोली के पास स्थित बेद्दावी रिफ्यूजी कैंप में किया गया, जिसे उत्तरी लेबनान का सबसे बड़ा फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप माना जाता है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। इस हमले में हमास से जुड़े एक अधिकारी के मारे जाने की भी खबर सामने आई है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
इसी बीच ईरान की ओर से सख्त चेतावनी दी गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि यदि अमेरिका और इजराइल ने ईरान की राजनीतिक व्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश की तो ईरान दक्षिणी इजराइल में स्थित Dimona Nuclear Research Center को निशाना बना सकता है। अधिकारी का कहना है कि यह कदम “रक्षात्मक प्रतिक्रिया” के तौर पर उठाया जा सकता है।
संघर्ष के बीच समुद्री क्षेत्र में भी तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के मुताबिक हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने एक ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबो दिया। श्रीलंका के पास हुए इस हमले में 80 से अधिक ईरानी नौसैनिकों की मौत की खबर है, जबकि कई घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय नौसेना ने कुछ घायल सैनिकों को बचाकर अस्पताल पहुंचाया है।
बताया गया है कि यह युद्धपोत हाल ही में भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रहा था। घटना के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
इधर ईरान की राजधानी तेहरान और पश्चिमी क्षेत्रों में कई धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। इसके बाद ईरानी सेना ने अपना एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया। दूसरी ओर लेबनान की राजधानी बेरूत में संभावित हवाई हमलों के डर से रात भर लोगों ने हवा में गोलियां चलाकर आसपास के लोगों को सतर्क किया।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कई देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया तेज कर दी है। अमेरिका ने भी बताया है कि पिछले कुछ दिनों में हजारों नागरिकों को क्षेत्र से बाहर निकाला गया है।
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मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के छठे दिन हालात और गंभीर हो गए हैं। इजराइल ने उत्तरी लेबनान के त्रिपोली शहर स्थित एक फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर हमला किया है। इस कार्रवाई के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजराइल ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश करते हैं तो वह दक्षिणी इजराइल में स्थित परमाणु केंद्र को निशाना बना सकता है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।
रिपोर्टों के मुताबिक हमला त्रिपोली के पास स्थित बेद्दावी रिफ्यूजी कैंप में किया गया, जिसे उत्तरी लेबनान का सबसे बड़ा फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप माना जाता है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। इस हमले में हमास से जुड़े एक अधिकारी के मारे जाने की भी खबर सामने आई है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
इसी बीच ईरान की ओर से सख्त चेतावनी दी गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि यदि अमेरिका और इजराइल ने ईरान की राजनीतिक व्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश की तो ईरान दक्षिणी इजराइल में स्थित Dimona Nuclear Research Center को निशाना बना सकता है। अधिकारी का कहना है कि यह कदम “रक्षात्मक प्रतिक्रिया” के तौर पर उठाया जा सकता है।
संघर्ष के बीच समुद्री क्षेत्र में भी तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के मुताबिक हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने एक ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबो दिया। श्रीलंका के पास हुए इस हमले में 80 से अधिक ईरानी नौसैनिकों की मौत की खबर है, जबकि कई घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय नौसेना ने कुछ घायल सैनिकों को बचाकर अस्पताल पहुंचाया है।
बताया गया है कि यह युद्धपोत हाल ही में भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रहा था। घटना के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
इधर ईरान की राजधानी तेहरान और पश्चिमी क्षेत्रों में कई धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। इसके बाद ईरानी सेना ने अपना एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया। दूसरी ओर लेबनान की राजधानी बेरूत में संभावित हवाई हमलों के डर से रात भर लोगों ने हवा में गोलियां चलाकर आसपास के लोगों को सतर्क किया।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कई देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया तेज कर दी है। अमेरिका ने भी बताया है कि पिछले कुछ दिनों में हजारों नागरिकों को क्षेत्र से बाहर निकाला गया है।
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