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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर चंपत राय की पहली प्रतिक्रिया, बोले- SIT की अंतिम रिपोर्ट के बाद दूंगा हर सवाल का जवाब
Digital Desk
श्रीरामचरितमानस की चौपाई साझा कर तोड़ी चुप्पी, पत्र जारी कर कहा- मौन इसलिए हूं क्योंकि जांच पूरी होने का इंतजार है; ट्रस्ट और SIT की कार्रवाई जारी
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर श्रीरामचरितमानस की एक प्रसिद्ध चौपाई साझा करते हुए संकेत दिया कि कठिन समय में धैर्य और सत्य की परीक्षा होती है। इसके साथ ही उन्होंने रामभक्तों के नाम एक हस्तलिखित पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि वह फिलहाल किसी भी आरोप का जवाब नहीं देंगे और विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे। चंपत राय ने अपने संदेश में लिखा कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं, लेकिन उन्होंने जांच की निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए मौन रहने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि ट्रस्ट की बैठक में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी, जिसके बाद उससे जुड़ी कई जानकारियां सार्वजनिक हो गईं। उन्होंने भरोसा जताया कि अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद सभी तथ्यों के साथ जवाब दिया जाएगा और सच्चाई सभी के सामने होगी।
अपने पत्र में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 1991 में उन्हें संगठन की ओर से अयोध्या की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और तब से लेकर अब तक का उनका सार्वजनिक जीवन पूरी तरह पारदर्शी रहा है। उन्होंने कहा कि दशकों के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने हमेशा संगठन और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन किया है। इधर, चढ़ावा मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम ने अब जांच का दायरा और व्यापक कर दिया है। जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी अब राम मंदिर से जुड़े प्रमुख आयोजनों में हुए खर्च का भी परीक्षण कर रही है। विशेष रूप से 22 जनवरी 2024 को आयोजित प्राण प्रतिष्ठा समारोह और नवंबर 2025 में हुए ध्वजारोहण कार्यक्रम से संबंधित बिल, भुगतान और वित्तीय दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है।
उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर लगभग 113 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि ध्वजारोहण कार्यक्रम पर करीब 10.12 करोड़ रुपये का व्यय दर्ज किया गया। जांच एजेंसियां इन खर्चों से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर रही हैं ताकि वित्तीय प्रक्रिया की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके। हालांकि, जांच अभी जारी है और किसी भी प्रकार की अंतिम टिप्पणी या निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार चंपत राय का इस कथित मामले से कोई व्यक्तिगत या चारित्रिक संबंध नहीं हो सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि प्रशासनिक स्तर पर कुछ चूक हुई होगी, जिसका फायदा कुछ लोगों ने उठाया। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की व्यवस्था लागू की जाएगी।
उधर, ट्रस्ट में नए महासचिव के रूप में कृष्ण मोहन दास ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। ट्रस्ट प्रशासन का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह जारी रहेगी और आवश्यक प्रशासनिक सुधार भी किए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो। वहीं, मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड भी मिली है। जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच विश्व हिंदू परिषद ने भी चंपत राय को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। संगठन का कहना है कि जब तक किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप जांच में सिद्ध नहीं हो जाते, तब तक उसके खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं होगा। इसी कारण चंपत राय संगठन में अपनी वर्तमान जिम्मेदारी पर बने रहेंगे।
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर चंपत राय की पहली प्रतिक्रिया, बोले- SIT की अंतिम रिपोर्ट के बाद दूंगा हर सवाल का जवाब
Digital Desk
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर श्रीरामचरितमानस की एक प्रसिद्ध चौपाई साझा करते हुए संकेत दिया कि कठिन समय में धैर्य और सत्य की परीक्षा होती है। इसके साथ ही उन्होंने रामभक्तों के नाम एक हस्तलिखित पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि वह फिलहाल किसी भी आरोप का जवाब नहीं देंगे और विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे। चंपत राय ने अपने संदेश में लिखा कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं, लेकिन उन्होंने जांच की निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए मौन रहने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि ट्रस्ट की बैठक में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी, जिसके बाद उससे जुड़ी कई जानकारियां सार्वजनिक हो गईं। उन्होंने भरोसा जताया कि अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद सभी तथ्यों के साथ जवाब दिया जाएगा और सच्चाई सभी के सामने होगी।
अपने पत्र में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 1991 में उन्हें संगठन की ओर से अयोध्या की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और तब से लेकर अब तक का उनका सार्वजनिक जीवन पूरी तरह पारदर्शी रहा है। उन्होंने कहा कि दशकों के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने हमेशा संगठन और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन किया है। इधर, चढ़ावा मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम ने अब जांच का दायरा और व्यापक कर दिया है। जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी अब राम मंदिर से जुड़े प्रमुख आयोजनों में हुए खर्च का भी परीक्षण कर रही है। विशेष रूप से 22 जनवरी 2024 को आयोजित प्राण प्रतिष्ठा समारोह और नवंबर 2025 में हुए ध्वजारोहण कार्यक्रम से संबंधित बिल, भुगतान और वित्तीय दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है।
उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर लगभग 113 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि ध्वजारोहण कार्यक्रम पर करीब 10.12 करोड़ रुपये का व्यय दर्ज किया गया। जांच एजेंसियां इन खर्चों से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर रही हैं ताकि वित्तीय प्रक्रिया की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके। हालांकि, जांच अभी जारी है और किसी भी प्रकार की अंतिम टिप्पणी या निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार चंपत राय का इस कथित मामले से कोई व्यक्तिगत या चारित्रिक संबंध नहीं हो सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि प्रशासनिक स्तर पर कुछ चूक हुई होगी, जिसका फायदा कुछ लोगों ने उठाया। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की व्यवस्था लागू की जाएगी।
उधर, ट्रस्ट में नए महासचिव के रूप में कृष्ण मोहन दास ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। ट्रस्ट प्रशासन का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह जारी रहेगी और आवश्यक प्रशासनिक सुधार भी किए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो। वहीं, मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड भी मिली है। जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच विश्व हिंदू परिषद ने भी चंपत राय को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। संगठन का कहना है कि जब तक किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप जांच में सिद्ध नहीं हो जाते, तब तक उसके खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं होगा। इसी कारण चंपत राय संगठन में अपनी वर्तमान जिम्मेदारी पर बने रहेंगे।
