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जनगणना 2027 की शुरुआत: 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाउसलिस्टिंग शुरू, पहली बार डिजिटल प्रक्रिया लागू
नेशनल न्यूज
घर-घर सर्वे के साथ ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा, 15 मई तक चलेगा पहला चरण
देश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया का पहला चरण गुरुवार से शुरू हो गया है। इस चरण में हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का फील्ड कार्य आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रारंभ किया गया है। इसमें अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम के साथ नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली छावनी क्षेत्र शामिल हैं। यह चरण 15 मई 2026 तक चलेगा।
इस बार की जनगणना कई मायनों में खास है, क्योंकि पहली बार डिजिटल प्रक्रिया को व्यापक रूप से लागू किया गया है। सरकार के अनुसार अब तक करीब 12 लाख परिवारों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर दी है। जिन नागरिकों ने स्वयं-गणना (Self Enumeration) पूरी कर ली है, उन्हें अपना SE ID सुरक्षित रखना होगा, ताकि प्रगणक के सत्यापन के दौरान प्रक्रिया पूरी हो सके।
जिन परिवारों ने ऑनलाइन जानकारी दर्ज नहीं की है, उनके लिए पारंपरिक घर-घर सर्वे की व्यवस्था भी जारी रहेगी। इस तरह डिजिटल और फील्ड सर्वे का मिश्रित मॉडल अपनाया गया है, जिससे अधिकतम सटीकता सुनिश्चित की जा सके।
हाउसलिस्टिंग चरण के दौरान कुल 33 प्रश्नों के जरिए जानकारी एकत्र की जाएगी। इनमें घर की स्थिति, परिवार के सदस्यों का विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं और संपत्ति से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। अधिकारियों के अनुसार, यह डेटा भविष्य की विकास योजनाओं और सरकारी नीतियों के निर्धारण में अहम भूमिका निभाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एकत्रित सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। इसे केवल सांख्यिकीय विश्लेषण और विकास कार्यों के लिए ही इस्तेमाल किया जाएगा। किसी भी व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग नहीं किया जाएगा।
इसी के साथ, अन्य राज्यों में भी चरणबद्ध तरीके से प्रक्रिया शुरू की जा रही है। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 30 अप्रैल तक स्वयं-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जबकि इसके बाद 1 मई से 30 मई तक हाउसलिस्टिंग का फील्ड कार्य किया जाएगा। बिहार में यह प्रक्रिया 17 अप्रैल से शुरू होकर मई अंत तक चलेगी।
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जनगणना 2027 की शुरुआत: 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाउसलिस्टिंग शुरू, पहली बार डिजिटल प्रक्रिया लागू
नेशनल न्यूज
देश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया का पहला चरण गुरुवार से शुरू हो गया है। इस चरण में हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का फील्ड कार्य आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रारंभ किया गया है। इसमें अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम के साथ नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली छावनी क्षेत्र शामिल हैं। यह चरण 15 मई 2026 तक चलेगा।
इस बार की जनगणना कई मायनों में खास है, क्योंकि पहली बार डिजिटल प्रक्रिया को व्यापक रूप से लागू किया गया है। सरकार के अनुसार अब तक करीब 12 लाख परिवारों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर दी है। जिन नागरिकों ने स्वयं-गणना (Self Enumeration) पूरी कर ली है, उन्हें अपना SE ID सुरक्षित रखना होगा, ताकि प्रगणक के सत्यापन के दौरान प्रक्रिया पूरी हो सके।
जिन परिवारों ने ऑनलाइन जानकारी दर्ज नहीं की है, उनके लिए पारंपरिक घर-घर सर्वे की व्यवस्था भी जारी रहेगी। इस तरह डिजिटल और फील्ड सर्वे का मिश्रित मॉडल अपनाया गया है, जिससे अधिकतम सटीकता सुनिश्चित की जा सके।
हाउसलिस्टिंग चरण के दौरान कुल 33 प्रश्नों के जरिए जानकारी एकत्र की जाएगी। इनमें घर की स्थिति, परिवार के सदस्यों का विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं और संपत्ति से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। अधिकारियों के अनुसार, यह डेटा भविष्य की विकास योजनाओं और सरकारी नीतियों के निर्धारण में अहम भूमिका निभाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एकत्रित सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। इसे केवल सांख्यिकीय विश्लेषण और विकास कार्यों के लिए ही इस्तेमाल किया जाएगा। किसी भी व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग नहीं किया जाएगा।
इसी के साथ, अन्य राज्यों में भी चरणबद्ध तरीके से प्रक्रिया शुरू की जा रही है। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 30 अप्रैल तक स्वयं-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जबकि इसके बाद 1 मई से 30 मई तक हाउसलिस्टिंग का फील्ड कार्य किया जाएगा। बिहार में यह प्रक्रिया 17 अप्रैल से शुरू होकर मई अंत तक चलेगी।
