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ऋषिकेश में डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने श्री श्री रविशंकर से की मुलाकात, लिया आशीर्वाद
डिजिटल डेस्क
आध्यात्म, सेवा और समाज पर हुई चर्चा; जीवन में नैतिक मूल्यों और नेतृत्व में आध्यात्मिक दृष्टिकोण पर दिया जोर
उत्तराखंड के ऋषिकेश में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर से डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान दोनों के बीच आध्यात्म, सेवा और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। यह मुलाकात शांत और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुई, जहां जीवन के मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों पर विचार साझा किए गए।
मुलाकात के दौरान डॉ. भार्गव मल्लप्पा और श्री श्री रविशंकर ने आंतरिक शांति, नैतिकता और व्यक्ति की समाज में भूमिका जैसे विषयों पर बातचीत की। श्री श्री रविशंकर ने जीवन और नेतृत्व में आध्यात्मिक सोच को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि इससे न केवल व्यक्तिगत विकास होता है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन भी संभव है।
डॉ. मल्लप्पा ने इस मुलाकात को अपने जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक संवाद व्यक्ति को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और जीवन की दिशा को स्पष्ट करते हैं। उनके अनुसार, आज के समय में जब भौतिकता हावी है, तब आध्यात्मिक मार्गदर्शन का महत्व और बढ़ जाता है।
उन्होंने अपने वक्तव्य में “धर्मो रक्षति रक्षितः” श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन जीने का सिद्धांत है। उनका कहना था कि जब व्यक्ति सत्य, कर्तव्य और सही आचरण का पालन करता है, तो वही मूल्य उसे कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने की शक्ति देते हैं।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब समाज में नैतिक मूल्यों और सामूहिक जिम्मेदारी पर लगातार चर्चा हो रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के संवाद सार्वजनिक जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होते हैं और लोगों को समाज के प्रति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हैं।
मुलाकात के अंत में डॉ. मल्लप्पा ने श्री श्री रविशंकर से आशीर्वाद प्राप्त किया और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह मुलाकात न केवल व्यक्तिगत स्तर पर प्रेरणादायक रही, बल्कि सामाजिक सरोकारों को लेकर भी एक महत्वपूर्ण संदेश देती है।
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ऋषिकेश में डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने श्री श्री रविशंकर से की मुलाकात, लिया आशीर्वाद
डिजिटल डेस्क
उत्तराखंड के ऋषिकेश में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर से डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान दोनों के बीच आध्यात्म, सेवा और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। यह मुलाकात शांत और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुई, जहां जीवन के मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों पर विचार साझा किए गए।
मुलाकात के दौरान डॉ. भार्गव मल्लप्पा और श्री श्री रविशंकर ने आंतरिक शांति, नैतिकता और व्यक्ति की समाज में भूमिका जैसे विषयों पर बातचीत की। श्री श्री रविशंकर ने जीवन और नेतृत्व में आध्यात्मिक सोच को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि इससे न केवल व्यक्तिगत विकास होता है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन भी संभव है।
डॉ. मल्लप्पा ने इस मुलाकात को अपने जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक संवाद व्यक्ति को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और जीवन की दिशा को स्पष्ट करते हैं। उनके अनुसार, आज के समय में जब भौतिकता हावी है, तब आध्यात्मिक मार्गदर्शन का महत्व और बढ़ जाता है।
उन्होंने अपने वक्तव्य में “धर्मो रक्षति रक्षितः” श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन जीने का सिद्धांत है। उनका कहना था कि जब व्यक्ति सत्य, कर्तव्य और सही आचरण का पालन करता है, तो वही मूल्य उसे कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने की शक्ति देते हैं।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब समाज में नैतिक मूल्यों और सामूहिक जिम्मेदारी पर लगातार चर्चा हो रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के संवाद सार्वजनिक जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होते हैं और लोगों को समाज के प्रति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हैं।
मुलाकात के अंत में डॉ. मल्लप्पा ने श्री श्री रविशंकर से आशीर्वाद प्राप्त किया और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह मुलाकात न केवल व्यक्तिगत स्तर पर प्रेरणादायक रही, बल्कि सामाजिक सरोकारों को लेकर भी एक महत्वपूर्ण संदेश देती है।
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