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लोकसभा में आज CAPF बिल पेश, राज्यसभा से पहले ही पारित
नेशनल न्यूज
डिपुटेशन के नियम तय; बजट सत्र अप्रैल में फिर बुलाया जा सकता है
लोकसभा में आज केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए डिपुटेशन नियम तय करने वाला CAPF (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) बिल पेश किया जाएगा। यह बिल बुधवार को राज्यसभा से पारित हो चुका है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय इसे सदन में पेश कर सकते हैं।
बिल के अनुसार इंस्पेक्टर जनरल (IG) स्तर के 50% पद, अतिरिक्त निदेशक जनरल (ADG) के कम से कम 67% पद और विशेष निदेशक जनरल (SDG) व निदेशक जनरल (DG) के सभी पद डिपुटेशन से भरे जाएंगे। यह पहल CAPF में वरिष्ठ पदों की नियुक्ति प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए की जा रही है।
विपक्ष ने बिल पर आपत्ति जताई है। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि इसे उस दिन पेश किया जा रहा है, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी असम दौरे पर हैं। वहीं, सपा सांसद राम गोपाल यादव ने इसे सरकार की संख्या के दम पर लिया गया “गलत फैसला” करार दिया।
आज राज्यसभा में आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती को स्थायी बनाने वाला बिल भी पेश किया जाएगा। लोकसभा ने बुधवार को इसे पास कर दिया था।
संसद के बजट सत्र का आज आखिरी दिन है, लेकिन सूत्रों के अनुसार सरकार इसे अप्रैल के तीसरे हफ्ते में फिर से बुलाने की योजना बना रही है। इस सत्र में पहले ही लोकसभा और राज्यसभा से कई बिल पास हो चुके हैं, जिनमें आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल, इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) बिल और CAPF बिल शामिल हैं।
सदन में अन्य विषय भी चर्चा में रहे। झारखंड से बीजेपी सांसद आदित्य प्रसाद ने बच्चों की बलि जैसी घटनाओं की कड़ी निंदा की और राज्य सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। एनसीपी सांसद फौजिया खान ने बीमा प्रीमियम का ग्रेस पीरियड बढ़ाने की मांग की, जबकि बिजली मंत्री ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के लिए प्री-पेड बिजली मीटर अनिवार्य नहीं है।
लोकसभा की कार्यवाही दिवंगत सांसदों नारायण साहू और जंगवीर सिंह को श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू हुई। इसके अलावा सरकार लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने का संशोधन विधेयक भी पेश करने की योजना बना रही है, जिसमें एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी।
विश्लेषकों के अनुसार CAPF बिल से बलों में नेतृत्व के चयन में पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन विपक्ष के विरोध के चलते सदन में बहस तीखी हो सकती है। वहीं, संसद का बजट सत्र आगामी हफ्ते में फिर बुलाया जाएगा, जिससे कई लंबित विधेयक और प्रस्ताव पुनः चर्चा में आएंगे।
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लोकसभा में आज CAPF बिल पेश, राज्यसभा से पहले ही पारित
नेशनल न्यूज
लोकसभा में आज केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए डिपुटेशन नियम तय करने वाला CAPF (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) बिल पेश किया जाएगा। यह बिल बुधवार को राज्यसभा से पारित हो चुका है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय इसे सदन में पेश कर सकते हैं।
बिल के अनुसार इंस्पेक्टर जनरल (IG) स्तर के 50% पद, अतिरिक्त निदेशक जनरल (ADG) के कम से कम 67% पद और विशेष निदेशक जनरल (SDG) व निदेशक जनरल (DG) के सभी पद डिपुटेशन से भरे जाएंगे। यह पहल CAPF में वरिष्ठ पदों की नियुक्ति प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए की जा रही है।
विपक्ष ने बिल पर आपत्ति जताई है। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि इसे उस दिन पेश किया जा रहा है, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी असम दौरे पर हैं। वहीं, सपा सांसद राम गोपाल यादव ने इसे सरकार की संख्या के दम पर लिया गया “गलत फैसला” करार दिया।
आज राज्यसभा में आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती को स्थायी बनाने वाला बिल भी पेश किया जाएगा। लोकसभा ने बुधवार को इसे पास कर दिया था।
संसद के बजट सत्र का आज आखिरी दिन है, लेकिन सूत्रों के अनुसार सरकार इसे अप्रैल के तीसरे हफ्ते में फिर से बुलाने की योजना बना रही है। इस सत्र में पहले ही लोकसभा और राज्यसभा से कई बिल पास हो चुके हैं, जिनमें आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल, इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) बिल और CAPF बिल शामिल हैं।
सदन में अन्य विषय भी चर्चा में रहे। झारखंड से बीजेपी सांसद आदित्य प्रसाद ने बच्चों की बलि जैसी घटनाओं की कड़ी निंदा की और राज्य सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। एनसीपी सांसद फौजिया खान ने बीमा प्रीमियम का ग्रेस पीरियड बढ़ाने की मांग की, जबकि बिजली मंत्री ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के लिए प्री-पेड बिजली मीटर अनिवार्य नहीं है।
लोकसभा की कार्यवाही दिवंगत सांसदों नारायण साहू और जंगवीर सिंह को श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू हुई। इसके अलावा सरकार लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने का संशोधन विधेयक भी पेश करने की योजना बना रही है, जिसमें एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी।
विश्लेषकों के अनुसार CAPF बिल से बलों में नेतृत्व के चयन में पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन विपक्ष के विरोध के चलते सदन में बहस तीखी हो सकती है। वहीं, संसद का बजट सत्र आगामी हफ्ते में फिर बुलाया जाएगा, जिससे कई लंबित विधेयक और प्रस्ताव पुनः चर्चा में आएंगे।
