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गुजरात के कच्छ में 1180 करोड़ की कोकीन जब्त, तीन विदेशी गिरफ्तार
नेशनल डेस्क
ब्राजील से आए कंटेनर में छिपी थी 118 किलो ड्रग्स की खेप, दिल्ली डिलीवरी की थी योजना
गुजरात के कच्छ जिले में मुंद्रा पोर्ट के पास सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए करीब 1180 करोड़ रुपये कीमत की 118 किलो कोकीन जब्त की है। इस मामले में तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी समुद्र में कूदकर फरार हो गया। यह खेप ब्राजील से होते हुए भारत पहुंची थी और इसे दिल्ली तक पहुंचाने की योजना थी। इस कार्रवाई ने देश के तटीय सुरक्षा तंत्र और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता
गुजरात पुलिस, एटीएस और भारतीय कोस्ट गार्ड ने मुंद्रा पोर्ट के पास संयुक्त अभियान चलाकर इस खेप को पकड़ा। गुजरात के डीजीपी डॉ. केएलएन राव के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर समुद्री क्षेत्र में संदिग्ध जहाज पर नजर रखी जा रही थी। यह जहाज ब्राजील, लैटिन अमेरिका, मेक्सिको, अमेरिका और कराची होते हुए गुजरात के तट तक पहुंचा था। एजेंसियों ने जैसे ही संदिग्ध गतिविधियां देखीं, तुरंत कार्रवाई करते हुए जहाज को घेर लिया गया और तलाशी शुरू की गई।
समुद्र में फेंके जा रहे थे ड्रग पैकेट
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि जहाज पर मौजूद चालक दल समुद्र में संदिग्ध बैग फेंक रहा था। आशंका है कि यह सबूत नष्ट करने की कोशिश थी। कोस्ट गार्ड ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्षेत्र को घेर लिया और देर रात ऑपरेशन चलाकर जहाज को अपने नियंत्रण में ले लिया। बाद में तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में कोकीन बरामद की गई।
तीन विदेशी गिरफ्तार, एक फरार
इस मामले में अब तक तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्लैविन चुकवुमा (तंजानिया) और ब्यारुहांगा जेम्स (युगांडा) के रूप में हुई है। इसके अलावा एक नाइजीरियाई नागरिक जुम्मा नासिर उमर को भी पकड़ा गया है। वहीं, एक अन्य आरोपी समुद्र में कूदकर फरार हो गया, जिसकी तलाश अभी भी जारी है। सुरक्षा एजेंसियां उसे पकड़ने के लिए समुद्री क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
दिल्ली कनेक्शन की जांच
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह ड्रग्स खेप दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में रहने वाले दो व्यक्तियों तक पहुंचाई जानी थी। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी इस नेटवर्क के पूरे रूट और भारत में इसके वितरण तंत्र की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक खेप नहीं, बल्कि एक संगठित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसमें कई देशों के लोग शामिल हैं।
समुद्री सुरक्षा पर सवाल
मुंद्रा तट से करीब 5 नॉटिकल मील दूर यह जहाज लंगर डाले हुए था। कोस्ट गार्ड ने घंटों तक इसकी निगरानी की और संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि के बाद कार्रवाई की। यह घटना एक बार फिर भारत की समुद्री सीमा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब तस्कर अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल कर लगातार नई रणनीतियां अपना रहे हैं।
पहले भी हो चुकी है बड़ी बरामदगी
यह पहली बार नहीं है जब गुजरात में इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स पकड़ी गई है। इससे पहले अप्रैल 2025 में पोरबंदर के पास 300 किलो ड्रग्स जब्त की गई थी, जिसकी कीमत लगभग 1800 करोड़ रुपये आंकी गई थी। उस मामले में भी तस्करों ने समुद्र में ड्रग्स फेंककर भागने की कोशिश की थी, लेकिन कोस्ट गार्ड ने सफलतापूर्वक खेप बरामद कर ली थी।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क दक्षिण अमेरिका से लेकर अफ्रीका और भारत तक फैला हुआ है। ब्राजील और मेक्सिको जैसे देशों से आने वाले कंटेनरों का इस्तेमाल अक्सर ऐसे अवैध कारोबार के लिए किया जाता है। जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि भारत में इस खेप को प्राप्त करने वाला स्थानीय नेटवर्क कौन था और इसकी फाइनेंसिंग कैसे हो रही थी।
गुजरात एटीएस और कोस्ट गार्ड की टीमें संयुक्त रूप से इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और डिजिटल सबूत भी खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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गुजरात के कच्छ में 1180 करोड़ की कोकीन जब्त, तीन विदेशी गिरफ्तार
नेशनल डेस्क
गुजरात के कच्छ जिले में मुंद्रा पोर्ट के पास सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए करीब 1180 करोड़ रुपये कीमत की 118 किलो कोकीन जब्त की है। इस मामले में तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी समुद्र में कूदकर फरार हो गया। यह खेप ब्राजील से होते हुए भारत पहुंची थी और इसे दिल्ली तक पहुंचाने की योजना थी। इस कार्रवाई ने देश के तटीय सुरक्षा तंत्र और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता
गुजरात पुलिस, एटीएस और भारतीय कोस्ट गार्ड ने मुंद्रा पोर्ट के पास संयुक्त अभियान चलाकर इस खेप को पकड़ा। गुजरात के डीजीपी डॉ. केएलएन राव के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर समुद्री क्षेत्र में संदिग्ध जहाज पर नजर रखी जा रही थी। यह जहाज ब्राजील, लैटिन अमेरिका, मेक्सिको, अमेरिका और कराची होते हुए गुजरात के तट तक पहुंचा था। एजेंसियों ने जैसे ही संदिग्ध गतिविधियां देखीं, तुरंत कार्रवाई करते हुए जहाज को घेर लिया गया और तलाशी शुरू की गई।
समुद्र में फेंके जा रहे थे ड्रग पैकेट
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि जहाज पर मौजूद चालक दल समुद्र में संदिग्ध बैग फेंक रहा था। आशंका है कि यह सबूत नष्ट करने की कोशिश थी। कोस्ट गार्ड ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्षेत्र को घेर लिया और देर रात ऑपरेशन चलाकर जहाज को अपने नियंत्रण में ले लिया। बाद में तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में कोकीन बरामद की गई।
तीन विदेशी गिरफ्तार, एक फरार
इस मामले में अब तक तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्लैविन चुकवुमा (तंजानिया) और ब्यारुहांगा जेम्स (युगांडा) के रूप में हुई है। इसके अलावा एक नाइजीरियाई नागरिक जुम्मा नासिर उमर को भी पकड़ा गया है। वहीं, एक अन्य आरोपी समुद्र में कूदकर फरार हो गया, जिसकी तलाश अभी भी जारी है। सुरक्षा एजेंसियां उसे पकड़ने के लिए समुद्री क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
दिल्ली कनेक्शन की जांच
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह ड्रग्स खेप दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में रहने वाले दो व्यक्तियों तक पहुंचाई जानी थी। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी इस नेटवर्क के पूरे रूट और भारत में इसके वितरण तंत्र की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक खेप नहीं, बल्कि एक संगठित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसमें कई देशों के लोग शामिल हैं।
समुद्री सुरक्षा पर सवाल
मुंद्रा तट से करीब 5 नॉटिकल मील दूर यह जहाज लंगर डाले हुए था। कोस्ट गार्ड ने घंटों तक इसकी निगरानी की और संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि के बाद कार्रवाई की। यह घटना एक बार फिर भारत की समुद्री सीमा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब तस्कर अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल कर लगातार नई रणनीतियां अपना रहे हैं।
पहले भी हो चुकी है बड़ी बरामदगी
यह पहली बार नहीं है जब गुजरात में इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स पकड़ी गई है। इससे पहले अप्रैल 2025 में पोरबंदर के पास 300 किलो ड्रग्स जब्त की गई थी, जिसकी कीमत लगभग 1800 करोड़ रुपये आंकी गई थी। उस मामले में भी तस्करों ने समुद्र में ड्रग्स फेंककर भागने की कोशिश की थी, लेकिन कोस्ट गार्ड ने सफलतापूर्वक खेप बरामद कर ली थी।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क दक्षिण अमेरिका से लेकर अफ्रीका और भारत तक फैला हुआ है। ब्राजील और मेक्सिको जैसे देशों से आने वाले कंटेनरों का इस्तेमाल अक्सर ऐसे अवैध कारोबार के लिए किया जाता है। जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि भारत में इस खेप को प्राप्त करने वाला स्थानीय नेटवर्क कौन था और इसकी फाइनेंसिंग कैसे हो रही थी।
गुजरात एटीएस और कोस्ट गार्ड की टीमें संयुक्त रूप से इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और डिजिटल सबूत भी खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
