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इंडिगो ने बढ़ाए हवाई किराए, घरेलू उड़ानें 950 तक महंगी
बिजनेस न्यूज
2 अप्रैल से नई दरें लागू, जेट फ्यूल की कीमतों में भारी उछाल के कारण एयरलाइन ने बढ़ाया सरचार्ज
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में एक बार फिर बढ़ोतरी की है। गुरुवार से लागू नई दरों के तहत घरेलू फ्लाइट्स में अधिकतम ₹950 तक और इंटरनेशनल उड़ानों में ₹10,000 तक अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज लगाया गया है। यह बढ़ोतरी 2 अप्रैल रात 12:01 बजे से प्रभावी हो गई है।
एयरलाइन ने पिछले 18 दिनों में दूसरी बार किराए में वृद्धि की है। इससे पहले 14 मार्च को भी टिकट कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। कंपनी का कहना है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज उछाल के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के अनुसार, बीते एक महीने में जेट फ्यूल की कीमतों में 130 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि नया फ्यूल चार्ज दूरी के आधार पर तय किया गया है। यानी लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक अतिरिक्त शुल्क देना होगा। हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को किराए में मनमानी बढ़ोतरी से रोकते हुए घरेलू उड़ानों पर अधिकतम 25 प्रतिशत तक ही वृद्धि की अनुमति दी है।
इस बीच, केंद्र सरकार ने भी विमान ईंधन पर अतिरिक्त कर का बोझ बढ़ाया है। राज्यसभा में हाल ही में एक प्रस्ताव पारित कर ATF पर ₹50 प्रति लीटर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाने को मंजूरी दी गई है। इस फैसले ने एयरलाइंस की लागत को और बढ़ा दिया है, जिसका सीधा असर किराए पर पड़ा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, एयरलाइंस के कुल परिचालन खर्च में जेट फ्यूल की हिस्सेदारी 30 से 40 प्रतिशत तक होती है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी टिकट दरों को प्रभावित करती है। मौजूदा हालात में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल कीमतों में अस्थिरता के कारण एयरलाइंस अपने वित्तीय अनुमान भी संशोधित कर रही हैं।
दुनियाभर में कई बड़ी एयरलाइंस ने भी इसी तरह के कदम उठाए हैं। एयर न्यूजीलैंड, क्वांटास और हांगकांग एयरलाइंस ने हाल ही में अपने किराए बढ़ाए हैं और फ्यूल सरचार्ज में इजाफा किया है। इससे साफ है कि वैश्विक स्तर पर एविएशन सेक्टर बढ़ती लागत के दबाव से जूझ रहा है।
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इंडिगो ने बढ़ाए हवाई किराए, घरेलू उड़ानें 950 तक महंगी
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देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में एक बार फिर बढ़ोतरी की है। गुरुवार से लागू नई दरों के तहत घरेलू फ्लाइट्स में अधिकतम ₹950 तक और इंटरनेशनल उड़ानों में ₹10,000 तक अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज लगाया गया है। यह बढ़ोतरी 2 अप्रैल रात 12:01 बजे से प्रभावी हो गई है।
एयरलाइन ने पिछले 18 दिनों में दूसरी बार किराए में वृद्धि की है। इससे पहले 14 मार्च को भी टिकट कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। कंपनी का कहना है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज उछाल के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के अनुसार, बीते एक महीने में जेट फ्यूल की कीमतों में 130 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि नया फ्यूल चार्ज दूरी के आधार पर तय किया गया है। यानी लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक अतिरिक्त शुल्क देना होगा। हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को किराए में मनमानी बढ़ोतरी से रोकते हुए घरेलू उड़ानों पर अधिकतम 25 प्रतिशत तक ही वृद्धि की अनुमति दी है।
इस बीच, केंद्र सरकार ने भी विमान ईंधन पर अतिरिक्त कर का बोझ बढ़ाया है। राज्यसभा में हाल ही में एक प्रस्ताव पारित कर ATF पर ₹50 प्रति लीटर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाने को मंजूरी दी गई है। इस फैसले ने एयरलाइंस की लागत को और बढ़ा दिया है, जिसका सीधा असर किराए पर पड़ा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, एयरलाइंस के कुल परिचालन खर्च में जेट फ्यूल की हिस्सेदारी 30 से 40 प्रतिशत तक होती है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी टिकट दरों को प्रभावित करती है। मौजूदा हालात में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल कीमतों में अस्थिरता के कारण एयरलाइंस अपने वित्तीय अनुमान भी संशोधित कर रही हैं।
दुनियाभर में कई बड़ी एयरलाइंस ने भी इसी तरह के कदम उठाए हैं। एयर न्यूजीलैंड, क्वांटास और हांगकांग एयरलाइंस ने हाल ही में अपने किराए बढ़ाए हैं और फ्यूल सरचार्ज में इजाफा किया है। इससे साफ है कि वैश्विक स्तर पर एविएशन सेक्टर बढ़ती लागत के दबाव से जूझ रहा है।
