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जम्मू-कश्मीर: कठुआ में तीसरे दिन भी सेना का ऑपरेशन जारी, हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद
JAGRAN DESK
सेना के जवानों जंगल में छिपे 5 से 6 आतंकियों की घेराबंदी कर रखी है. जो रह-रह कर फायरिंग कर रहे हैं.
जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के सानियाल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों का आतंकियों के खिलाफ अभियान तीसरे दिन भी जारी है. सुरक्षा बल, जिनमें सेना, पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और अन्य सुरक्षा बल शामिल हैं, 5 से 6 आतंकियों की तलाश में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) चला रहे हैं.
इस ऑपरेशन की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) को भी शामिल किया गया है. सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने अपने ठिकाने बदले हैं, लेकिन सेना के जवान पूरे इलाके को घेरे हुए हैं और उन्हें पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं.
मुठभेड़ और घुसपैठ की खबर
यह अभियान रविवार शाम 6:30 बजे हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के पास आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद शुरू हुआ था. लगभग तीन घंटे तक चली यह मुठभेड़ कम दृश्यता के कारण रोक दी गई थी. सुबह होते ही ऑपरेशन फिर से शुरू हुआ और आज यह तीसरे दिन भी जारी है. इलाके में सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है, जो आतंकियों को पकड़ने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहते.
स्थानीय लोगों पर आतंकी खतरा
सुरक्षाबलों को अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगभग 5 किलोमीटर दूर सान्याल गांव में 4-5 आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी. इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया. बताया जा रहा है कि आतंकियों ने एक पति-पत्नी को बंधक बना लिया था. मौका मिलने पर महिला भागने में सफल रही, हालांकि आतंकियों ने उसे गोली मारने की धमकी दी. महिला के भागने के बाद, उसका पति भी आतंकियों के चंगुल से भाग निकला. इस घटना में एक बच्ची को मामूली चोटें आई हैं.
इस पूरे ऑपरेशन को जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी नलिन प्रभात स्वयं ग्राउंड से मॉनिटर कर रहे हैं, वे खुद भी जवानों के साथ इस ऑपरेशन में शामिल हुए हैं. ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. घटनास्थल से चार एम-4 राइफल मैगजीन, 4 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) पैक, बुलेटप्रूफ जैकेट, कई जोड़ी जूते, स्लीपिंग बैग और ट्रैक सूट बरामद हुए हैं. इससे आतंकियों की तैयारी और उनके नापाक मंसूबों का अंदाजा लगाया जा सकता है.
चिंताजनक घटना
यह घटनाक्रम इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि हाल ही में कठुआ में तीन नागरिकों - दर्शन सिंह, योगेश सिंह और वरुण सिंह की आतंकियों द्वारा हत्या कर दी गई थी. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस घटना को "अत्यंत दुखद और चिंता का विषय" बताया था.
सुरक्षा समीक्षा
इन घटनाओं के मद्देनजर केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने 9 मार्च को जम्मू का दौरा किया और अमरनाथ यात्रा और उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक (USBRL) के संबंध में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने जम्मू संभाग में सुरक्षा स्थिति पर जोर देते हुए केंद्र शासित प्रदेश में समग्र सुरक्षा स्थिति पर विस्तृत निर्देश दिए.
आतंकवादी गतिविधियां पहले पुंछ और राजौरी जिलों तक सीमित थीं, लेकिन अब ये जम्मू के अन्य क्षेत्रों में भी फैल गई हैं, जिनमें चिनाब घाटी, उधमपुर और कठुआ जैसे क्षेत्र शामिल हैं जो कुछ साल पहले तक अपेक्षाकृत सुरक्षित थे. अतीत में, अत्यधिक प्रशिक्षित आतंकवादियों ने वाहनों पर घात लगाकर हमला किया है और ग्रेनेड और कवच-भेदी गोलियों के साथ-साथ एम4 असॉल्ट राइफलों का इस्तेमाल किया है.
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जम्मू-कश्मीर: कठुआ में तीसरे दिन भी सेना का ऑपरेशन जारी, हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद
JAGRAN DESK
जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के सानियाल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों का आतंकियों के खिलाफ अभियान तीसरे दिन भी जारी है. सुरक्षा बल, जिनमें सेना, पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और अन्य सुरक्षा बल शामिल हैं, 5 से 6 आतंकियों की तलाश में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) चला रहे हैं.
इस ऑपरेशन की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) को भी शामिल किया गया है. सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने अपने ठिकाने बदले हैं, लेकिन सेना के जवान पूरे इलाके को घेरे हुए हैं और उन्हें पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं.
मुठभेड़ और घुसपैठ की खबर
यह अभियान रविवार शाम 6:30 बजे हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के पास आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद शुरू हुआ था. लगभग तीन घंटे तक चली यह मुठभेड़ कम दृश्यता के कारण रोक दी गई थी. सुबह होते ही ऑपरेशन फिर से शुरू हुआ और आज यह तीसरे दिन भी जारी है. इलाके में सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है, जो आतंकियों को पकड़ने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहते.
स्थानीय लोगों पर आतंकी खतरा
सुरक्षाबलों को अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगभग 5 किलोमीटर दूर सान्याल गांव में 4-5 आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी. इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया. बताया जा रहा है कि आतंकियों ने एक पति-पत्नी को बंधक बना लिया था. मौका मिलने पर महिला भागने में सफल रही, हालांकि आतंकियों ने उसे गोली मारने की धमकी दी. महिला के भागने के बाद, उसका पति भी आतंकियों के चंगुल से भाग निकला. इस घटना में एक बच्ची को मामूली चोटें आई हैं.
इस पूरे ऑपरेशन को जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी नलिन प्रभात स्वयं ग्राउंड से मॉनिटर कर रहे हैं, वे खुद भी जवानों के साथ इस ऑपरेशन में शामिल हुए हैं. ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. घटनास्थल से चार एम-4 राइफल मैगजीन, 4 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) पैक, बुलेटप्रूफ जैकेट, कई जोड़ी जूते, स्लीपिंग बैग और ट्रैक सूट बरामद हुए हैं. इससे आतंकियों की तैयारी और उनके नापाक मंसूबों का अंदाजा लगाया जा सकता है.
चिंताजनक घटना
यह घटनाक्रम इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि हाल ही में कठुआ में तीन नागरिकों - दर्शन सिंह, योगेश सिंह और वरुण सिंह की आतंकियों द्वारा हत्या कर दी गई थी. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस घटना को "अत्यंत दुखद और चिंता का विषय" बताया था.
सुरक्षा समीक्षा
इन घटनाओं के मद्देनजर केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने 9 मार्च को जम्मू का दौरा किया और अमरनाथ यात्रा और उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक (USBRL) के संबंध में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने जम्मू संभाग में सुरक्षा स्थिति पर जोर देते हुए केंद्र शासित प्रदेश में समग्र सुरक्षा स्थिति पर विस्तृत निर्देश दिए.
आतंकवादी गतिविधियां पहले पुंछ और राजौरी जिलों तक सीमित थीं, लेकिन अब ये जम्मू के अन्य क्षेत्रों में भी फैल गई हैं, जिनमें चिनाब घाटी, उधमपुर और कठुआ जैसे क्षेत्र शामिल हैं जो कुछ साल पहले तक अपेक्षाकृत सुरक्षित थे. अतीत में, अत्यधिक प्रशिक्षित आतंकवादियों ने वाहनों पर घात लगाकर हमला किया है और ग्रेनेड और कवच-भेदी गोलियों के साथ-साथ एम4 असॉल्ट राइफलों का इस्तेमाल किया है.
