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54 साल बाद मून मिशन पर NASA, 4 एस्ट्रोनॉट्स करेंगे चांद की परिक्रमा, iPhone से आएंगी लाइव तस्वीरें
नेशनल डेस्क
NASA का Artemis II मिशन 54 साल बाद इंसानों को चांद के करीब ले जा रहा है। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे।
54 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर मानव अंतरिक्ष इतिहास के सबसे रोमांचक अध्याय की ओर बढ़ चुका है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने Artemis II मिशन के जरिए इंसानों को चंद्रमा के करीब भेजने की ऐतिहासिक शुरुआत की है। यह मिशन 1972 में हुए अपोलो 17 मून मिशन के बाद पहली बार मानव को चंद्रमा के पास ले जाएगा।
कैनेडी स्पेस सेंटर से ऐतिहासिक लॉन्च
फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से आज सुबह 3 बजकर 58 मिनट पर इस मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। यह सिर्फ एक अंतरिक्ष उड़ान नहीं, बल्कि भविष्य में चंद्रमा और उससे आगे मंगल तक मानव मिशन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री Orion कैप्सूल में सवार होकर चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे और सुरक्षित पृथ्वी पर लौटेंगे।
चंद्रमा की कक्षा में एक दिन का विशेष चरण
Artemis II मिशन की कुल अवधि लगभग 10 दिन तय की गई है। इसमें अंतरिक्ष यान को पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलने में एक दिन का समय लगेगा। इसके बाद चंद्रमा तक पहुंचने में करीब 3 से 4 दिन का समय लगेगा। अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की कक्षा में लगभग एक दिन बिताएंगे और इसके बाद वापसी की यात्रा शुरू करेंगे, जो करीब 4 दिन में पूरी होगी। यह मिशन लैंडिंग नहीं करेगा, लेकिन भविष्य के लूनर मिशनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण डेटा जुटाएगा।
पहली बार अंतरिक्ष में पर्सनल iPhone
इस मिशन की एक खास बात यह भी है कि पहली बार अंतरिक्ष यात्रियों को अपने साथ पर्सनल स्मार्टफोन ले जाने की अनुमति दी गई है। इससे वे चंद्रमा के पास से शानदार तस्वीरें और वीडियो कैद कर सकेंगे। इन तस्वीरों के जरिए आम लोगों को अंतरिक्ष के अनुभव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। यह पहल अंतरिक्ष यात्रियों को अपने व्यक्तिगत अनुभवों को और अधिक जीवंत तरीके से साझा करने का अवसर देगी।
मिशन में शामिल चार अंतरिक्ष यात्री
इस ऐतिहासिक मिशन की कमान रीड वाइसमैन के हाथों में है, जो पहले भी अंतरिक्ष यात्रा कर चुके हैं। उनके साथ पायलट के रूप में विक्टर ग्लोवर शामिल हैं, जो चंद्रमा की परिक्रमा करने वाले पहले अश्वेत अंतरिक्ष यात्री बनेंगे।
मिशन विशेषज्ञ के तौर पर क्रिस्टीना कोच इस उड़ान का हिस्सा हैं, जिनके नाम लंबी अंतरिक्ष यात्रा का रिकॉर्ड है। चौथे सदस्य जेरेमी हैनसेन हैं, जो कनाडा की ओर से इस मिशन में शामिल हुए हैं और यह उनकी पहली अंतरिक्ष यात्रा है।
मिशन का उद्देश्य और भविष्य की योजना
Artemis II का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा के आसपास सुरक्षित मानव यात्रा की क्षमता का परीक्षण करना है। इसके साथ ही यह मिशन अंतरिक्ष के वातावरण, सोलर फ्लेयर्स और कोरोनल मास इजेक्शन जैसे घटनाओं का अध्ययन भी करेगा। यह मिशन भविष्य में चंद्रमा पर स्थायी मानव उपस्थिति स्थापित करने और मंगल ग्रह तक इंसानों को भेजने की तैयारी का आधार बनेगा।
यह मिशन विज्ञान, तकनीक और मानव साहस का संगम है, जो आने वाले दशकों में अंतरिक्ष अनुसंधान की दिशा तय करेगा।
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54 साल बाद मून मिशन पर NASA, 4 एस्ट्रोनॉट्स करेंगे चांद की परिक्रमा, iPhone से आएंगी लाइव तस्वीरें
नेशनल डेस्क
54 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर मानव अंतरिक्ष इतिहास के सबसे रोमांचक अध्याय की ओर बढ़ चुका है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने Artemis II मिशन के जरिए इंसानों को चंद्रमा के करीब भेजने की ऐतिहासिक शुरुआत की है। यह मिशन 1972 में हुए अपोलो 17 मून मिशन के बाद पहली बार मानव को चंद्रमा के पास ले जाएगा।
कैनेडी स्पेस सेंटर से ऐतिहासिक लॉन्च
फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से आज सुबह 3 बजकर 58 मिनट पर इस मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। यह सिर्फ एक अंतरिक्ष उड़ान नहीं, बल्कि भविष्य में चंद्रमा और उससे आगे मंगल तक मानव मिशन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री Orion कैप्सूल में सवार होकर चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे और सुरक्षित पृथ्वी पर लौटेंगे।
चंद्रमा की कक्षा में एक दिन का विशेष चरण
Artemis II मिशन की कुल अवधि लगभग 10 दिन तय की गई है। इसमें अंतरिक्ष यान को पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलने में एक दिन का समय लगेगा। इसके बाद चंद्रमा तक पहुंचने में करीब 3 से 4 दिन का समय लगेगा। अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की कक्षा में लगभग एक दिन बिताएंगे और इसके बाद वापसी की यात्रा शुरू करेंगे, जो करीब 4 दिन में पूरी होगी। यह मिशन लैंडिंग नहीं करेगा, लेकिन भविष्य के लूनर मिशनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण डेटा जुटाएगा।
पहली बार अंतरिक्ष में पर्सनल iPhone
इस मिशन की एक खास बात यह भी है कि पहली बार अंतरिक्ष यात्रियों को अपने साथ पर्सनल स्मार्टफोन ले जाने की अनुमति दी गई है। इससे वे चंद्रमा के पास से शानदार तस्वीरें और वीडियो कैद कर सकेंगे। इन तस्वीरों के जरिए आम लोगों को अंतरिक्ष के अनुभव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। यह पहल अंतरिक्ष यात्रियों को अपने व्यक्तिगत अनुभवों को और अधिक जीवंत तरीके से साझा करने का अवसर देगी।
मिशन में शामिल चार अंतरिक्ष यात्री
इस ऐतिहासिक मिशन की कमान रीड वाइसमैन के हाथों में है, जो पहले भी अंतरिक्ष यात्रा कर चुके हैं। उनके साथ पायलट के रूप में विक्टर ग्लोवर शामिल हैं, जो चंद्रमा की परिक्रमा करने वाले पहले अश्वेत अंतरिक्ष यात्री बनेंगे।
मिशन विशेषज्ञ के तौर पर क्रिस्टीना कोच इस उड़ान का हिस्सा हैं, जिनके नाम लंबी अंतरिक्ष यात्रा का रिकॉर्ड है। चौथे सदस्य जेरेमी हैनसेन हैं, जो कनाडा की ओर से इस मिशन में शामिल हुए हैं और यह उनकी पहली अंतरिक्ष यात्रा है।
मिशन का उद्देश्य और भविष्य की योजना
Artemis II का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा के आसपास सुरक्षित मानव यात्रा की क्षमता का परीक्षण करना है। इसके साथ ही यह मिशन अंतरिक्ष के वातावरण, सोलर फ्लेयर्स और कोरोनल मास इजेक्शन जैसे घटनाओं का अध्ययन भी करेगा। यह मिशन भविष्य में चंद्रमा पर स्थायी मानव उपस्थिति स्थापित करने और मंगल ग्रह तक इंसानों को भेजने की तैयारी का आधार बनेगा।
यह मिशन विज्ञान, तकनीक और मानव साहस का संगम है, जो आने वाले दशकों में अंतरिक्ष अनुसंधान की दिशा तय करेगा।
