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इंडिगो संकट पर केंद्र सख्त: जरूरत पड़ी तो CEO को हटाया जाएगा, DGCA की भी जांच शुरू
National
इंडिगो संकट पर केंद्र सख्त: जरूरत पड़ी तो CEO को हटाया जाएगा, DGCA की भी जांच शुरू
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के अभूतपूर्व ऑपरेशनल संकट पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि एयरलाइन के साथ-साथ DGCA के कामकाज की भी जांच की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि यदि जिम्मेदारी तय होती है, तो जरूरत पड़ने पर इंडिगो के CEO को हटाया भी जा सकता है। मंत्री ने कहा कि यह “सामान्य फेलियर नहीं, बल्कि जानबूझकर हुई लापरवाही के संकेत” देता है।
सरकार का एक्शन ऐसे समय आया है जब 2 से 9 दिसंबर के बीच इंडिगो की करीब 5,000 उड़ानें रद्द हुईं, जिससे देशभर के एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नायडू ने सार्वजनिक रूप से इसके लिए माफी मांगी और कहा कि यात्रियों को हुई दिक्कतों की भरपाई नीति के अनुसार की जाएगी।
सरकार ने घटाईं 10% फ्लाइट्स, हाई-डिमांड रूट्स पर असर
केंद्र ने मंगलवार देर शाम इंडिगो को उसके विंटर शेड्यूल में 10% कटौती का आदेश दिया। यह कटौती उन रूट्स पर लागू होगी जहां हाई-फ्रीक्वेंसी फ्लाइट्स चलती हैं। इसका मतलब है कि रोजाना संचालित लगभग 2,300 उड़ानों में से 230 फ्लाइट्स कम होंगी। DGCA ने एयरलाइन से बुधवार शाम 5 बजे तक संशोधित शेड्यूल जमा करने को कहा है।
नवंबर में इंडिगो को 64,346 उड़ानें संचालित करनी थीं, लेकिन वह केवल 59,438 फ्लाइट्स ही उड़ा सकी—करीब 4,900 कम। DGCA के अनुसार एयरलाइन ने 403 विमानों की उपलब्धता दिखाकर 6% अधिक विंटर स्लॉट हासिल कर लिए, जबकि वास्तविक क्षमता 339–344 विमानों की थी.
पायलट कमी, इंजन रिपेयर और गलत शेड्यूलिंग की परतें खुलीं
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष कैप्टन सी.एस. रंधावा ने बताया कि इंडिगो के पास 360 एयरबस A320 विमान हैं, जिनमें से 80 विमान इंजन रिपेयर के चलते ग्राउंडेड रहे। संचालन योग्य विमान भी मानें तो एयरलाइन को लगभग 4,480 पायलटों की जरूरत थी, लेकिन यह संख्या पूरी नहीं हो पाई।
इसके अलावा कई दिनों तक पायलट एयरपोर्ट पहुंचते रहे पर उड़ान डिस्पैच नहीं हुआ, क्योंकि विमान ही उपलब्ध नहीं थे। पायलट थकान और FDTL नियमों पर भी सवाल उठे हैं। इसी मुद्दे पर ALPA इंडिया को संसदीय समिति ने विस्तृत प्रस्तुति के लिए बुलाया है।
10 बड़े एयरपोर्ट्स पर IAS अफसर तैनात, 15 दिनों में रिपोर्ट
संकट की जमीनी हकीकत समझने के लिए सरकार ने मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई सहित 10 बड़े एयरपोर्ट्स पर वरिष्ठ IAS अफसर तैनात किए हैं। ये अधिकारी यात्रियों की समस्याओं, फ्लाइट संचालन और एयरलाइन की वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे।सिविल एविएशन सेक्रेटरी ने कहा कि 15 दिनों में विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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इंडिगो का जवाब—“असल वजह तलाशने में समय लगेगा”
एयरलाइन ने DGCA को दिए जवाब में कहा कि इस समय ऑपरेशनल दिक्कतों के सटीक कारण बताना संभव नहीं है और पूरी जांच के लिए अतिरिक्त समय चाहिए। कंपनी के अनुसार 5 दिसंबर को सिस्टम रीबूट करने के बाद OTP में सुधार हुआ है और 91% उड़ानें समय पर चल रही हैं। एयरलाइन अब तक 827 करोड़ रुपये रिफंड कर चुकी है और बाकी राशि 15 दिसंबर 2025 तक लौटाने का दावा किया है।
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इंडिगो संकट पर केंद्र सख्त: जरूरत पड़ी तो CEO को हटाया जाएगा, DGCA की भी जांच शुरू
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देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के अभूतपूर्व ऑपरेशनल संकट पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि एयरलाइन के साथ-साथ DGCA के कामकाज की भी जांच की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि यदि जिम्मेदारी तय होती है, तो जरूरत पड़ने पर इंडिगो के CEO को हटाया भी जा सकता है। मंत्री ने कहा कि यह “सामान्य फेलियर नहीं, बल्कि जानबूझकर हुई लापरवाही के संकेत” देता है।
सरकार का एक्शन ऐसे समय आया है जब 2 से 9 दिसंबर के बीच इंडिगो की करीब 5,000 उड़ानें रद्द हुईं, जिससे देशभर के एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नायडू ने सार्वजनिक रूप से इसके लिए माफी मांगी और कहा कि यात्रियों को हुई दिक्कतों की भरपाई नीति के अनुसार की जाएगी।
सरकार ने घटाईं 10% फ्लाइट्स, हाई-डिमांड रूट्स पर असर
केंद्र ने मंगलवार देर शाम इंडिगो को उसके विंटर शेड्यूल में 10% कटौती का आदेश दिया। यह कटौती उन रूट्स पर लागू होगी जहां हाई-फ्रीक्वेंसी फ्लाइट्स चलती हैं। इसका मतलब है कि रोजाना संचालित लगभग 2,300 उड़ानों में से 230 फ्लाइट्स कम होंगी। DGCA ने एयरलाइन से बुधवार शाम 5 बजे तक संशोधित शेड्यूल जमा करने को कहा है।
नवंबर में इंडिगो को 64,346 उड़ानें संचालित करनी थीं, लेकिन वह केवल 59,438 फ्लाइट्स ही उड़ा सकी—करीब 4,900 कम। DGCA के अनुसार एयरलाइन ने 403 विमानों की उपलब्धता दिखाकर 6% अधिक विंटर स्लॉट हासिल कर लिए, जबकि वास्तविक क्षमता 339–344 विमानों की थी.
पायलट कमी, इंजन रिपेयर और गलत शेड्यूलिंग की परतें खुलीं
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष कैप्टन सी.एस. रंधावा ने बताया कि इंडिगो के पास 360 एयरबस A320 विमान हैं, जिनमें से 80 विमान इंजन रिपेयर के चलते ग्राउंडेड रहे। संचालन योग्य विमान भी मानें तो एयरलाइन को लगभग 4,480 पायलटों की जरूरत थी, लेकिन यह संख्या पूरी नहीं हो पाई।
इसके अलावा कई दिनों तक पायलट एयरपोर्ट पहुंचते रहे पर उड़ान डिस्पैच नहीं हुआ, क्योंकि विमान ही उपलब्ध नहीं थे। पायलट थकान और FDTL नियमों पर भी सवाल उठे हैं। इसी मुद्दे पर ALPA इंडिया को संसदीय समिति ने विस्तृत प्रस्तुति के लिए बुलाया है।
10 बड़े एयरपोर्ट्स पर IAS अफसर तैनात, 15 दिनों में रिपोर्ट
संकट की जमीनी हकीकत समझने के लिए सरकार ने मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई सहित 10 बड़े एयरपोर्ट्स पर वरिष्ठ IAS अफसर तैनात किए हैं। ये अधिकारी यात्रियों की समस्याओं, फ्लाइट संचालन और एयरलाइन की वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे।सिविल एविएशन सेक्रेटरी ने कहा कि 15 दिनों में विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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इंडिगो का जवाब—“असल वजह तलाशने में समय लगेगा”
एयरलाइन ने DGCA को दिए जवाब में कहा कि इस समय ऑपरेशनल दिक्कतों के सटीक कारण बताना संभव नहीं है और पूरी जांच के लिए अतिरिक्त समय चाहिए। कंपनी के अनुसार 5 दिसंबर को सिस्टम रीबूट करने के बाद OTP में सुधार हुआ है और 91% उड़ानें समय पर चल रही हैं। एयरलाइन अब तक 827 करोड़ रुपये रिफंड कर चुकी है और बाकी राशि 15 दिसंबर 2025 तक लौटाने का दावा किया है।
