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विजय सरकार का बड़ा फैसला, तमिलनाडु में AI के लिए बनाया अलग विभाग
नेशनल डेस्क
थलपति विजय की तमिलनाडु सरकार ने AI के लिए अलग विभाग बनाया। आर कुमार को AI, IT और डिजिटल सेवाओं का मंत्री नियुक्त किया गया।
तमिलनाडु की नई सरकार ने अपने पहले बड़े कैबिनेट विस्तार में एक ऐसा फैसला लिया है, जो अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय, जिन्हें लोग थलपति विजय के नाम से जानते हैं, ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के लिए अलग विभाग बनाकर अपना चुनावी वादा पूरा कर दिया है। केरल के बाद, तमिलनाडु ऐसा करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है। गुरुवार को चेन्नई में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में 23 नए मंत्रियों को शामिल किया गया, और इसी दौरान AI विभाग की आधिकारिक घोषणा भी की गई। राजनीतिक हलकों में इसे विजय सरकार का टेक्नोलॉजी और डिजिटल गवर्नेंस पर बड़ा कदम माना जा रहा है।
नई कैबिनेट में टीवीके विधायक आर कुमार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं का जिम्मा सौंपा गया है। वे वेलाचेरी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई। इस विभाग को सीधे राज्य की डिजिटल नीति, टेक निवेश और भविष्य की तकनीकी परियोजनाओं से जोड़ा जाएगा। चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने कहा था कि तमिलनाडु को देश की “AI राजधानी” बनाया जाएगा और उन्होंने AI टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी और AI सिटी विकसित करने का वादा भी किया था। अब सरकार का यह फैसला उसी रोडमैप की शुरुआत मानी जा रही है।
मंत्रिमंडल विस्तार में समाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर भी ध्यान दिया गया है। नई कैबिनेट में अनुसूचित समुदायों से सात मंत्रियों को जगह दी गई है, साथ ही चार महिला मंत्रियों को भी शामिल किया गया है। सरकार का दावा है कि नई टीम प्रशासन और विकास दोनों मोर्चों पर काम करेगी। कई महत्वपूर्ण विभाग नए चेहरों को सौंपे गए हैं। मंत्री श्रीनाथ को मत्स्य पालन और मछुआरा कल्याण विभाग मिला है, जबकि कमाली को पशुपालन विभाग दिया गया है। विजयलक्ष्मी को डेयरी और दूध उत्पाद विभाग का जिम्मा सौंपा गया है, जबकि पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी राजेश कुमार को मिली है।
सरकार ने तकनीकी और शिक्षा से जुड़े विभागों को भी अहमियत दी है। विश्वनाथन को उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग दिया गया है। श्रम कल्याण और कौशल विकास मंत्रालय मोहम्मद फरवाज को मिला है, और मानव संसाधन प्रबंधन और पूर्व सैनिक कल्याण विभाग सरथकुमार को सौंपा गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय सरकार युवाओं, रोजगार और तकनीकी क्षेत्र पर ज्यादा फोकस करना चाहती है। खासकर AI विभाग की घोषणा को भविष्य की राजनीति और निवेश से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, अभी दो विभागों का बंटवारा बाकी है- आदि द्रविड़ कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग। सूत्रों का कहना है कि इनमें से एक विभाग VCK और दूसरा IUML को दिया जा सकता है। सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि IUML को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा, इसलिए आने वाले दिनों में कैबिनेट में और विस्तार देखने को मिल सकता है। फिलहाल, AI विभाग का गठन तमिलनाडु की राजनीति को राष्ट्रीय चर्चा में ला चुका है और बाकी राज्यों की नजरें अब इस मॉडल पर टिकी हुई हैं।
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विजय सरकार का बड़ा फैसला, तमिलनाडु में AI के लिए बनाया अलग विभाग
नेशनल डेस्क
तमिलनाडु की नई सरकार ने अपने पहले बड़े कैबिनेट विस्तार में एक ऐसा फैसला लिया है, जो अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय, जिन्हें लोग थलपति विजय के नाम से जानते हैं, ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के लिए अलग विभाग बनाकर अपना चुनावी वादा पूरा कर दिया है। केरल के बाद, तमिलनाडु ऐसा करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है। गुरुवार को चेन्नई में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में 23 नए मंत्रियों को शामिल किया गया, और इसी दौरान AI विभाग की आधिकारिक घोषणा भी की गई। राजनीतिक हलकों में इसे विजय सरकार का टेक्नोलॉजी और डिजिटल गवर्नेंस पर बड़ा कदम माना जा रहा है।
नई कैबिनेट में टीवीके विधायक आर कुमार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं का जिम्मा सौंपा गया है। वे वेलाचेरी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई। इस विभाग को सीधे राज्य की डिजिटल नीति, टेक निवेश और भविष्य की तकनीकी परियोजनाओं से जोड़ा जाएगा। चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने कहा था कि तमिलनाडु को देश की “AI राजधानी” बनाया जाएगा और उन्होंने AI टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी और AI सिटी विकसित करने का वादा भी किया था। अब सरकार का यह फैसला उसी रोडमैप की शुरुआत मानी जा रही है।
मंत्रिमंडल विस्तार में समाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर भी ध्यान दिया गया है। नई कैबिनेट में अनुसूचित समुदायों से सात मंत्रियों को जगह दी गई है, साथ ही चार महिला मंत्रियों को भी शामिल किया गया है। सरकार का दावा है कि नई टीम प्रशासन और विकास दोनों मोर्चों पर काम करेगी। कई महत्वपूर्ण विभाग नए चेहरों को सौंपे गए हैं। मंत्री श्रीनाथ को मत्स्य पालन और मछुआरा कल्याण विभाग मिला है, जबकि कमाली को पशुपालन विभाग दिया गया है। विजयलक्ष्मी को डेयरी और दूध उत्पाद विभाग का जिम्मा सौंपा गया है, जबकि पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी राजेश कुमार को मिली है।
सरकार ने तकनीकी और शिक्षा से जुड़े विभागों को भी अहमियत दी है। विश्वनाथन को उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग दिया गया है। श्रम कल्याण और कौशल विकास मंत्रालय मोहम्मद फरवाज को मिला है, और मानव संसाधन प्रबंधन और पूर्व सैनिक कल्याण विभाग सरथकुमार को सौंपा गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय सरकार युवाओं, रोजगार और तकनीकी क्षेत्र पर ज्यादा फोकस करना चाहती है। खासकर AI विभाग की घोषणा को भविष्य की राजनीति और निवेश से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, अभी दो विभागों का बंटवारा बाकी है- आदि द्रविड़ कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग। सूत्रों का कहना है कि इनमें से एक विभाग VCK और दूसरा IUML को दिया जा सकता है। सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि IUML को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा, इसलिए आने वाले दिनों में कैबिनेट में और विस्तार देखने को मिल सकता है। फिलहाल, AI विभाग का गठन तमिलनाडु की राजनीति को राष्ट्रीय चर्चा में ला चुका है और बाकी राज्यों की नजरें अब इस मॉडल पर टिकी हुई हैं।
