
उत्तराखंड की वादियां और आसमान में होने वाली अद्भुत घटनाएं, भारत में कुछ ऐसा होने वाला है जिसे देखने के लिए देश- विदेश से लोग आना चाहते हैं। इसे एस्ट्रो टूरिज्म कहा जाता है।
उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड ने नक्षत्र सभा अभियान की दूसरी कड़ी जागेश्वर, अल्मोड़ा में शुरू की है, जो एक व्यापक खगोल-पर्यटन अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से एक प्रमुख पहल है।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रसिद्ध वैज्ञानिक शैलजा बी और डॉ. टी वी वेंकटेश्वरन ने किया। शैलजा, एक प्रतिष्ठित खगोलशास्त्री और विद्वान, भारतीय खगोलीय इतिहास और खगोलीय घटनाओं में अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। विज्ञान प्रसार के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वेंकटेश्वरन के पास विज्ञान संचार में दो दशकों से अधिक का अनुभव है, जो जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को जनता के लिए सुलभ बनाता है।
उत्तराखंड में एस्ट्रो टूरिज्म डेस्टिनेशन बड़ी संख्या में हैं। नक्षत्र सभा भारत में इस तरह का पहला एस्ट्रो टूरिज्म अभियान है। इसका उद्देश्य दुनिया भर से लोगों को यहां आमंत्रित करना है। उन्हें उत्तराखंड की अनूठी विरासत की झलक दिखाने के साथ साथ ब्रह्मांड के जादू का अनुभव करने और इस तरह के कई और अभियानों की मेजबानी करने को उत्सुक हैं। जो उत्तराखंड को वैश्विक एस्ट्रो टूरिज्म मानचित्र पर ला सकते हैं।
क्या होता है 'एस्ट्रो टूरिज़्म'

आर्टिफिशियल लाइट, प्रदूषण और शोर से दूर तारे देखने का लुत्फ उठाना अब 'एस्ट्रो टूरिज्म' कहलाता है। ट्रेवल एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत के घूमने-फिरने के शौकीन लोगों के बीच इस तरह का टूरिज्म बहुत तेजी पकड़ रहा है जिसमें सितारे देखना, सूरज की ऑब्सेर्वशन्स, दोस्तों के साथ स्टार्गेजिंग पार्टीज, साइंस के एक्सपेरिमेंटल एक्टिविटीज और भी बहुत सी चीजें शामिल हैं।
स्टारस्केप्स के संस्थापक ने कहा
स्टारस्केप्स के संस्थापक, रामाशीष रे ने कहा, ‘‘हम अपने पहले कार्यक्रम को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया से रोमांचित हैं और जागेश्वर के ऐतिहासिक शहर में नक्षत्र सभा लाने के लिए उत्सुक हैं। स्टारस्केप्स में हमारा लक्ष्य खगोल विज्ञान और ब्रह्मांड को आसानी से सुलभ बनाना है और यह अनुभव उन्हें जीवन भर याद रहेगा। पारंपरिक रूप से एक तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाने वाला जागेश्वर अब तारा-दर्शन और खगोल-पर्यटन गतिविधियों के लिए भी जाना जाएगा।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद सचिन कुर्वे ने कहा
सचिव पर्यटन/मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद श्री सचिन कुर्वे ने कहा कि विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न स्थानों पर एस्ट्रो टूरिज्म (नक्षत्र सभा) के आयोजन हेतु एस्ट्रो टूरिज्म कंपनी, स्टारस्केप्स के साथ अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया गया है। उन्होंने बताया कि जाॅर्ज एवरेस्ट मसूरी में आयोजित प्रथम एस्ट्रो टूरिज्म (नक्षत्र सभा) की अपार सफलता को देखते हुए अब जागेश्वर में दूसरे एस्ट्रो टूरिज्म (नक्षत्र सभा) आयोजन किया जा रहा है। जागेश्वर पर्यटकों को ब्रह्मांड के जादू के साथ-साथ प्राचीन मंदिरों की भव्यता का अनुभव करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। नक्षत्र सभा जैसे कार्यक्रम हमारी सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को बढ़ावा देते हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करते हैं, जिससे आजीविका का सृजन होता है।यह अभियान स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और कौशल विकास के अवसर प्रदान करेगा, जिससे उनके लिए रोजगार के नए अवसरों का सृजन हो सके। यह पहल उत्तराखंड में पर्यटन के विविध रूपों को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। हम सभी को आध्यात्मिकता और खगोल विज्ञान के इस असाधारण मिश्रण को देखने के लिए आमंत्रित करते हैं।‘‘

